Transgender Love Story : तमन्ना भले ही हिजड़ा थी, लेकिन चाहने वाला दिल तो उस के अंदर भी था. उस की इसी चाहत का फायदा उठाया शेषपाल ने. उस के दिल में चाहत जगा कर उस का धन तो लूटा ही, धर्म भी लूट लिया. जब तमन्ना ने अपने गहने और पैसे वापस मांगे तो…
जब से ओमकार और ओमवती को पता चला था कि उन के यहां पैदा हुआ बच्चा न लड़का है न लड़की, तब से पतिपत्नी काफी परेशान रहते थे. उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज के थाना ढोलना के गांव पचगाई के रहने वाले ठाकुर ओमकार सिंह की यह चौथी संतान थी. ओमकार सिंह ने पत्नी को समझाया कि जो भी होगा देखा जाएगा, बस इतनी सावधानी रखना कि बच्चे की असलियत का किसी को पता न चलने पाए.
ओमकार और ओमवती ने बच्चे का नाम पुष्पेंद्र रखा. उन्होंने पुष्पेंद्र की असलियत अपने हिसाब से बहुत छिपाई, पर जब वह बड़ा हुआ तो उस की चालढाल और हावभाव से ही लोगों को उस की असलियत का पता चल गया. फिर वही हुआ, जिस बात का उन्हें डर था. एक दिन कासगंज की भोली किन्नर की नजर उस पर पड़ी तो उस ने उस की असलियत जान ली और उसे अपने साथ ले आई.
उस समय पुष्पेंद्र की उम्र 12-13 साल थी. अब तक उस की मां की मौत हो चुकी थी और पिता संन्यासी बन चुके थे, बड़े भाइयों की शादियां हो चुकी थीं. भाई उसे बोझ समझते थे तो उन की पत्नियां भी उस का जरा भी खयाल नहीं रखती थीं. इस तरह उस की फिक्र करने वाला कोई नहीं था, इसलिए उस ने भोली के साथ चले जाना ही उचित समझा.
भोली के घर आ कर शुरूशुरू में तो पुष्पेंद्र को यह सब बड़ा अजीब लगा, लेकिन उन के साथ रहतेरहते उसे वहां अच्छा लगने लगा. वह भी उन के जैसे कपड़े पहनने लगा और उन के साथ बधाई गाने जाने लगा, क्योंकि अब तक उसे इस बात का अहसास हो गया था कि वह भी इन्हीं लोगों जैसा है.
पुष्पेंद्र जब हिजड़ों वाले सारे कामधाम सीख गया तो भोली उसे अपने गुरु पूजा के पास ले गई, जहां पूरे रीतिरिवाज के अनुसार पुष्पेंद्र को पूजा ने अपने परिवार में शामिल कर लिया. उस का नाम रखा गया तमन्ना. तमन्ना कुछ दिनों तक तो भोली के साथ रही, उस के बाद वह अपने गुरु पूजा के साथ गंदे नाले स्थित उस के निवास पर रहने लगी.
पुष्पेंद्र उर्फ तमन्ना ने अब तक अपनी जिंदगी के सच को सहज रूप से स्वीकार कर लिया था. पूजा के संरक्षण में वह मौज से रहने लगी. वह सुंदर थी और युवा भी, इसलिए वह जहां भी बधाई गाने जाती, उस की अच्छी कमाई होती. सब कुछ बढि़या चल रहा था. लेकिन जब वह जवान हुई तो उसे साथी की जरूरत महसूस होने लगी.
उस के दिन तो आराम से कट जाते थे, पर रातों को जब वह बिस्तर पर लेटती तो भविष्य को ले कर उसे नींद नहीं आती. वह यही सोचती रहती कि आखिर उस का भविष्य क्या होगा?
प्रकृति की गलती की वजह से वह समाज से अलग हो गई थी. समाज उसे अपना नहीं मानता था. आखिर वह अपने इस दिल का क्या करे, जो हजारों चाहतें पाले था. उस का दिल चाहता था कि कोई उसे अपनी मजबूत बाहों में ले कर उसे प्यार करे. लोगों की खुशियों के लिए तमन्ना नाचतीगाती थी, उन का दिल बहलाती थी, पर उस का अपना दिल बहलाने वाला कोई नहीं था. उस का तनमन पल भर के प्यार के लिए तरसता रहता था.
कासगंज से सटे गांव बहेडि़या के रहने वाले मोहनलाल यादव के बेटे मुकेश यादव को बेटा पैदा हुआ तो तमन्ना साथियों के साथ उस के यहां बधाई गाने गई. उस ने वहां ऐसा समां बांधा कि घर वालों ने खुश हो कर उसे भी खुश कर दिया. यही नहीं, यहीं उस के जीवन में बहार आ गई. दरअसल वह मुकेश के छोटे भाई शेषपाल को भा गई थी. उस ने तमन्ना से उस का मोबाइल नंबर मांगा तो उस ने सहज रूप से उसे अपना मोबाइल नंबर दे दिया.
