Love Crime Story in Hindi. रिश्ते की भाभी रति शर्मा से एकतरफा प्यार के चलते शादी की जिद में विराज उर्फ जितेंद्र पाठक रिश्तों की मर्यादा भूल गया और अपने हाथ खून से रंग लिए. इस के बदले उसे मिला फांसी का फंदा. दिमाग को सन्न कर देने वाली घटना पढि़ए इस सनसनीखेज कहानी में…
फिरोजाबाद जिले के अरांव इलाके के बामई गांव की रहने वाली पिंकी शर्मा अपनी बेटी रति शर्मा और डेढ़ वर्षीय नाती आरव के साथ शनिवार 30 मई, 2026 को अपनी सहेली पुष्पलता पाठक से मिलने आई थीं. पुष्पलता शिकोहाबाद की यादव कालोनी में रहती थीं और हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थीं.
वहीं पर रति शर्मा का फुफेरा देवर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक निवासी शेखूपुर, सिविल लाइंस, बदायूं भी अपराह्न 3 बजे आ गया.
कुछ देर रति से बात करने के बाद वह उस के बच्चे आरव को टौफी दिलाने की बात कह कर अपने साथ ले गया. घर से बाहर आने के बाद अचानक विराज ने अपनी गोद से आरव को जमीन पर पटक दिया. इतना ही नहीं, उस ने मासूम आरव के पैर पकड़ कर उसे 8 बार जमीन पर पटक कर उस की निर्मम हत्या कर दी और शव को घर के बाहर फेंक कर फरार हो गया.
जिस समय विराज आरव को पटक कर मार रहा था, उस समय आवाज सुन कर आसपास के लोग अपनेअपने घरों से बाहर आ गए. लेकिन जब तक वे कुछ समझ पाते, पलभर में ही मासूम ने दम तोड़ दिया.
रति और उस के फेमिली वालों को जैसे ही जानकारी हुई, वे दौड़े और आननफानन में आरव को अस्पताल ले कर पहुंचे. इमरजेंसी में तैनात डौक्टर ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया.
मासूम आरव की मौत से परिवार में कोहराम मच गया. सीसीटीवी फुटेज में कैद यह वारदात वायरल हो गया, जिस से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया. इस घटना से हर कोई हैरान और आक्रोशित था. मासूम बच्चे की निर्मम हत्या ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया था.
इकलौते बेटे की मौत से मां रति बेहोश हो गई. परिजनों ने किसी तरह उसे संभाला. सूचना पर एसएचओ अनुज कुमार राणा पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने सीओ अमरीश कुमार व अन्य उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी. इस के बाद सीओ भी घटनास्थल पर पहुंच गए और लोगों से घटना की जानकारी ली. पुलिस ने फोरैंसिक टीम को भी बुला लिया. उस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए.
पुलिस ने गली में लगे सीसीटीवी कैमरे भी चैक किए, जिन में विराज बच्चे को जमीन पर पटकते हुए साफ दिखाई दे रहा था. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए. इस के बाद आरव के शव का पंचनामा भर कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.
सिर में चोट से मौत
इस संबंध में मृतक बच्चेआरव की नानी पिंकी शर्मा ने थाने में विराज उर्फ जितेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई. यह सवाल सभी के जेहन में तैर रहा था कि आखिर रिश्ते के देवर ने रति के मासूम बेटे को पटकपटक कर क्यों मार डाला?
आरोपी विराज पाठक ने बच्चे को 8 बार पक्की सड़क पर बेरहमी से पटका, जिस से उस की 27 सेकेंड में मौत हो गई और गरदन लटक गई. आरोपी विराज घर के बाहर गेट के पास बच्चे को फेंक कर नौ दो ग्यारह हो गया. परिजनों ने बच्चे को उठाया. रति ने बताया कि जब बच्चे को गोद में उठाया उस की गरदन पूरी तरह लटक रही थी.
मासूम आरव का रविवार 31 मई, 2026 को पोस्टमार्टम हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत का कारण उस के सिर पर आई गंभीर चोटों को बताया गया. पोस्टमार्टम के बाद मासूम आरव के शव को परिजनों को सौंप दिया गया. परिजन शव को अपने गांव ले गए, जहां उसे दफनाया गया. उस समय उपस्थित लोगों ने भरी आंखों से मासूम को अंतिम विदाई दी.
