एआई की सीईओ बनी बेटे की कातिल

एआई की सीईओ बनी बेटे की कातिल – भाग 3

पुलिस को झूठी सूचना देने से ले कर, सूटकेस में अपने बेटे के शव को घंटों टैक्सी में बैठे रहना उस के भयावह और जघन्य अपराध के दौरान सूचना सेठ का धीरज और संयम एक ऐसे व्यक्ति का क्रूर और भयावह चेहरे को प्रस्तुत करता है, जिसे एक स्त्री और एक मां दोनों के रूप में समझना मुश्किल है. यह वारदात इस बात को जाहिर करती है कि आखिर कैसे दंपति के तलाक के खौफनाक अंजाम ने एक 4 वर्षीय मासूम की बेरहमी से जान ले ली.

पुलिस ने जकार्ता (इंडोनेशिया) में नौकरी कर रहे वेंकट रमन को बेटे की हत्या की खबर दे कर गोवा के कलंगुट थाने बुला लिया.

सूचना सेठ और उस के पति वेंकट रमन का कलंगुट पुलिस स्टेशन में 13 जनवरी, 2024 को आमना सामना हुआ. सूचना सेठ और उस के पति ने एकदूसरे से मिलने की इच्छा जताई थी. पुलिस ने दोनों को 15 मिनट एकदूसरे से मिलने की इजाजत दी थी.

थाने में सेठ ने क्या कहा रमन से

इस दौरान अपने मासूम बेटे की कातिल मां सूचना सेठ ने अपने पति से कहा, ”जब तक मैं पुलिस कस्टडी में हूं, तुम आजाद हो. तुम्हारे ही कारण आज मेरी ऐसी हालत हुई है.’’

उस के द्वारा यह आरोप लगाने पर भड़ास निकालते हुए वेंकट रमन ने कहा, ”जब तुम ने बेटे को नहीं मारा तो उस की मौत अपने आप कैसे हो गई.’’

चिन्मय के पिता वेंकट रमन 13 जनवरी, 2024 को अपना बयान दर्ज कराने के लिए गोवा के कलंगुट पुलिस स्टेशन पहुंचा था. बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद वेंकट रमन 9 जनवरी, 2024 को भारत आया था और 10 जनवरी, 2024 को उस ने बेंगलुरु में अपने बेटे का अंतिम संस्कार किया था.

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वेंकट रमन के वकील अजहर मीर ने कहा कि सूचना सेठ को सजा मिले या जमानत मिले कोई फर्क नहीं पड़ता. अजहर मीर ने 13 जनवरी, 2024 को मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि दंपति के बीच पिछले एक साल से बेंगलुरु के फैमिली कोर्ट में बच्चे की कस्टडी की लड़ाई चल रही थी. इस पर फैमिली कोर्ट ने पिता वेंकट रमन को बच्चे से फोन या वीडियो काल के माध्यम से बात करने की इजाजत दे दी थी.

नवंबर 2023 में कोर्ट ने पिता को बच्चे से हर रविवार घर पर मिलने की इजाजत भी दे दी थी. हालांकि इस पर सूचना सेठ ने कहा था पिता को अपने बेटे से किसी कैफे में मिलना चाहिए.

वेंकट रमन 7 जनवरी, 2024 को यानी कि रविवार के दिन चिन्मय से मिलने वाला था. सूचना सेठ ने 6 जनवरी, 2024 को वेंकट रमन को एक मैसेज भेज कर कहा था कि यदि वह चिन्मय से मिलना चाहता है तो कल यानी 7 जनवरी को आ जाए. वेंकट बेटे से मिलने सूचना सेठ के घर गया तो वहां दोनों में से कोई नहीं मिला. तब उस ने सूचना सेठ को फोन किया.

