हरिद्वार से खरीदा था चाकू
पूछताछ में साहिल ने स्वीकार कर लिया कि उस ने साक्षी की हत्या के लिए कुछ दिन पहले ही एक लंबा चाकू खरीदा था. पता चला कि वह चाकू उस ने हरिद्वार से खरीदा था, लेकिन पुलिस इस बात की जांच कर रही है. साक्षी के एक दोस्त से पुलिस को मालूम हुआ कि साहिल इस बात से गुस्से में रहता था कि वह उस से बात क्यों नहीं करती है.
16 वर्षीया साक्षी की एक समय में प्रवीण नाम के लडक़े के साथ दोस्ती थी. हत्या से एक दिन पहले प्रवीण को ले कर ही साक्षी और साहिल आपस में भिड़ गए थे. उस वक्त साहिल खान के सिर पर हिंसा का भूत सवार था.
साहिल भी शाहबाद डेयरी की एक कालोनी में ही अपने मातापिता और 3 बहनों के साथ किराए के मकान में रहता था. उस के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस टीम आरोपी से सच और हत्याकांड की कडिय़ों को आपस में जोडऩे के लिए पुलिस अधिकारी उस का साइको एनालिसिस टेस्ट करवाने की तैयारी कर चुकी थी. इस टेस्ट के जरिए विशेषज्ञ आरोपी से बातचीत कर हत्याकांड से जुड़ी कडिय़ों को जोडऩे का प्रयास करेंगे. करीब 3 घंटे चलने वाले इस टेस्ट में साहिल के परिवार, उस के दिनचर्या, दोस्तों, रिश्तेदारों व अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी.
इस के अलावा उस के सपनों और रहनसहन के बारे में भी पूछताछ की जाएगी. ऐसा करने के बाद एक्सपर्ट साहिल के दिमाग में चल रही बातों को पढ़ सकेंगे. उल्लेखनीय है कि इस से पूर्व श्रद्धा हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी आफताब का साइको एनालिसिस टेस्ट करवाया था. इस से पुलिस को मामला सुलझाने में काफी मदद मिली थी.
हालांकि साहिल से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. उस ने बताया कि साक्षी की मौजूदगी में वह दोस्तों के साथ अश्लील मजाक किया करता था. इस के अलावा धमकी मिलने से आगबबूला साहिल ने हत्या की खौफनाक साजिश रची थी. उस ने तय किया कि उसे साक्षी और उस के दोस्तों में से जो कोई मिल जाएगा, उस की बेरहमी से हत्या कर देगा और चाकू से तब तक वार करता रहेगा, जब तक मौत नहीं हो जाती.
अजय उर्फ झबरू ने दी थी धमकी
वह साक्षी को एकडेढ़ साल से जानता था. पिछले 4 महीने से उस की दोस्ती थी. वारदात वाले दिन से एक दिन पहले साहिल को बाजार में साक्षी, उस की सहेली और दोस्त अजय उर्फ झबरू मिले थे. अजय उस इलाके का दबंग युवक था. वहां अजय ने उस का अश्लील मजाक उड़ाया. साथ ही साक्षी से दूर रहने की साहिल को धमकी दी थी. मजाक उड़ाने पर साहिल आगबबूला हो गया था.
वहां से जाने के बाद उस ने नशा किया. इस के बाद उस ने तय किया किया कि साक्षी, उस की सहेली व अजय में से जो भी मिल गया, उस की वह हत्या कर देगा. संयोग से साहिल को साक्षी अपनी सहेली के घर जाते हुए मिल गई. साक्षी के दोस्तों ने भी शुरुआती पूछताछ में साहिल का मजाक उड़ाने की बात मान ली.
साक्षी की निर्मम हत्या की कहानी में दोस्ती के दुश्मनी में बदलने की है. साक्षी की प्रवीण नाम के युवक से दोस्ती हुआ करती थी. उस के साथ अनबन हो जाने पर साक्षी ने साहिल को अपना दोस्त बना लिया. फिर किसी बात पर साहिल से भी साक्षी की अनबन हो गई थी.
इस बारे में साहिल के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि साक्षी कुछ दिनों में ही साहिल की हरकतों से परेशान हो गई थी और उस ने उस के साथ संबंध तोड़ डाले थे. जबकि साहिल साक्षी का दीवाना बना हुआ था. वह हर हाल में साक्षी से संपर्क बनाए रखना चाहता था. साक्षी द्वारा बातचीत बंद होने और पुराने दोस्त से नजदीकी बढ़ाने पर साहिल नाराज चल रहा था. उस ने कई बार साक्षी का पीछा किया था.