लेकिन घर आ कर जब तमन्ना ने शेषपाल के बारे में सोचा तो उसे लगा कि उस ने ऐसे ही उस का नंबर नहीं लिया. क्योंकि नंबर मांगते समय शेषपाल की आंखों में जो चाहत नजर आई थी, वैसी उस ने किसी की आंखों में नहीं देखी थी. अगले दिन उस की यह सोच तब सच साबित हुई, जब उस के मोबाइल पर फोन कर के शेषपाल ने कहा, मैं शेषपाल बोल रहा हूं. कौन शेषपाल? तमन्ना ने पूछा. कल जब तुम मेरे यहां बधाई गाने आई थीं, तब मैं ने तुम्हारा नंबर लिया था न? मैं तुम से मिलना चाहता हूं.
तमन्ना का दिल धड़क उठा. किसी लड़के ने पहली बार उस से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी. तमन्ना सोच में पड़ गई कि वह क्या जवाब दे. वह जवाब देने के बारे में सोच ही रही थी कि शेषपाल ने यह कह कर फोन काट दिया कि कल दोपहर को वह बाजार में उस का इंतजार करेगा. तमन्ना को उस रात नींद नहीं आई. वह इसी सोच में रात भर करवट बदलती रही कि वह उस से क्यों मिलना चाहता है? अगले दिन सजधज कर वह किसी से बिना कुछ कहे शेषपाल से मिलने बाजार पहुंच गई.
बीच बाजार में बात करना ठीक नहीं था, इसलिए शेषपाल उसे रिक्शे से शहर के बाहर ले आया. शहर से बाहर आ कर तमन्ना ने पूछा, तुम मुझे यहां क्यों ले आए हो? दिल की बात कहने के लिए. शेषपाल ने मन की बात सीधे कह दी. मैं क्या हूं, यह जानते हुए भी? तमन्ना ने कहा, मैं हिजड़ा हूं और हिजड़ों का न समाज में कोई स्थान है और न किसी के दिल में.
तमन्ना का हाथ थाम कर शेषपाल ने कहा, लेकिन मेरे दिल में है. जानती हो, कल रात से मैं सो नहीं पाया हूं. क्योंकि अब इस दिल पर मेरा वश नहीं रह गया है. मुझे अब किसी की परवाह नहीं है. न घर वालों की और न समाज की. मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि मैं तुम्हें प्यार करने लगा हूं और तुम्हें कभी धोखा नहीं दूंगा. सिर्फ प्यार करने लगे हो या उस के आगे का भी सोचा है? तुम मुझ से ब्याह कर के अपनी पत्नी बना कर मुझे अपने घर में रख सकते हो? बिलकुल रखूंगा, कसम खाता हूं. कह कर शेषपाल ने तमन्ना को बांहोें में भर लिया.
तमन्ना उस की बांहों में समा गई थी. उसे कब से एक ऐसे ही मर्द की तलाश थी. उसे लगा कि अब उस की तलाश पूरी हो गई है. शेषपाल टैंपो चलाता था. उस दिन के बाद जब भी उसे मौका मिलता, वह तमन्ना को अपने टैंपो में बैठा कर शहर से बाहर निकल जाता और एकांत में उस के साथ भविष्य के सपने सजाता.
पूजा को जब पता चला कि तमन्ना किसी लड़के के साथ घूमती है तो उस ने तमन्ना से इस बारे में पूछा. सच्चाई बताने के बजाय उस ने बात को टाल दिया. लेकिन जब एक दिन पूजा ने उसे शेषपाल के साथ देख लिया तो उस ने उसे समझाया कि मर्द हिजड़ों का सिर्फ इस्तेमाल करते हैं, उस से प्यार नहीं करते. इसलिए वह किसी मर्द के फरेब में न आए.
पूजा की इस बात पर तमन्ना ने उसे विश्वास दिलाया कि शेषपाल उन मर्दों में नहीं है. वह उसे बेहद प्यार करता है. वह उस से शादी करने को तैयार है. पूजा ने दुनिया देखी थी. उसे पता था कि अगर उस ने तमन्ना पर अंकुश लगाया तो वह बागी हो सकती है. जब ठोकर लगेगी तो उसे खुद ही पता चल जाएगा कि मर्द कितना बेवफा होता है.