सूचना सेठ ने काल रिसीव नहीं की. तब वेंकट ने वहीं पर उन का काफी देर इंतजार किया. सेठ नहीं आई तो वह उसी दिन इंडोनेशिया चला गया. सूचना सेठ वेंकट रमन को पिछले 5 रविवार से अपने बच्चे को मिलने ही नहीं दे रही थी.

वकील अजहर ने कहा कि उन का मुवक्कित वेंकट रमन अपने बेटे के लिए अपनी जान भी दे सकता था, जो अब इस दुनिया में नहीं है. अब सूचना सेठ को सजा हो या बेल मिले, इस से वेंकट रमन को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

गोवा पुलिस को कातिल मां सूचना सेठ के बैग से एक टिश्यू पेपर पर लिखा एक नोट भी बरामद हुआ है. इस पेपर पर सूचना सेठ ने लिखा है, ‘मेरे बच्चे की कस्टडी को ले कर कोर्ट और मेरे हसबैंड दबाव बना रहे हैं. मेरा हसबैंड हिंसक है. मैं उसे एक दिन के लिए भी अपना बच्चा नहीं दे सकती.’

गोवा पुलिस ने बताया कि टिश्यू पेपर पर आईलाइनर या काजल पेंसिल से नोट लिखा गया है. सूचना सेठ ने नोट लिख कर उसे फाड़ दिया था. पुलिस ने टिश्यू पेपर के टुकड़ों को जोड़ कर उस में लिखा गया मैसेज पढ़ा. गोवा पुलिस का मानना है कि यह एक सुसाइड नोट हो सकता है, क्योंकि सूचना सेठ ने अपने बेटे चिन्मय की हत्या के बाद अपने बाएं हाथ की नस काट ली थी.

पुलिस ने होटल के कमरा नंबर 404 से चाकू, तौलिया, तकिया और एक लाल बैग जब्त किया था. पुलिस ने सूचना सेठ को भादंवि की धारा 302, 201 के तहत गिरफ्तार कर मापुसा शहर की अदालत में पेश किया, जहां से उसे 6 दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया था. कहानी लिखे जाने तक पुलिस सूचना सेठ से पूछताछ में लगी थी.

—कथा पुलिस सूत्रों व जनचर्चा पर आधारित है. घटनाओं का नाट्य रूपांतरण किया गया है.

व्यक्तिगत शिकायतें पैदा करती हैं कलह

डा. गौरव गुप्ता, मनोचिकित्सक (दिल्ली)

सूचना सेठ के इस खौफनाक कदम ने लोगों को सन्न कर के रख दिया है. इस संबंध में दिल्ली के मनोचिकित्सक डा. गौरव गुप्ता से विस्तृत बातचीत की गई.

डा. गौरव गुप्ता ने 1997 में मौलाना आजाद मैडिकल कालेज से एमबीबीएस और लेडी हार्डिंग मैडिकल कालेज से एमडी की पढ़ाई की थी. वह मनोचिकित्सा में मनोसामाजिक पुनर्वास में विशिष्ट कार्य का नेतृत्व करने के लिए प्रसिद्ध हैं.

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सूचना सेठ द्वारा अपने मासूम बच्चे की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए डा. गौरव गुप्ता कहते हैं कि एक मां के प्यार का कोई मोल नहीं होता और उस के लिए बेटे की खुशी से बढ़ कर कुछ और नहीं होता. मां और बेटे के अनोखे प्यार को शब्दों में बयां कर पाना काफी मुश्किल भरा काम है.

एक मां द्वारा अपने बेटे की हत्या करने से बुरा कुछ भी नहीं है. यह मां और शिशु के बीच सुरक्षा की भावना के खिलाफ व्यवहार है. इस तरह के व्यवहार को समझने के लिए किसी की पूरी मनोदशा समझनी जरूरी होती है.