रति की शादी करीब 3 साल पहले फरवरी, 2024 में बदायू के सियाराम नगर निवासी सुमित से हुई थी, लेकिन पति से अनबन के कारण वह पिछले 5 महीने से अपने मायके में रह रही थी. ससुरालीजनों ने छोटीछोटी बात के लिए उस के साथ झगड़ा कर के उस का उत्पीडऩ करना शुरू कर दिया. उस के साथ मारपीट की जाने लगी, जिस के चलते रति को ससुराल छोडऩे पर मजबूर होना पड़ा.
रति ने इस बात की जानकारी मोबाइल से अपनी मम्मी को दी. उस की मम्मी पिंकी शर्मा रति की ससुराल से रति और उस के डेढ़ साल के बेटे आरव को जनवरी 2026 में ले कर आ गई. इस के बाद से रति मायके में ही रह रही थी.
रति ने जब ससुराल छोड़ कर मायके में अपने डेढ़ साल के मासूम बेटे के साथ जीवन बिताने की ठानी तो रिश्ते का देवर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक एकतरफा प्यार में रति से नजदीकी बनाने की कोशिश करने लगा और फोन पर उस से बातचीत करने लगा.
शादी के लिए मर्डर
वह रति के परिवार वालों के बीच हमदर्दी दिखा कर उन का विश्वास हासिल करने के बाद उन से मिलने आने लगा था. पति से अलग होने पर वह रति से शादी का प्रस्ताव रखने लगा.
विराज लंबे समय से फोन कर के रति पर शादी का दबाव बना रहा था. रति ने उस का प्रपोजल ठुकरा दिया था. इसीलिए उस ने बच्चे को टारगेट कर उस की हत्या कर घर का चिराग बुझा दिया.
पुलिस पूछताछ में आरोपी विराज ने कुबूल किया कि वह बच्चे की मम्मी रति शर्मा से शादी करना चाहता था, लेकिन वह शादी के लिए तैयार नहीं थी और बच्चे के सहारे अपना जीवन बिताने की बात कहती थी. वह रति के बच्चे को अपनी शादी में बाधा मानता था.
रति सनकी देवर विराज की मंशा को नहींं भांप सकी. रति ने बताया कि पति से अनबन चल रही थी. आरोपी विराज घर आया और बोला कि हम केस करवाएंगे, मेरी जानकारी अच्छी है. तुम लोग उस के खिलाफ केस करो. हम साथ देंगे.
रति ने बताया कि उस के पापा दिमागी रूप से बीमार हैं. हम ने विराज से कहा कि ठीक है, हम केस करेंगे. इस पर वह बोला कि तुम मुझ से शादी कर लेना.
रति ने कहा कि अभी तो मेरा डाइवोर्स हुआ नहीं है, अगर होगा भी तो भी शादी के अभी कोई चांस नहीं हैं. हम बाबू (आरव) को अच्छी तरह से रख लेंगे. कोई अपना नहीं होता, जब उस का बाप ही उस का नहीं हुआ तो दूसरा कौन उस का होगा?
इस पर विराज बोला कि कोई बात नहीं, लेकिन कहीं भी रहो, उसे (पति) सजा जरूर दिलाना.
विराज ने बदायंू से फोन कर के पूछा कि वह रति से कहां पर मिल सकता है? उसे कुछ बात करनी है. मां ने शिकोहाबाद की यादव कालोनी में पुष्पलता पाठक के घर पर मिलने और यहीं से वापस जाने की कह कर विराज को बुला लिया था.
30 मई, 2026 शनिवार को विराज पुष्पलता के घर पहुंच गया. शिकोहाबाद आने पर विराज ने फिर से शादी का राग अलापा. रति के स्पष्ट मना करने पर वह शांत हो गया. बच्चे को विराज ने अपने एकतरफा प्यार में दीवार माना और उसे रास्ते से हटाने का मन ही मन एक खौफनाक निर्णय लिया.
रति ने बताया कि वह पति पर केस करने के लिए नानी के घर से शिकोहाबाद आई थी. विराज ने कहा था कि उस ने वकील से बात कर ली है. शाम को तुम्हारी भी वकील से बात कराऊंगा. तब तक तुम अपनी मम्मी से बात कर के बता देना. इस के बाद वह वहां खेल रहे उस के बच्चे को यह कह कर गोदी में उठा ले गया कि चलो बाबू टौफी खाने चलते हैं.