साहिल ने यह भी बताया कि उस की साक्षी से दूरियां बढ़ती जा रही थीं. वह उस के करीब आने की कोशिश कर रहा था, लेकिन साक्षी उसे फोन पर धमकाने लगी थी. उस के बाद उस ने साक्षी को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया. घटना से पहले उस ने शराब पी. पुलिस को आरोपी ने बताया कि साक्षी की उस ने उसी जगह पर हत्या की, जहां अजय उर्फ झबरू ने उसे धमकी दी थी.
साहिल ने यह भी खुलासा किया था कि इलाके में रहने वाला दबंग युवक अजय उर्फ झबरू ने उसे साक्षी से दूर रहने की धमकी दी थी. उसे आशंका थी कि झबरू उस की हत्या कर सकता है. इसी आशंका को देखते हुए उस ने साक्षी को ही रास्ते से हटाने की साजिश रची थी.
पुराने दोस्त से नजदीकी बढऩे के बाद साक्षी ने साहिल का फोन भी रिसीव करना बंद कर दिया था. पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि साक्षी के धोखा देने से उस के मन में नफरत भर गई थी और वह उस से बदला लेना चाहता था. वह लगातार साक्षी पर नजर रख रहा था. वारदात की रात में उस ने साक्षी को अकेले जाते हुए देखा. साक्षी के सामने आते ही साहिल साक्षी से भिड़ गया. बहस के कुछ सेकेंड बाद ही उस ने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
साहिल खान से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे रोहिणी कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित
साहिल भी अपने मातापिता के साथ दिल्ली के शाहबाद डेयरी के ही दूसरे मोहल्ले में रहता था. साक्षी के मातापिता से मिली जानकारी से पुलिस को मालूम हुआ कि साक्षी खान की साहिल से फोन पर किसी बात को ले कर बीचबीच में बहस भी हो जाती थी.
पुलिस ने साक्षी मर्डर केस की तकहीकात के लिए घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकलवाई. जब उन्होंने फुटेज देखी, तब उन्हें काफी हैरानी हुई, क्योंकि करीब 90 सेकेंड की फुटेज में साक्षी को चाकू से गोदे जाने की वारदात साफ दिख रही थी, साथ ही वहां से गुजरते और कुछ के चंद सेकेंड ठहरने के दृश्य भी दिख रहे थे.
पुलिस की पकड़ से साक्षी का हत्यारा बचा हुआ था, जबकि इस दर्दनाक घटना की एक वीडियो और तसवीर से सोशल मीडिया से ले कर टीवी न्यूज के चैनलों तक के परदे पर कोहराम मच गया था. जिस में हमलावर लडक़ी पर एक गली के कोने में ताबड़तोड़ चाकू से वार करता हुआ नजर आ रहा था.
पुलिस हैरान इस बात को ले कर थी कि हमलावर को ऐसा करते हुए दुनिया ने तो बाद में देखा, जबकि कुछ लोगों ने तो साक्षात अपनी नंगी आंखों से चाकू से वार करते हुए ये दहला देने वाला मंजर देखा था. इन तसवीरों को जिस ने भी देखा, वही हैरान हो गया.
इस घटना के सामने आने के बाद से शायद ही कोई ऐसा होगा, जिसे नींद भी आई होगी. न जाने कितने सवालों ने लोगों को बारबार झकझोर डाला. एक सवाल तो यही था कि आखिर वह कौन सी वजह थी, जिस के लिए साहिल अपनी ही प्रेमिका का हत्यारा बन गया? क्यों उस ने साक्षी को ऐसी मौत दी, जिस को देख कर दुनिया दहल उठी?
लोगों में इस वारदात को ले कर गुस्सा पनप रहा था. लोगों ने इस के विरोध में जुलूस निकाल कर साहिल को गिरफ्तार कर फांसी की सजा दिलाए जाने की मांग की. लोग इसे लव जिहाद का मामला बता रहे थे. शाहबाद डेयरी थाने की पुलिस पर भी इलाके में चुस्त पुलिस प्रशासन की व्यवस्था में खामी को ले कर भी आरोप लगे. थाने की पुलिस पर उच्च अधिकारियों से ले कर महिला आयोग, सामाजिक स्वयंसेवी संस्थाएं और विपक्षी पार्टियों तक के दबाव बने.
सीसीटीवी कैमरे के फुटेज और साक्षी के मातापिता से पूछताछ से मिले हमलावरों की जानकारी के आधार पर पुलिस ने हमलावर को धर दबोचने के लिए पूरी दिल्ली में जाल बिछा दिया. डीसीपी ने साहिल की गिरफ्तारी के लिए 6 टीमों का गठन किया. मुखबिर लगा दिए. नतीजा यह निकला कि साहिल अगले रोज ही बुलंदशहर से पकड़ लिया गया.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, साहिल खान ने साक्षी की चाकू मार कर हत्या करने के बाद सब से पहले अपने फोन को स्विच्ड औफ कर दिया और रिठाला भाग गया था. वहीं पर उस ने चाकू फेंका और बस से बुलंदशहर के लिए निकल गया. हालांकि पुलिस ने फोन बरामद कर लिया. बुलंदशहर जाने के लिए उस ने 2 बसें बदली थीं.