वे आगे बताते हैं कि टेंशन, डिप्रेशन, व्यक्तिगत मुश्किलें, आर्थिक स्थिति, सामाजिक दशा और विपरीत परिस्थितियां कुछ ऐसे कारक होते हैं, जिन की वजह से किसी व्यक्ति का तनाव सीमा से अधिक बढ़ सकता है. अगर कोई मां इन तनावों से जूझ रही है और वह ऐसी परिस्थितियों से निपट नहीं पा रही है तो उस के भीतर अपने बच्चे की देखभाल करने की उस की अपनी क्षमता खत्म हो सकती है. अवसाद से ग्रस्त होने पर वह अपने साथसाथ अपने बच्चे के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है.

उन्होंने बताया कि तलाक और कस्टडी की लड़ाई के दौरान कम्युनिकेशन होना अत्यंत आवश्यक होता है. ऐसी स्थिति में बच्चों की देखभाल को प्राथमिकता दें. अपने बच्चे की भलाई को प्राथमिकता देने के लिए सम्मानजनक संवाद बनाए रखें. अपने आपसी विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता अथवा परामर्श लेना जरूरी है.

अपनी आपस की व्यक्तिगत शिकायतों के बजाय बच्चे की जरूरतों पर ध्यान दें. बच्चों के लालनपालन के लिए फ्लेक्सिबल रहें, बहस और अदालती काररवाई के दौरान अपनी भावनाओं पर पूरी तरह से नियंत्रण रखें. कानूनी मकसद के लिए दस्तावेजों का खयाल रखें और अपने मार्गदर्शन के लिए वकील की मदद लें व तनाव से बचने के लिए अपनी सेहत का खयाल रखें. क्योंकि तनाव और गुस्से में उठाया गया कदम जीवन भर का पछतावा दे सकता है.

एआई की सीईओ बनी बेटे की कातिल – भाग 2

रिसैप्शनिस्ट ने डिसूजा से पूछा कि क्या वह बेंगलुरु के लिए जा सकता है? एक महिला पैसेंजर कैब से गोवा से बेंगलुरु जाना चाहती है.

7 जनवरी को रविवार का दिन था, अमूमन डिसूजा संडे को अपने परिवार के साथ ही रहता था. आमतौर पर डिसूजा अपनी कैब इतनी दूर नहीं ले जाता था, लेकिन डिसूजा को नाइट शिफ्ट बहुत पसंद थी. रात को कैब चलाना उसे अच्छा लगता था. क्योंकि तब सड़कें खाली हुआ करती हैं.

क्योंकि पैसेंजर को बेंगलुरु छोड़ कर उसे वापस आना था, इसलिए डिसूजा ने वापसी का किराया भी जोड़ कर कुल 30 हजार रुपए की मांग की थी. साथ ही उस ने यह भी कहा था कि चूंकि उसे गोवा अकेले वापस आना है, इसलिए वह अपने साथ एक साथी ड्राइवर को भी ले कर आएगा. इस के बाद सौदा तय हो गया.

इस के बाद सूचना सेठ के कहने पर रिसैप्शनिस्ट ने कैब ड्राइवर से कहा कि वह ठीक 12 बजे अपनी कैब ले कर होटल पहुंच जाए.

इस बीच 10 जनवरी, 2024 को मासूम चिन्मय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई थी. पोस्टमार्टम करने वाले डा. कुमार नाइक के अनुसार बच्चे का गला घोंट कर हत्या की गई थी. रिपोर्ट के अनुसार तकिया या तौलिए का इस्तेमाल गला घोंटने के दौरान किया गया था. बच्चे का चेहरा और छाती सूजी हुई थी और उस की नाक से खून भी बह रहा था.

पुलिस ने क्राइम सीन क्यों किया रीक्रिएट

12 जनवरी, 2024 को गोवा पुलिस (Goa Police) सूचना सेठ को ले कर क्राइम स्पौट गोवा के सोल बनयान ग्रांड होटल के कमरा नंबर 404 में पहुंची.