रति ने बताया कि मुझे लगा रिश्तेदार है, इसलिए बिना शक के आरव को ले जाने दिया. उस ने घर से मात्र 50 मीटर दूर गली में जमीन पर पटकपटक कर मासूम की हत्या मात्र 30 सेकेंड में कर दी और बच्चे को दरवाजे पर फेंक कर भाग गया.
रति को सपने में भी यह आभास नहीं था कि बेटे के साथ जीवन बिताने की बात पर विराज उस की हत्या कर देगा.
खंगाले 500 कैमरे
मासूम की हत्या से लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया. वे हत्यारे की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करने लगे. उधर बेटे की मौत से रति कई बार बेहोश हुई. वह लगातार आरव… आरव… कह कर अपने कलेजे के टुकड़े को पुकारती. बच्चे की हत्या के बाद पुलिस के आगे सब से बड़ी चुनौती मासूम के हत्यारे विराज को दबोचना था.
हत्यारे की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी आदित्य लांग्हे के आदेश पर कई थानों की पुलिस को लगा कर घटनास्थल से ले कर प्रत्येक मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए. शनिवार को ही पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी विराज भूड़ा भरथरा मोड़ के पास घूम रहा है.
पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उसे रोकने की कोशिश की, इस पर उस ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई. दोनों पैरों में गोली लगते ही विराज गिर पड़ा. पुलिस ने घायल विराज के पास से एक .315 बोर तमंचा, 2 खोखा कारतूस और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए.
हत्यारोपी विराज पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों पैरों में गोली लगने से वह कराहता रहा और सो नहीं पाया. पुलिस ने रिमांड मिलने पर उस का कड़ी सुरक्षा में उपचार कराया.
विराज की सुरक्षा में एक एसआई और 2 पुलिसकर्मियों को लगाया गया. इस बीच पुलिस ने उस के बयान भी दर्ज किए. उस ने कुबूल किया कि वह रति से शादी करना चाहता था.
एसपी (सिटी) रविशंकर प्रसाद ने बताया, ”आरोपी अत्यधिक शातिर है. वह रति से शादी करना चाहता था, लेकिन रति ने जब बेटे की खातिर उस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया तो वह गुस्से में आ गया. इसी के चलते उस ने रति के बेटे की हत्या कर दी.’’
एसपी (सिटी) ने आगे बताया, ”आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया है. मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर काररवाई की जाएगी. बच्चे के हत्यारे विराज को शनिवार की रात उपचार के लिए अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा में रखा गया. 31 मई को आरोपी को जेल भेज दिया गया. आरोपी से पुलिस ने कई एंगलों पर पूछताछ की.’’
बच्चे की जमीन पर पटक कर हत्या करने के बाद आरोपी विराज पुलिस से बचने के लिए गलियों में घुस गया. वह चुपके से दुकानों के आगे से ऐसे निकल रहा था, जैसे उस ने कुछ किया ही न हो.
वह चाहता था कि वह यादव कालोनी से पैदल ही जाए, ताकि पुलिस अगर वाहनों की चैकिंग और बसस्टैंड या मार्गों पर दौड़ती रोडवेज बसों की चैकिंग कराए तो वह पुलिस की पकड़ में न आ सके.
इंसपेक्टर अनुज कुमार राणा ने बताया कि सब से ज्यादा मुश्किलें आरोपी द्वारा बचाव के लिए गलियों का इस्तेमाल करना था. पुलिस एक सीसीटीवी से उस की लोकेशन लेती, तब तक वह दूसरी गली में चला जाता. लेकिन पुलिस के आगे आरोपी की सारी चालाकी धरी की धरी रह गई.
बहन से करता रहा बात
आरोपी विराज मासूम आरव की हत्या करने के बाद अपने मोबाइल से लगातार रति की बहन व बहनोई से बात करता रहा. सर्विलांस टीम के साथ पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की तो आरोपी विराज ने अपना मोबाइल बंद कर लिया.
आरोपी विराज के घर से अभी तक कोई भी उस से मिलने के लिए अस्पताल या थाने नहीं आया था. पुलिस उस का इलाज करा रही थी, लेकिन किसी परिजन ने पुलिस से संपर्क नहीं किया.
