दिल के टुकड़ों का रिसना
आज के जमाने में लोग भावनाओं के चक्कर में न पड़ कर प्रैक्टिकल हो गए हैं. अशोक उर्फ जग्गा भी प्रैक्टिकल बन गया था. इसका अंजाम उसे भुगतना पड़ा
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