प्यार गहराया तो तमन्ना ने कहा, शेषपाल, शादी के बाद हम कोई बच्चा गोद ले लेंगे. उस के बाद हमारा भरापूरा परिवार हो जाएगा. तमन्ना, हमें बच्चा गोद लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मैं तुम्हारा औपरेशन करवाऊंगा. उस के बाद तुम लड़की बन जाओगी और मेरे बच्चों को जन्म दोगी. शेषपाल ने कहा. क्या ऐसा भी हो सकता है? तमन्ना ने हैरानी से पूछा. हां, बिलकुल हो सकता है. 3-4 लाख रुपए खर्च होंगे. उस के बाद तुम सचमुच की औरत बन जाओगी. शेषपाल ने कहा.
इस तरह शेषपाल ने तमन्ना के दिल में उम्मीदों के चिराग जला दिए. इस के बाद वह उसे अपना सब कुछ मानने लगी और गृहस्थ जीवन के सपने देखने लगी. शेषपाल ने जब उस से कहा कि अब वह उस के बिना नहीं रह सकता तो तमन्ना ने कहा, पहले शादी करो, उस के बाद ही मैं तुम्हारे घर चलूंगी.
शेषपाल तमन्ना को अपने गांव ले गया और गांव के मंदिर में उस के साथ शादी कर ली. जब वह तमन्ना को ले कर घर पहुंचा तो उसे देख कर सब हैरान रह गए. शेषपाल का घर में दबदबा था, इसलिए कोई कुछ कह नहीं सका. लेकिन जब घर वालों को पता चला कि शेषपाल ने जिस से शादी की है, वह औरत नहीं, हिजड़ा है तो उस की मां उर्मिला और पिता मोहनलाल ने विरोध किया. मांबाप को चुप कराने के लिए शेषपाल ने कहा, यह बहुत पैसे वाली है. औपरेशन के बाद यह लड़की बन जाएगी. उस के बाद सब ठीक हो जाएगा.
उर्मिला और मोहनलाल दबंग बेटे से खुल कर कुछ नहीं कह सके. लेकिन मोहनलाल तमन्ना के पैसे ऐंठने में लग गया. उस ने तमन्ना से पैसे ले कर अपना पूरा घर पक्का करवा डाला. इस के बाद वह तमन्ना को घर के बाहर का रास्ता दिखाने पर विचार करने लगा, लेकिन शेषपाल इस के लिए तैयार नहीं था.
शेषपाल के मना करने पर मोहनलाल ने कहा, तुम्हारी वजह से परिवार की बदनामी हो रही है. अगर तमन्ना घर में रही तो दूसरे बच्चों की भी शादियां नहीं होंगी. हिजड़ा से तो वंश भी नहीं चलेगा. वंश तो औरत से ही चलेगा. प्यार का नशा उतरेगा, तब पछताओगे. लेकिन तब तक तुम किसी काबिल नहीं रहोगे. इसलिए इसे किसी भी तरह घर से निकालो.
दूसरी ओर तमन्ना शेषपाल पर औपरेशन के लिए दबाव डाल रही थी. लेकिन अभी तक डाक्टर ने पूरी तरह भरोसा नहीं दिया था कि औपरेशन के बाद तमन्ना पूरी तरह लड़की बन जाएगी. इस से शेषपाल को लगने लगा कि वह बेकार ही उम्मीदों के पीछे भाग रहा है. ऐसे में ही जब तमन्ना ने पूछा कि वह औपरेशन करवाने कब ले चल रहा है तो शेषपाल ने गुस्से में कहा, अब कभी नहीं ले जाऊंगा. इस का मतलब तुम भी अपने घर वालों के कहने में आ गए हो? तमन्ना ने गुस्से में कहा.
इस पर नाराज हो कर शेषपाल ने तमन्ना की पिटाई कर दी. एक बार हाथ उठ गया तो उस के बाद मारपीट का सिलसिला सा चल निकला. शेषपाल ने तमन्ना के सारे गहने और पैसे हथिया लिए थे. उस ने पैसे और गहने वापस मांगे तो शेषपाल ने उसे घर से भगा दिया.
वापस आ कर तमन्ना ने सारी बात पूजा को बताई तो वह उसे कोतवाली ले गई. तमन्ना ने सीओ शबीह हैदर को सारी बात बताई तो उन्होंने 7 अक्तूबर, 2015 को शेषपाल और उस के भाइयों मुकेश तथा रजनेश के खिलाफ अपराध संख्या 280/2015 पर भादंवि की धारा 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया.
मुकदमा दर्ज होने की जानकारी शेषपाल को हुई तो वह परेशान हो उठा. उसे जेल जाने का डर सताने लगा. उस का यह डर तब और बढ़ गया, जब उस के पिता मोहनलाल ने कहा कि अब इन हिजड़ों से छुटकारा पाना आसान नहीं है. इसलिए इस सारे झंझट की जड़ को ही खत्म कर दो.