मासूम बच्चे आरव की हत्या करने के बाद आरोपी विराज की पुलिस अभिरक्षा में इलाज के दौरान हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस में वह कह रहा है कि मेरी बच्चे के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी. अब गलती की सजा मुझे दोनों पैरों में गोली लगने के बाद मिल गई है. बच्चे की हत्या क्यों की? इस सवाल पर कहा, ”इस सवाल को आप रति से जा कर पूछ लो.’’
विराज ने वीडियो में कहा, ”मैं ने रति से कहा था कि वह अपने पति से तलाक ले ले, उस के बाद हम दोनों साथ रहेंगे. उस का पहला पति अपने बच्चे को मांग रहा है तो उसे बच्चा दे दो, लेकिन रति ने मेरी बात नहीं मानी क्योंकि मेरा परिवार भी बच्चे को साथ ले कर रखने के लिए राजी नहीं होगा.’’
इस पर रति ने कहा था कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा. तब मैं ने कहा कि कुछ ठीक नहीं होगा.
भारतीय किसान यूनियन ने घटना के तीसरे दिन शिकोहाबाद तहसील पहुंच कर एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिस में यादव कालोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्ममता से हत्या करने वाले आरोपी विराज को जल्द से जल्द फांसी दिलाने की मांग की.
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष (विधि प्रकोष्ठ) सी.पी. यादव ने ज्ञापन में कहा कि हत्यारोपी को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्टट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए.
ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नृपेंद्र कुमार, ओमवीर सिंह, डा. सुंदर यादव, आशु यादव, मुनेंद्र यादव, मनीष शर्मा, कुशाग्र, ईशान, राजकुमार, अमित सिंह आदि शामिल थे.
बच्चे के बाद तलाक
बामई निवासी रति शर्मा की शादी बदायंू के सियाराम नगर निवासी सुमित उर्फ प्रियंक के साथ 3 साल पहले हुई थी. शादी होने के बाद रति पति के साथ काफी खुश थी, लेकिन उस की यह खुशी ससुराल की समस्याओं के बीच पतिपत्नी में मनमुटाव के चलते काफूर हो गई. बात इतनी बढ़ गई कि रति के साथ मारपीट की जाने लगी.
पति सुमित चाहता था कि वह बच्चे को छोड़ जाए और तलाक ले ले. रति कलह नहीं चाहती थी, उस ने अपनी मम्मी पिंकी को पूरे हालात से अवगत कराया और उसे अपने साथ ले जाने की बात कही.
इस पर पिंकी शर्मा रति की ससुराल पहुंची और बेटी रति और उस के डेढ़ साल के बेटे आरव को ले कर गांव बामई आ गई. पिछले 6 माह से रति अपनी मम्मी के साथ ही रह रही थी.
ससुराल से रति के अलग होने के बाद उस के रिश्ते के देवर विराज निवासी शेखूपुर, बदायूं ने रति से नजदीकी बनाई और पति से चल रहे मुकदमे में पूरी मदद का आश्वासन दिया. फिर शादी का प्रस्ताव रखने लगा.
रति हर बार मना करती थी, लेकिन 30 मई को शिकोहाबाद आने के बाद रति ने विराज से जब सख्त लहजे में इंकार करते हुए कहा कि वह पूरी जिंदगी इसी बच्चे के साथ बिताएगी और अब किसी के साथ रहना नहीं चाहती.
यह बात विराज को बहुत बुरी लगी और उस समय खून का घंूट पी कर रह गया. अगले ही पल उस ने अपने को सामान्य करते हुए टौफी दिलाने के बहाने मासूम आरव को गली में ले गया और पटकपटक कर उस की हत्या कर शव को दरवाजे पर फेंक कर फरार हो गया.
रति ने अपनी ससुराल वालों पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ”बेटे की मौत के बाद भी ससुराल से कोई नहीं आया. यहां तक कि बच्चे के पिता का दिल भी नहीं पसीजा. बेटे की हत्या में उन का भी हाथ है, उन के खिलाफ भी काररवाई होनी चाहिए.’’
हत्यारा विराज मासूम आरव की हत्या करने के बाद उस के शव को घर के गेट के बाहर फेंक कर यह कहते हुए कि ‘बच्चे को उठा लो’ कह कर भाग गया. गेट के नीचे किसी बच्चे के पैर दिखाई देने पर जब गेट खोला तो देखा आरव है. लगा वह गहरी नींद में सो रहा है.