वारदात वाली जगह पर पुलिस ने क्राइम सीन को रीक्रिएट किया और हत्या के मामले में गहराई से जांच की. सूचना सेठ के कमरे से गोवा पुलिस को कफ सिरप की 2 खाली शीशियां भी मिलीं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक बेटे की हत्या से पहले सूचना सेठ ने उसे नशे की भारी डोज दी थी.

पोस्टमार्टम करने वाले डा. कुमार नाइक ने रिपोर्ट में बताया कि बच्चे की ओर से विरोध करने का कोई भी निशान नहीं मिला था. शायद बच्चा भारी नशे में था. उस के बाद सूचना सेठ ने बच्चे का तकिए से नाक मुंह दबा कर या किसी कपड़े के सहारे गला घोंट दिया था.

बच्चे की हत्या के बाद जब सूचना सेठ को चित्रदुर्ग से गिरफ्तार किया गया था तो उस समय पुलिस ने जब उस का बैग खुलवाया तो उस में कुछ नहीं मिला था. हालांकि पुलिस ने जब उस बैग में से कपड़े निकाले तो खिलौनों के बीच उस के बेटे का शव बरामद हुआ था.

इस बीच सूचना सेठ का मैडिकल भी कराया गया और साथ ही उस की जांच मनोचिकित्सिक से भी कराई गई.

आखिर कौन है सूचना सेठ?

अपने 4 साल के बेटे की हत्या करने वाली सूचना सेठ बंगाल की रहने वाली है. उस ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से एस्ट्रोफिजिक्स के साथ प्लाज्मा फिजिक्स की डिग्री भी हासिल की है. उस ने भौतिकी में मास्टर्स की. इस के बाद सूचना सेठ ने साल 2008 में फस्र्ट क्लास औनर्स हासिल किया था.

सूचना सेठ ने बेंगलुरु में बूमरेंग कामर्स में सीनियर डेटा साइंटिस्ट का पद भी संभाला था. वह औप्टिमाइजेशन और इंटेलिजेंस के लिए डेटा संचालित उत्पादों को डिजाइन भी करती थी. उस ने यहीं पर 2 पेटेंट भी दाखिल किए.

सूचना सेठ इनोवेशन लैब्स के साथ भी जुड़ी थी और डेटा साइंसेज ग्रुप में सीनियर एनालिस्ट कंसलटेंट के रूप में भी काम किया. वर्तमान में सूचना सेठ ‘द माइंडफुल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Mindful AI Lab) की सीईओ थी. सूचना सेठ पिछले 4 साल से भी अधिक समय से इस लैब का नेतृत्व कर रही थी.

उस ने 2 साल तक बर्कमैन क्लेन सेंटर में भी काम किया है. इस के अलावा वह बोस्टन, मैसाचुसेट्स में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में काम कर चुकी है. सूचना सेठ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र की दुनिया की 100 शीर्ष महिलाओं में शामिल है.

उन के दांपत्य में क्यों पड़ी दरार

नवंबर 2010 में सूचना सेठ का विवाह वेंकट रमन से कोलकाता में हुआ था, लेकिन वैवाहिक जीवन असफल रहा था. वह और वेंकट रमन बेंगलुरु में एकदूसरे से मिले थे, तब दोनों की उम्र तकरीबन 20 वर्ष थी. दोनों की महत्त्वाकांक्षाएं व तकनीक के प्रति उत्साह दोनों को सिलिकौन वैली ले आया, जिस ने उन के रोमांस को भी परवान चढ़ाया. सूचना सेठ पश्चिम बंगाल से थी, जबकि वेंकट रमन केरल से, परंतु दोनों का आकर्षण एकदूसरे के प्रति शुरू से ही रहा.

9 सालों की शादी में इस दंपति के घर में अगस्त 2019 को एकमात्र बेटे के रूप में चिन्मय का जन्म हुआ था. दंपति से परिवार बनना उन के जीवन का एक नया और सुखद अध्याय था, लेकिन दुर्भाग्य से यह एक अलगाव का कारण बन गया. चिन्मय के जन्म ने उन दोनों के बीच एक गहरी खाई को जन्म दे दिया था.