तमन्ना अपनी जिंदगी पटरी पर लाने की कोशिश कर रही कि एक दिन शेषपाल मोटरसाइकिल ले कर उस के घर पहुंचा और उसे मनाने की कोशिश करने लगा. लेकिन तमन्ना उस के साथ जाने को तैयार नहीं थी. शेषपाल ने प्यार की दुहाई देते हुए अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी तो वह मान गई और उस की मोटरसाइकिल से उस के साथ चल पड़ी. उस समय तमन्ना ने सपने में भी नहीं सोचा था कि प्रेमी उसे मौत के मुंह में धकेलने ले जा रहा है.
शहर से बाहर आ कर शेषपाल ने जिस की मोटरसाइकिल थी, उसे दे दी. इस के बाद वह तमन्ना के साथ अपने टैंपो के पास पहुंचा, जिस में मुकेश, रजनेश, छोटू और सतीश बैठे थे. उन सब को देख कर तमन्ना को हैरानी हुई. वह कुछ कहती, उस के पहले ही शेषपाल ने कहा, तमन्ना अब हम नए सिरे से जिंदगी शुरू करना चाहते हैं. इसलिए घर जाने से पहले हम सब योगीपुर के माता के मंदिर में माथा टेकने चल रहे हैं.
बिना कुछ कहे तमन्ना टैंपो में बैठ गई. लेकिन जब टैंपो सोरों पार कर के गंगा नदी के किनारे की ओर बढ़ने लगा तो उसे कुछ संदेह हुआ. उस ने पूछा, हम इधर कहां जा रहे हैं? शेषपाल ने हंसते हुए कहा, हम तुम्हारी अंतिम यात्रा पर जा रहे हैं.
यह सुन कर तमन्ना कांप उठी. वह समझ गई कि उस की जान खतरे में है. लेकिन दूरदूर तक वहां कोई नहीं था, इसलिए वह कुछ नहीं कर सकी. जैसे ही टैंपो गंगा किनारे रुका, वह कूद कर भागी. 3 लोगों से वह कैसे बच कर भाग सकती थी. उन्होंने उसे घेर लिया और उसी के दुपट्टे से उस की हत्या कर दी. इस के बाद पांचों ने लाश को जला कर अस्थियां गंगा में बहा दीं.
जब तमन्ना घर लौट कर नहीं आई तो पूजा ने उसे फोन किया. उस का फोन नहीं मिला तो पूजा को लगा कि जरूर कुछ गड़बड़ है. उन्होंने ओमकार को बुलवाया और उन्हें साथ ले कर 18 फरवरी, 2016 को वह एसपी सुनील कुमार से मिलने जा पहुंची.
उन के आदेश पर कासगंज कोतवाली में भादंवि की धारा 364 के तहत मोहनलाल, शेषपाल, मुकेश, छोटू, रजनेश तथा सतीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया. 20 फरवरी को कोतवाली पुलिस ने मोहनलाल को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी नामजद अभियुक्त फरार हो गए थे. थाने में हुई पूछताछ में मोहनलाल ने बताया कि शेषपाल तमन्ना को ले तो आया था, लेकिन वह उसे कहां ले गया, उसे मालूम नहीं है. पुलिस ने उसी दिन उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
23 फरवरी को जांच अधिकारी अशोक कुमार ने शेषपाल और रजनेश को कासगंज बसस्टाफ से उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब दोनों बस से दिल्ली जाने के लिए वहां पहुंचे थे. थाने में की गई पूछताछ में उन्होंने स्वीकार कर लिया कि तमन्ना की हत्या कर के लाश को उन्होंने जला दिया है और अस्थियां गंगा में बहा दी हैं.
शेषपाल का कहना था कि तमन्ना उस के गले पड़ गई थी. वह उस से छुटकारा पा कर किसी लड़की से शादी कर के अपना घर बसाना चाहता था. जबकि तमन्ना ने उस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी. उस की रिपोर्ट पर उसे ही नहीं, उस के घर वालों को भी जेल भेज दिया जाता, जिस से समाज में उस की बदनामी होती. उस के बाद उस का विवाह भी नहीं होता. इसी बदनामी से बचने के लिए उस ने तमन्ना को मार दिया था.
उस के इस अपराध में मुकेश, छोटू और सतीश भी शामिल थे. शेषपाल ने यह अपराध कर के खुद की तो जिंदगी बरबाद की ही, इस अपराध में शामिल अन्य लोगों की भी जिंदगी बरबाद कर दी. क्या उस ने तमन्ना के पैसों के लिए उस से प्यार किया था? अगर सच्चा प्यार किया होता तो शायद उसे कभी मारता न.
उस ने जो किया, उस की सजा तो उसे मिलेगी ही, आगे क्या होगा, यह समय बताएगा. पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है. Transgender Love Story
—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित






