बिजनेस हड़पने के लिए बेटों ने मां को भेजा पागलखाना
अच्छाई की हमेशा जीत होती है, नूर इस की जीतीजागती मिसाल थी. लेकिन उस का मानना था कि गुनहगार चाहे जो भी, जैसा भी हो, उसे सुधरने का एक मौका जरूर मिलना चाहिए. इसलिए उस ने राहिल को कुछ नहीं कहा.   कमाल खान के पिता स्क्रैप कारोबारी थे. कमाल अपने मांबाप की एकलौती संतान था
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