पहले से ही इस तनावपूर्ण स्थिति को कोविड लौकडाउन ने और बढ़ा दिया, जिस ने उन दोनों को नवजात शिशु के साथ घर में ही कैद कर के रख दिया था. उन दोनों के आपसी संबंध दिन प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे थे. अगस्त 2022 में दोनों का रिश्ता पूरी तरह से टूट चुका था.

8 अगस्त, 2022 को दर्ज हुए मामले में सूचना सेठ ने अपने पति वेंकट रमन पर उसे और उस के बेटे को प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था. उस ने कोर्ट में सबूत के तौर पर वाट्सऐप मैसेज, फोटो और मैडिकल रिकौर्ड की तसवीरें पेश की थीं.

हालांकि वेंकट रमन ने कोर्ट में अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इंकार किया, लेकिन अदालत ने वेंकट रमन के खिलाफ रिस्ट्रेनिंग और्डर जारी कर दिया था यानी उसे सूचना सेठ के घर में प्रवेश करने पर रोक लगा दी थी.

इस के अलावा किसी भी माध्यम से संपर्क करने की रोक भी लगा दी गई थी. वेंकट रमन पर बेटे से फोन या किसी भी माध्यम से संपर्क करने की रोक लगा दी गई थी. कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 29 जनवरी, 2024 तक के लिए स्थगित कर दी थी.

इस कानूनी लड़ाई के बीच अपने संरक्षण में बेटे को पा कर सूचना सेठ अपने जीवन में आगे बढ़ती हुई दिखाई देने लगी थी. एक प्रतिष्ठित और कामकाजी एकल मां के रूप में अपने निजी जीवन को संतुलित व व्यवस्थित करते हुए अब वह एक लग्जरी अपार्टमेंट में रहने लगी थी, लेकिन तलाक की कड़वाहट उस के जीवन में बढ़ती ही जा रही थी.

अब सूचना सेठ ने अधिक कमाई का हवाला देते हुए अपने पूर्व पति वेंकट रमन से पर्याप्त भरण पोषण की मांग कर दी थी, जबकि वह अब तक कम भरण पोषण दे रहा था और बेटे से मिलना चाह रहा था, जिसे सूचना सेठ दिन बदिन मुश्किल बनाती चली जा रही थी.

वैसे यदि देखा जाए तो तलाक आज के युग में कोई असामान्य बात नहीं है, लेकिन इस में कठिनाइयां, प्रताडऩाएं काफी जटिल होती हैं और कभी कभी तो यह हिंसा का कारण भी बन जाती है.

दिसंबर 2023 में अदालत ने आदेश जारी कर के वेंकट रमन को हर रविवार अपने बेटे से मिलने की अनुमति दे दी थी. अचानक अदालत द्वारा आए इस अप्रत्याशित फैसले से सूचना सेठ एकदम से परेशान हो कर अपना मानसिक संतुलन खोने लगी थी. उस ने अब अपने घर वालों से वेंकट रमन के लिए जहर उगलना शुरू कर दिया था कि वेंकट रमन अब उस के बेटे को उस से छीन लेना चाहता है.

दूसरी ओर उस का बेटा चिन्मय भी अपने पिता के बिना काफी खालीपन सा महसूस करता था और अपनी मम्मी सूचना सेठ से अकसर अपने पापा वेंकट रमन के बारे में बातें किया करता था और साथ ही अपने पापा से मिलने की जिद भी करने लगा था.

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जिस क्षण सूचना सेठ अपने 4 वर्षीय बेटे चिन्मय को ले कर बेंगलुरु से गोवा की फ्लाइट में सवार हुई थी, वह उस का एक पूर्व नियोजित प्लान ही था. एक होटल में ठहरी, अपने बेटे की खांसी के बहाने उस ने रिसैप्शन पर कफ सिरप मंगाने के लिए एक बड़े ही अजीब तरीके से अनुरोध किया.

