Bhopal Teen Murder Case. भोपाल में 16 साल के एक लड़के की एक ग्रुप द्वारा इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि ग्रुप के मास्टरमाइंड का मानना था कि लड़के के अंडकोश करोड़ों में बिक सकते हैं. उसे इस की जानकारी सोशल मीडिया की एक रील से मिली थी. हत्या के बाद अंडकोश की कीमत 1.2 करोड़ रुपए लगाई गई थी, किंतु उस के ग्राहक ही नहीं मिले.
20 साल के बीबीए स्टूडेंट जोहेब खान का यह दिमागी फितूर था. उस ने सोशल मीडिया पर एक रील में देखा था कि इंसान के अंडकोश की कीमत 1 से 1.5 करोड़ रुपए होती है. फिर क्या था, उस ने खतरनाक निर्णय ले लिया.
नकली मैडिकल स्टूडेंट बन जोहेब ने 4 अन्य लोगों को यकीन दिलाया कि शरीर के उस अंग से 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपए मिल सकते हैं. उस ने एक ग्रुप बना ली. इस के लिए किसी टीनएजर को अपने जाल में फंसाने और उस का अंडकोश हासिल करने का खेल शुरू कर दिया.
जोहेब के निर्देश पर ग्रुप ने पहले अपने साथियों को एक लड़के को लड़ाई में मदद करने के बदले 100 रुपए का लालच दे कर बुलाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं आया. दूसरी कोशिश में एक और लड़के ने मुकाबला किया और भाग निकला, जिस के बाद उस ने हत्या की कोशिश का मामला दर्ज करवाया.
वारदात की शुरुआत 6 अगस्त को तब हुई, जब 2 नाबालिग लड़के इकबाल मैदान में 16 साल के लड़के के पास गए. खतलापुरा के पास लड़ाई में मदद करने के बहाने वे उसे अपने साथ ले गए.
वे जोहेब के वीडियो कौलिंग के निर्देशों का पालन करते रहे. ग्रुप उस लड़के को धोबी घाट की ओर ले गया, जहां चाकू मार कर उस की हत्या कर दी गई. हत्या के बाद ब्लेड से काट कर उस के अंडकोश निकाल लिए गए.
मारा गया लड़का इकबाल मैदान और मोती मसजिद के आसपास पेन और की-रिंग बेचता था. लड़के के घर वापस नहीं आने पर उस की मां ने पुलिस में गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज करवा दी. पुलिस उस की तलाश में लगी रही.
इसी क्रम में 10 अगस्त को धोबी घाट के पास लोअर लेक से एक लड़के की सड़ीगली लाश बरामद हुई. उस की पहचान लापता लड़के के रूप में हुई. उस की मां ने एक टैटू के जरिए उस की पहचान की. उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उस पर किए गए जानलेवा चोटों का पता चला और पुष्टि हुई कि उस के अंडकोश निकाल लिए गए थे.
इस की जांच की शुरुआत एसीपी संतोष पटेल की अगुवाई में हुई. लाश का कटा अंग जांच का संदिग्ध विषय था, जो गायब था. भोपाल पुलिस ने त्वरित काररवाई करते हुए मुख्य आरोपी जोहेब खान और आमिर कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने इस पूरे मामले का किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय या संगठित अंग तस्करी रैकेट से कोई संबंध होने की भी जांच की. गिरफ्तार आरोपियों से सख्ती के साथ पूछताछ की गई. उन लोगों ने जो कुछ बताया, वह बेहद चौंकाने वाला था.
सनसनीखेज मामले में इंस्टाग्राम की एक फरजी रील और अफवाह के चक्कर में आ कर 16 वर्षीय किशोर (रेहान) की बेरहमी से हत्या कर दी गई.
पूछताछ में मुख्य मांस्टरमाइंड जोहेब खान ने यह स्वीकार कर लिया कि किस तरह सोशल मीडिया के झूठे दावों पर अंधविश्वास और रातोंरात अमीर बनने के लालच ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम तक पहुंचाने में भूमिका निभाई.
उस ने इंस्टाग्राम पर एक फरजी रील देखी थी, जिस में दावा किया गया था कि खाड़ी देशों में इंसानी अंडकोश बेचने पर 1.2 करोड़ से ले कर 1.5 करोड़ रुपए तक मिलते हैं.
इस अफवाह को सच मान कर उस ने फरजी डौक्टर का नाटक किया. खुद को मैडिकल स्टूडेंट (डौक्टर) के रूप में पेश किया. उस ने औनलाइन एप्रन, स्टेथस्कोप और थर्मामीटर खरीदा ताकि अपने साथियों को इस काले धंधे के लिए आश्वस्त कर सके. उस ने अपने दोस्त आमिर कुरैशी (18 वर्ष) और 3 अन्य नाबालिगों (15-16 वर्ष) को करोड़पति बनने का झांसा दे कर इस साजिश में शामिल किया.
वारदात को अंजाम देने के क्रम में उसे तीसरी कोशिश में कामयाबी मिली. गैंग ने 2 बार अन्य लोगों पर कोशिश की थी, लेकिन वे असफल रहे थे.
6 अगस्त को उन्हें सफलता मिल गई. आरोपी रेहान को धोबीघाट (छोटा तालाब) के पास एक सुनसान जगह पर ले गए और उस की हत्या कर दी.
उस के अंडकोशों को निकालने के बाद आरोपियों ने उन्हें एक पौलीथिन में रख लिया. वे कई दिनों तक अंगों को बेचने के लिए खरीदार तलाशते रहे, लेकिन चूंकि यह महज एक इंटरनेट अफवाह थी, उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला. अंतत: परेशान हो कर उन्होंने उन अंगों को एक के तालाब में फेंक दिया. Bhopal Teen Murder Case