गली में रहने वाली प्रत्यक्षदर्शी शकुंतला यादव ने अपनी आंखों से विराज के इस क्रूरतापूर्वक जघन्य कृत्य को देखा था. इस से वह अंदर तक सिहर उठी थीं. उन्होंने उसे फांसी की सजा की मांग की.
तेजी से हुई सुनवाई
आरव की निर्ममता से हत्या के बाद पुलिस की टीम जांच करने में जुट गई है. थाना शिकोहाबाद के इंसपेक्टर अनुज कुमार राणा ने घटनास्थल पर पहुंच कर वहां लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को एकत्रित किया.
पुलिस एकएक साक्ष्य को एकत्रित करने लगी, जिस से आरोपी के बचने की कोई संभावना न रहे. उस के लिए घटनास्थल पर मौजूद लोगों को गवाह बनाया गया, जिस से कोर्ट केस मजबूत रहे.
इस के साथ ही पड़ोसियों से तथा बाद में गांव बामई जा कर मृतक बच्चे आरव के फेमिली वालों के बयान दर्ज किए. पुलिस जल्द से जल्द आरोपी विराज पाठक के खिलाफ सबूत एकत्रित कर चार्जशीट कोर्ट में पेश करने की ठानी, जिस से फास्टट्रैक कोर्ट में आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द आरोप तय किए जा सकें.
पीडि़ता रति शर्मा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती थी. वह मुख्यमंत्री से मिल कर गुहार लगाना चाहती थी कि आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाए. वह सालों तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया का इंतजार नहीं कर सकती.
रति के फेमिली वालों ने भी स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि बच्चे के हत्यारे को सजा दिलाने के लिए वे मजबूती से केस लड़ेंगे. इस के लिए अगर अपनी जमीन भी बेचनी पड़े तो बेच देंगे, लेकिन हत्यारे को फांसी से कम सजा मंजूर नहीं होगी.
हत्यारे ने बच्चे की हत्या के बाद पीडि़त परिवार को रुपयों का लालच दे कर समझौते के लिए दबाव बनाने की भी कोशिश की थी.
बुधवार 3 जून की रात मृत मासूम आरव का पिता सुमित उर्फ प्रियंक अपने फेमिली वालों के साथ आया.
उन से शिकोहाबाद पुलिस ने पूछताछ की और बयान दर्ज किए. पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपी विराज पाठक उन का सगा रिश्तेदार नहीं है. गांव के नाते रिश्तेदार लगता था.
पति सुमित ने जानकारी दी कि उस का पत्नी रति से पारिवारिक कारणों से विवाद चल रहा है. घटना की जानकारी होते ही वह तत्काल बदायंू से चल दिया था, लेकिन इसी दौरान सोशल मीडिया पर वायरल घटनास्थल का वीडियो देख कर वह सन्न रह गया.
वह अपनी ससुराल जाना चाहता था, लेकिन वीडियो आने के बाद ससुराल के लोगों के आक्रोश को देखते हुए ससुराल आने का विचार त्याग दिया. उसे डर था कि कहीं रति के फेमिली वाले उस के साथ किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे दें. इस के चलते वह घिरोर में ही परिवार के साथ रुक गया.
जांच अधिकारी का कहना है कि सुमित के बयानों से स्पष्ट है कि विराज का रति के पति से कोई करीबी रिश्ता नहीं था.
घटना के कई दिन बाद आरोपी विराज पाठक के घर वालों से पुलिस ने बातचीत की. उन का कहना है कि विराज ने मासूम की क्रूरतापूर्वक हत्या कर परिवार को कलंकित किया है. हम ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह एक मासूम बच्चे की इतनी निर्दयता से हत्या कर देगा.
हत्या का वीडियो देख कर उन का कलेजा कांप गया. उन्हें नहीं मालूम था कि विराज इस तरह का कोई कृत्य करने का इरादा ले कर वहां गया है.
इस घटना के बाद से उन का विराज से कोई संबंध नहीं है. वह उन के लिए मर चुका है. उसे मासूम की हत्या की कड़ी से कड़ी सजा मिले.