इन सभी घटनाओं का यदि हम अध्ययन करें तो यह साफ साफ पता चलता है कि उस ने ये सब कुछ पहले से ही तय कर लिया था. जो कफ सिरप की खाली शीशियां होटल के कमरा नंबर 404 में मिली थीं, उन दोनों का इस्तेमाल शायद उस ने अपने अबोध बेटे को बेहोश करने के लिए किया था.

एआई की सीईओ बनी बेटे की कातिल – भाग 1

अपने बेटे चिन्मय (Chinmay) की हत्या करने वाली (Mindful AI Lab) स्टार्टअप (Startup) की सीईओ (CEO) सूचना सेठ (Suchana Seth) ने हत्या करने से पहले बेटे को  लोरी सुनाई थी. इतना ही नहीं, बच्चे की हत्या करने के बाद उस ने खुद की जान लेने की कोशिश की थी. इस के लिए उस ने अपनी कलाई की नस को भी काटा था.  लेकिन अपनी मौत के डर व पीड़ा को वह सहन न कर सकी और इस के बाद अपने बेटे के शव को खिलौने से भरे बैग में ले कर टैक्सी के सहारे भाग निकली.

8 जनवरी,  2024 को पूरे देश में एक खबर आग की तरह फैल गई थी. हर अखबार और हर न्यूज चैनल की हैडिंग में यह खबर जब आई तो उसे सुन कर व देख कर लोगों के दिल दहल उठे थे.

मानवता को तारतार कर देने वाली यह चौंका देने वाली घटना उत्तरी गोवा (Goa) के कैंडोलिम (Candolim) स्थित सोल बनयान ग्रांड होटल (Sol Banyan Grand Hotel) से सामने आई, जहां पर एक महिला को अपने ही 4 साल के मासूम बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया. आरोपी महिला 39 वर्षीय सूचना सेठ (Suchana Seth) अपने बेटे के शव को बैग में रख कर गोवा से कर्नाटक जा रही थी, तभी गोवा पुलिस ने कर्नाटक के चित्रदुर्ग से उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपी महिला कोई मामूली इंसान नहीं थी, बल्कि वह एक एआई स्टार्टअप (AI Startup) के सीईओ पद पर कार्यरत थी.

सूचना सेठ (Suchana Seth) किसी परिचय का मोहताज नहीं है, क्योंकि कामयाबी की जिस बुलंदी को इस नाम ने छुआ था, उस का कसीदा तो सारा सोशल मीडिया पढ़ ही रहा था, लेकिन इस वक्त यह नाम कसीदे के लिए नहीं पढ़ा जा रहा था, बल्कि मानवता को शर्मसार कर देने वाले एक संगीन जुर्म के सिलसिले में इस नाम की चर्चा मीडिया में हो रही थी.

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बंद कमरे में गोवा की यह वारदात मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली है. 4 साल के एक मासूम की हत्या,  हत्यारा भी कोई और नहीं बल्कि 9 महीने तक उसे कोख में पाल कर जन्म देने वाली उस की अपनी सगी मां थी.

100 प्रतिभाशाली महिलाओं में शामिल सीईओ सूचना सेठ ने अपने बेटे से कहा, ”चलो बेटा, गोवा घूमने चलते हैं.’’

4 वर्षीय चिन्मय अपनी मां की बात को सुन कर खुश हो गया था. उसे इस बात का अंदाजा बिलकुल भी नहीं था कि जो मां उस की हर सुविधा, खुशी का इतना खयाल रखती है, इतना अधिक प्यार करती है, उसे नुकसान भी पहुंचा सकती है.

होटलकर्मियों को सूचना सेठ पर क्यों हुआ शक

अपनी प्लानिंग के अनुसार सूचना सेठ अपने 4 वर्षीय बेटे चिन्मय को ले कर गोवा पहुंच गई. गोवा के कैंडोलिम इलाके के सोल बनयान ग्रांड होटल में उस ने एक कमरा बुक कराया. वह बेटे को ले कर इस होटल में 6 जनवरी, 2024 को आ आ गई.

