स्कूल की छुट्टी होने पर हेलमेट पहने एक बाइक सवार आता है और आयशा उस के साथ बाइक पर बैठ कर चली जाती है. पुलिस टीम उस के पीछेपीछे चलती है. लड़की को स्कूल से लेने कौन आता है और उसे घर से दूर सड़क पर क्यों छोड़ जाता है, यह बात दर्शकों की समझ में नहीं आती है.
लड़की को बाइक सवार एक मोड़ पर छोड़ कर जाता है, तभी एक ब्लू रंग की वैन, जिस का नंबर एचपी02 6587 है, उस के करीब आती है और आयशा गाड़ी के पास जाती है. परमार और अर्जन दूर से उस पर नजर रखते हैं, तभी एक गाड़ी बीच में आ कर खड़ी हो जाती है.
अर्जन और परमार गाड़ी से उतर कर उस तरफ जाते हैं, मगर वह लड़की और वह गाड़ी गायब हो जाती है. थोडी दूर आगे बढऩे पर दोनों की नजर लड़की पर पड़ती है, जो आइसक्रीम के ठेले के पास खड़ी है. उस से बातचीत में पता चलता है कि वह लड़की आयशा की जुड़वां बहन समाया है. आयशा तो स्कूल से माल रोड पर स्थित नृत्य कला की क्लास में चली गई.
एसएचओ परमार फोर्स को माल रोड जाने के लिए कहती है और अर्जन के साथ नृत्य कला क्लास की तरफ रवाना होती हैं. क्लास के अंदर घुसने के पहले ही सिंड्रेला डौल का बौक्स अर्जन को बाहर ही मिल जाता है.
आयशा का जीपीएस ट्रेस करने पर उस की लोकेशन बोझ हाइवे की मिलती है. गुलेरिया वहां से वायरलेस सेट पर कहता है कि वह लेन नंबर 3 में मेरे सामने है. इतने में वह मैजिशियन (यूके के अभिनेता जोशुआ लेक्लेयर) गुलेरिया पर अटैक कर के वहां से निकल जाती है.
मैजिशियन ऐसी जगह आयशा को ले कर जाती है, जहां पूरी तरह से अंधेरा है. आयशा काफी डरी होती है. वह वहां से बाथरूम जाने की कह कर निकलती है और एसआई अर्जन को फोन कर के बताती है कि वह उस मैजिशियन के बाथरूम में है. अर्जन उसे बाथरूम की खिड़की से बाहर निकलने को कहता है. तभी जीपीएस लोकेशन ट्रेस करने वाला कांस्टेबल अली अर्जन को बताता है कि आप आयशा से 50 मीटर की दूरी पर हैं.
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मैजिशियन के रूप में मिला साइको किलर
अर्जन आयशा को फिर से काल कर के कहता है कि वह एक रूम में है, जिस में पियानो रखा है तो आयशा बताती है कि वह उसी रूम से भाग कर आई है, उस रूम में ही मैजिशियन है. तभी मैजिशियन को सामने देख आयशा जोर से चीखती है. उसी समय अली बताता है कि आयशा भी उसी रूम में है, जहां आप हैं.
मैजिशियन आयशा को पकडऩे की कोशिश करती है, तभी अर्जन उस पर गोली चला कर आयशा के पास पहुंच जाता है. इसी दौरान मैजिशियन भाग जाती है. अर्जन आयशा को सुरक्षित बाहर निकाल लाता है.
एसएचओ परमार पूरे शहर की नाकेबंदी करवाती है. दिव्या अपने घर में पुलिस सायरन की आवाज सुन कर अर्जन को फोन लगाती है, तभी अर्जन मैजिशियन के भागने की जानकारी देता है. अपना खयाल रखने की बोल दिव्या मोबाइल को चार्ज में लगाती है तभी घर की बिजली गुल हो जाती है.