मासूम की पटकपटक कर हत्या करने वाला आरोपी विराज गुस्सैल स्वभाव का है. 2 साल पहले मोहल्ले में किसी से उस का झगड़ा हुआ था. झगड़े के दौरान ही विराज के सिर में रौड से चोट लगी थी. इस से उस के सिर के नस में दिक्कत आई थी. तब मेदंाता में उस का इलाज कराया गया था.
रति पर लगाया आरोप
6 महीने तक चले उपचार के बाद वह स्वस्थ हो गया था. उस के भाई सोनू का कहना है कि जब विराज को गुस्सा आता था तो वह घर के परदों को फाडऩे लगता था. घटना के बाद उस ने सोनू को फोन कर कहा था कि सोनू भाई, बहुत बड़ा कांड हो गया है. इस के बाद कुछ नहीं बोला. वीडियो को देख कर हमारा परिवार भी दहल गया.
विराज के भाइयों ने रति पर आरोप लगाते हुए कहा, ”विराज के पास रति के अकसर फोन आते थे और कहती थी कि तलाक करा दो, शादी करेंगे. वाट्सऐप पर अकसर मैसेज आते थे. पुलिस एक बार विराज के मोबाइल को भी चैक कर ले. आखिर ऐसा क्या हुआ था, जो विराज को इतना गुस्सा आ गया था. हालांकि रति के बच्चे के साथ विराज ने जो किया, वह उस की सब से बड़ी गलती है, जिस की सजा वह भुगतेगा.’’
उधर रति शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि यदि विराज के मोबाइल में ऐसा कोई प्रूफ है तो दिखाए.
विराज के भाई मुनीश पाठक व सोनू पाठक तथा मम्मी का उस की पैरवी करने का कोई इरादा नहीं है. उन का विराज से जेल में मिलने के लिए फिरोजाबाद जाने का भी इरादा नहीं है. इस के साथ ही जिस दिन विराज ने अपनी दुकान को बंद किया था, उसी दिन से बंद है. वह ताला लगा कर शिकोहाबाद आया था.
बच्चे की हत्या के वीडियो से परिवार दहल गया है. रिश्तेदारों के लगातार फोन आ रहे हैं. परिवार ने निश्चय किया है कि गोली लगने से घायल हुए विराज से मिलने जेल में कोई नहीं जाएगा. फिलहाल परिवार विराज से कोई संबंध नहीं रख रहा है.
जिला कारागार फिरोजाबाद में बच्चे की हत्या में बंद चल रहा विराज इन दिनों डिप्रेशन में है. वह किसी बंदी से बातचीत नहीं करता. दोनों पैरों में गोली लगने से उस का इलाज चल रहा था. वह जेल के अस्पताल में घायल और बीमार बंदियों के साथ पलंग पर ही रहता है. शुरू में विराज का कुछ दिन जिला अस्पताल में इलाज चला. इस के बाद उसे जेल में शिफ्ट कर दिया गया.
वह पैरों के दर्द से कराहता रहता है और आंखों से आंसू निकलते रहते हैं. जिला कारागार सुपङ्क्षरटेंडेंट अमित चौधरी का कहना है कि वे विराज से 3 बार मिल चुुके हैं. वह अपने किए पर पछतावा करते हुए कहता है कि उस के हाथों बुरा हो गया.
बहुचर्चित मासूम आरव हत्याकांड में पीडि़त परिवार को जल्दी न्याय दिलाने के लिए एसएसपी आदित्य लांग्हे व डीएम संतोष शर्मा के कड़े निर्देश के बाद पुलिस की प्रभावी पैरवी और न्याय पालिका की तत्परता के चलते जिला जज डा. बब्बू सारंग की अदालत में इस जघन्य हत्याकांड का कोर्ट ट्रायल रिकौर्ड समय में पूरा कर लिया गया है.
30 मई को इस खौफनाक वारदात के बाद फिरोजाबाद पुलिस ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए कोर्ट में बेहद मजबूत पैरवी की.
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात के अगले 6 दिन के भीतर ही कोर्ट में अकाट्य साक्ष्यों के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी थी, जो 5 जून को कोर्ट में सबमिट हो गई.
जिला जज की अदालत में रिकौर्ड समय में 15 जून से शुरू हो कर 20 जून तक सभी 13 गवाहों की गवाही 6 दिन में ही पूरी करा ली गई. 20 जून को अंतिम गवाही मुख्य विवेचक इंसपेक्टर अनुज कुमार राणा की दर्ज हुई.