पूरा दिन और पूरी रात वह बेटे के साथ होटल में रही. इस के बाद मौका देख कर उस ने अपने बेटे की हत्या कर डाली. हत्या करने के बाद उस ने बेटे के शव को एक बैग में रखा और कैब से भागने की कोशिश करने लगी.

8 जनवरी की सुबह सूचना सेठ होटल से चेक आउट करने लगी. चेक आउट करने के दौरान होटल के स्टाफ ने पूछा, ”मैम, आप के साथ तो आप का बेटा भी इस होटल में 6 जनवरी को आया था, मगर अभी वह आप के साथ नहीं है.’’

”भैया,  बेटे को मैं ने अपने एक रिश्तेदार के साथ सुबह ही भेज दिया है. अब आप प्लीज एक कैब बुलवा लीजिए, मैं बेंगलुरु कैब से जाना चाहती हूं.’’ सूचना सेठ ने कहा.

”मैम कैब से तो आप को बहुत अधिक समय लग सकता है. यदि आप कहें तो बेंगलुरु के लिए आप की फ्लाइट में सीट बुक कर दें?’’ रिसैप्शनिस्ट ने कहा.

”देखो भैया, मैं ने आप से पहले भी कहा था कि मैं फ्लाइट से नहीं जाना चाहती हूं. गोवा और बेंगलुरु के बीच हमारे कई जानपहचान वाले लोग रहते हैं, इसलिए मैं और मेरा बेटा उन से इसी बहाने थोड़े समय के लिए मिल भी सकते हैं. आप तो जल्दी से कोई कैब मंगवा दीजिए. कैब में ही अपने बेटे के साथ बेंगलुरु जाना चाहती हूं.’’ सूचना ने सीधेसीधे रिसैप्शनिस्ट को आदेश दे दिया.

30 हजार रुपए में कैब कर के वह बेंगलुरु के लिए चल दी. कैब ड्राइवर रौय जौन साथ में अपने एक ड्राइवर दोस्त को भी ले गया था.

रिसैप्शनिस्ट ने कैब मंगवा ली और सूचना सेठ अपने सामान के साथ कैब में बैठ गई. रिसैप्शस्टि को न जाने क्यों कुछ अटपटा सा लग रहा था कि यह महिला अपने बेटे को साथ में ले कर आई थी, लेकिन अब वह कहां चला गया?

फ्लाइट में जाने के बजाए यह महिला कैब में क्यों जा रही है? रिसैप्शनिस्ट ने अपने संदेह से फैसिलिटी मैनेजर गगन गंभीर को अवगत करा दिया कि ये कुछ अजीब सा लग रहा है.

फैसिलिटी मैनेजर गगन गंभीर तुरंत देवाशीष माझी के साथ जब रूम नंबर 404 में पहुंचे तो उन्हें वहां पर कई जगह खून के धब्बे दिखाई दिए. गगन गंभीर ने तुरंत कलंगुट पुलिस स्टेशन (Calangute Police Station) के एसएचओ को इस घटना की सूचना दे दी.

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सूचना पा कर एसएचओ परेश जी नाइक होटल के कमरा नंबर 404 में अपनी टीम के साथ पहुंच गए और वहां पर तहकीकात और पूछताछ शुरू कर दी. होटल मैनेजर ने पूछताछ में पुलिस को सारी जानकारी दे दी. इस से पहले 7 जनवरी को सूचना सेठ ने दिन में अपने बेटे के लिए कफ सिरप की 2 शीशियां भी रिसैप्शन से और्डर की थीं.

असल में कातिल मां सूचना सेठ ने गोवा से बेंगलुरु जाने के लिए जो टैक्सी बुक की थी, उसी कैब ड्राइवर रौय जौन डिसूजा की सूझबूझ से वह पुलिस की गिरफ्त में आ गई थी.