दिव्या मोमबत्ती जला कर आती है तो सामने उसी मैजिशियन को देख कर चौंक जाती है. इधर पुलिस टीम मैजिशियन के घर की तलाशी लेती है तो वहां से 2 ब्रिटिश पासपोर्ट मिलने की जानकारी एसआई अर्जन को देती है. बताए गए नाम से अर्जन को याद आता है कि 12 साल पहले कोई ब्रिटिश मैजिशियन एग्नेस फर्नांडीज अपने बेटे क्रिस्टोफर के साथ मनाली आई थी. और अब तक टीनएज स्टूडेंट से बदला ले रही है.
इधर दिव्या उस से बचने के लिए भागती है और फोन उठाती है, तभी मैजिशियन दिव्या को चोट पहुंचा कर गिरा देती है. उसी वक्त अर्जन दिव्या के घर पहुंचता है तो दिव्या बताती है कि मैजिशियन इति को ले कर गई है. अर्जन अंधेरे में ही उस की तलाश में निकल पड़ता है.
सुनसान घने अंधेरे में उसे एक जगह मूवमेंट्स दिखता है और दोनों तरफ से फायरिंग होती है. अर्जन इति के पास पहुंच जाता है, जैसे ही वह इति को ले जाना चाहता है, मैजिशियन अटैक करती है. फिल्मांकन इतना घटिया किया गया है कि कुछ भी स्पष्ट दिखाई नहीं देता.
दोनों की मुठभेड़ में मैजिशियन का विग गिर जाता है और सामने गंजे सिर के आदमी को देख कर अर्जन पहचान लेता है कि यह क्रिस्टोफर है. फिल्मांकन इतना घटिया किया गया है कि कुछ भी स्पष्ट दिखाई नहीं देता.
क्रिस्टोफर क्यों बना साइको किलर
क्रिस्टोफर अर्जन को अपनी कहानी सुनाता है कि 12 साल पहले उस की मां उसे इंडिया लाई थी. लेकिन मेरी बीमारी की वजह से उस की शक्लसूरत का सभी मजाक उड़ाते थे. सोफिया नाम की एक लड़की उसे अच्छी लगती थी, उसे इंप्रेस करने के लिए उस ने मैजिक सीखा, परंतु जब उस ने गुलाब का फूल दे कर उसे प्रपोज किया तो सोफिया ने उसे भलाबुरा कह कर नकार दिया.
उस दिन वह बहुत रोया, बाद में सोफिया को उस की मां माफी मांगने के लिए लाई, परंतु उसे माफी से नहीं, मौत देने से संतोष मिला. मां ने सोफिया की मौत की जिम्मेदारी अपने सिर ले ली. 12 साल के बाद जब वह जेल से बाहर आई तो रास्ते में एक्सीडेंट में उस की मौत हो गई, परंतु क्रिस्टोफर ने उसे जिंदा रखा.
उस ने मां का गेटअप ले कर स्कूलों में कई मैजिक शो किए. उसे अपने चेहरे से इतनी नफरत हो गई थी कि हर लड़की का चेहरा बिगाडऩे और उसे जान से मारने में मजा आने लगा.
पूरी फिल्म सीरियल किलर के इर्दगिर्द घूमती है, मगर उस के कैरेक्टर को सही तरीके से नहीं फिल्माया गया है. अंत में जिस जल्दबाजी में उस के कैरेक्टर को दिखाया गया है, वह दर्शकों को निराश करता है.
किलर को ढूंढने का जो ट्रैक है, उस में न तनाव है और न ही थ्रिल. किलर ऐसा क्यों कर रहा है, इस राज से परदा उठाया जाता है तो कोई खास रोमांच पैदा नहीं होता. किलर को जितना होशियार फिल्म में बारबार संवादों के जरिए बताया गया है, उतना होशियार वह फिल्म में दिखाई नहीं देता.
कहानी बताने के बाद क्रिस्टोफर कहता है, ”तू भी मरेगा.’’ और इति की तरफ इशारा कर के कहता है, ”पहले इसे मरता देख.’’