जिला जज की अदालत में इस जघन्य हत्याकांड को ले कर शुक्रवार 3 जुलाई, 2026 को बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह प्रस्तुत किया गया.
बचाव पक्ष के साक्ष्य पूरे होने के बाद शनिवार 4 जुलाई को अदालत में अभियोजन पक्ष (सरकारी पक्ष) की ओर से शासकीय अधिवक्ता (क्राइम) राजीव प्रियदर्शी तथा वादिनी पिंकी शर्मा के निजी अधिवक्ता सैफुर्रहमान (सैफ) ने तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की अंतिम बहस भी पूरी हो गई.
बचाव पक्ष ने आरोपी के भाई मुनीष पाठक की गवाही कराई, जिस ने विराज को मानसिक बीमार बताया, लेकिन कोई भी सबूत नहीं दिखा सका. जिसे अदालत ने नहीं माना. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसले के लिए 9 जुलाई की तिथि नियत की.
हुई फांसी की सजा
9 जुलाई, 2026 को आरोपी विराज पाठक को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जिला जज की अदालत में लाया गया. यहां जिला जज डा. बब्बू सारंग ने मासूम आरव की हत्या में आरोपी विराज को दोषी करार दिया. इस के साथ ही 10 जुलाई को इस मामले में आरोपी को सजा सुनाने की बात कही.
10 जुलाई को फिरोजाबाद जिला न्यायालय खुलने के बाद से ही हर किसी को हत्यारोपी विराज उर्फ जितेंद्र की सजा के बारे में जानने की उत्सुकता थी. कड़ी सुरक्षा में पुलिस आरोपी को जेल से ले कर अदालत पहुंची.
अपराह्नï करीब पौने 3 बजे अदालत में जिला जज डा. बब्बू सारंग आए और फाइल का अवलोकन करने के बाद उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहियां पूरी तरह पुख्ता हैं. यह घटना दुर्लभ से दुर्लभतम और बेहद जघन्य श्रेणी की है, जिस में अपराधी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जा सकता.’
जिला जज ने विराज को मासूम आरव की हत्या के लिए फांसी की सजा और 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया. अदालत द्वारा सजा का ऐलान होते ही आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक फूटफूट कर रोने लगा. पुलिस सजा सुनाए जाने के बाद उसे दोबारा जेल ले गई.
मृत बालक आरव की नानी पिंकी शर्मा जजमेंट के समय न्यायालय में मौजूद थीं. हत्यारे को फांसी की सजा सुनाए जाने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए न्यायालय द्वारा दोषी को उचित सजा दिए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए इस केस में उन की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता सैफ तथा सरकारी वकील राजीव प्रियदर्शी (फौजदारी) द्वारा कोर्ट में अच्छी पैरवी कर आरोपी को सजा दिलाने के प्रति आभार व्यक्त किया.
केवल 41 दिन में हत्या के आरोपी को फांसी की सजा सुनाए जाने पर सभी खुश हैं. मासूम आरव की मम्मी रति शर्मा ने आरोपी विराज को फांसी की सजा दिए जाने पर कहा, ”मेरे बेटे की आत्मा को इस से शांति मिलेगी. जिस बेरहमी से उस दरिंदे ने मेरे डेढ़ साल के मासूम बेटे को सड़क पर पटकपटक कर मार डाला था, उसे देख कर मेरा कलेजा फट गया था. मेरे कलेजे को उस दिन राहत मिलेगी, जब उसे फांसी पर चढ़ाया जाएगा और उस की लाश पर उस की मम्मी मेरी तरह रोएगी.’’
रति ने न्यायालय, इंसपेक्टर अनुज कुमार राणा, केस लडऩे वाले वकीलों, गवाहों व अन्य सहयोग करने वालों का धन्यवाद किया.
मासूम आरव की हत्या जैसी घटना दुखद और समाज को झकझोर देने वाली है. किसी भी व्यक्तिगत संबंध, प्रेम, विवाद या असफल इच्छा के कारण किसी निर्दोष बच्चे को नुकसान पहुंचाना न केवल कानूनन गंभीर अपराध है, बल्कि मानवता के खिलाफ भी है.
क्रोध और जुनून में लिया गया एक गलत कदम कई परिवारों का जीवन हमेशा के लिए बरबाद कर देता है. Love Crime Story in Hindi