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जब इंसपेक्टर परेश नाइक ने होटल में पूछताछ करनी शुरू की तो उन्होंने वहां से पहले टैक्सी ड्राइवर का मोबाइल नंबर लिया. फिर टैक्सी ड्राइवर को फोन कर पूछा कि तुम्हारे साथ बैठी हुई महिला सूचना सेठ अकेली बैठी है या उस के साथ कोई छोटा बच्चा भी है.

ड्राइवर ने पुलिस इंसपेक्टर को बताया कि टैक्सी में सूचना सेठ अकेली बैठी हुई है. उस के बाद इंसपेक्टर ने ड्राइवर से फोन सूचना सेठ को देने को कहा. इंसपेक्टर ने सूचना सेठ से पूछा कि मैं होटल से बोल रहा हूं, आप का बेटा अब तो आप के साथ ही होगा न मैम? तब सूचना सेठ ने कहा कि मेरा बेटा फतोर्दा में मेरे एक दोस्त के पास है.

इंसपेक्टर ने पूछा कि मैम क्या आप बता सकती हैं कि आप का बेटा किस दोस्त के पास है. आप प्लीज उन का पता बता दीजिए, क्योंकि हम होटल वाले सारी चीजें अपने रजिस्टर में दर्ज करते हैं ताकि कल को कोई हमारे ऊपर किसी तरह का आरोप न लगा सके. उस के बाद सूचना सेठ ने एक पता दिया.

पुलिस ने जब उसे पते की जांच की तो वह फरजी निकला. इंसपेक्टर और टैक्सी ड्राइवर के बीच जो बातचीत हुई थी, वह कोंकणी भाषा में हो रही थी, इसलिए सूचना सेठ को टैक्सी ड्राइवर पर शक नहीं हुआ था.

अब तक पुलिस को पूरा यकीन हो चुका था कि इस मामले में कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है. इसलिए इंसपेक्टर परेश जी नाइक ने कोंकणी भाषा में एक बार फिर कैब के ड्राइवर रौय जौन डिसूजा से बातचीत की और उसे रास्ते में किसी भी पुलिस स्टेशन में पहुंच कर फोन करने के लिए कहा.

ड्राइवर थाने में क्यों ले गया टैक्सी

इस के बाद इंसपेक्टर ने यह जानकारी उत्तरी गोवा के एसपी निधिन वाल्सन को दे दी तो एसपी ने चित्रदुर्ग (Chitradurga) के एसपी से बात कर मामले से अवगत कराया.

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टैक्सी ड्राइवर रौय जौन डिसूजा अपनी टैक्सी रास्ते के ही ऐमंगला पुलिस स्टेशन (Aimangala Police Station) के भीतर ले कर घुस गया. सूचना सेठ जब तक उस से पूछती कि उस ने वहां पर क्यों रोकी है, तब तक रौय जौन डिसूजा ने इंसपेक्टर परेश जी को फोन लगा कर अपना मोबाइल फोन ऐमंगला थाने के इंचार्ज को दे दिया. ऐमंगला पुलिस ने गोवा पुलिस से बातचीत की और सूचना सेठ का पूरा सामान चैक किया तो एक बैग में सूचना सेठ के 4 साल के बेटे चिन्मय का शव बरामद हुआ.

बाद में पुलिस पूछताछ व मीडिया को जानकारी देते हुए टैक्सी ड्राइवर रौय जौन डिसूजा ने बताया कि गोवा के ‘द सोल बनयान ग्रांड’ होटल से उसे 7 जनवरी की रात 11 बजे मोबाइल पर फोन आया था. डिसूजा ग्रांड होटल के इस मोबाइल नंबर को पहचानता था, क्योंकि वह कई बार इस होटल से पर्यटकों को गोवा घुमाने लिए ले जा चुका था.