पुलिस उसे थाने ला कर सख्ती से पूछताछ करने लगी. पहले तो उस ने पुलिस के कई सवालों के जवाब ठीक से नहीं दिए और अपने हुलिए से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. इस पर उस से सख्ती से पूछताछ के लिए पुलिस ने 2 दिनों के रिमांड पर ले लिया.
एक तरफ साहिल से हत्याकांड के संबंध में पूरी छानबीन जारी थी, दूसरी तरफ उस की आदतों और दूसरों से संपर्क संबंध के बारे में पता लगाने के लिए सोशल अकाउंटों की छानबीन भी जारी थी. इस बीच पुलिस ने साहिल की निशानदेही पर सैक्टर-11 रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास खाली प्लौट से हत्या में प्रयुक्त चाकू और जूते बरामद कर लिए थे, जिन्हें जांच के लिए फोरैंसिक लैब भेज दिया गया.
पुलिस के लिए यह पता लगाना जरूरी था कि उस ने साक्षी की जिस निर्ममता से चाकू गोद कर हत्या की, वैसा कोई ऐसी दरिंदगी दिखाने वाला जरूर सनकी और विचित्र प्रवृति का इंसान रहा होगा. पुलिस के सामने सब से बड़ा सवाल यही था कि कैसे कोई इंसान ऐसे जानवर बन सकता है? उस ने एक के बाद एक शरीर में 40 से ज्यादा घाव किए थे. चाकू से जी नहीं भरा तो पत्थर से शरीर को कई बार कुचला था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट तो और भी चौंकाने वाली आई थी. प्रहार की वजह से साक्षी के पेट से कई अंग बाहर लटक गए थे. उन में आंतें थीं. साहिल ने क्रूरता के साथ काफी खौफनाक तरीके से उस पर पर हमला किया था. उस के शरीर पर चोटों के कई निशान थे. सिर के हिस्से में कुछ हड्ïिडयां भी दरारों और चोटों के साथ पाई गईं. शरीर पर चाकुओं के कई दरजन घावों में से सब से अधिक घाव कंधे से ले कर कूल्हे तक के क्षेत्र में थे.
एक दिन पहले हुआ था साक्षी से झगड़ा
साहिल के सोशल मीडिया अकाउंट से उस की कई हरकतों के बारे में पता चला कि वह किस तरह से बुरी आदतों से भरा हुआ था. सिरफिरा आशिक साहिल खान इंस्टाग्राम पर वह लगातार वीडियो पोस्ट करता रहता था. आखिरी रील उस की 6 हफ्ते पहले की थी. कुछ में गाली भी थी. एक वीडियो में वह हुक्का पीते दिखाई दिया और टीवी पर गाना सुनता रहता है ‘दिल्ली में करता बदमाशी…’
शुरुआती जांच से पता चला कि साक्षी और साहिल के बीच एक दिन पहले झगड़ा हुआ था. साक्षी ने साहिल को चेतावनी दी थी कि वह उस से दूर ही रहे. इस झगड़े की जड़ में साक्षी के हाथ पर बना दूसरे लडक़े का टैटू था. उसे देखते ही साहिल भडक़ गया था और आपा खो बैठा था.
साहिल मुसलिम था, लेकिन अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करता था. हाथ में कलावा बांधता था और इलाके के लोग उसे ‘सन्नी’के नाम से जानते थे. पुलिस ने जांच में पाया कि साहिल की असलियत साक्षी को पता चल गई थी, इसलिए वह उस से दूरी बनाना चाहती थी.
स्पैशल कमिश्नर दीपेंद्र पाठक ने बताया कि इस मामले में कड़ी सजा दिलाने की कोशिश होगी, जिस में फांसी की सजा भी शामिल है. पुलिस साक्ष्य इकट्ठा करने में जुटी है. इस संबंध में पुलिस 25 लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिन में मृतका की सहेलियां और आरोपी के दोस्त भी शामिल हैं.
दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले का एक इलाका है शाहबाद डेयरी. वहां बसी झुग्गियों में रहन वाले गरीब परिवारों की अपनीअपनी समस्याएं हैं. वे रोजीरोटी के संघर्ष में जूझते रहते हैं. इसी के साथ बुनियादी समस्याएं भी हैं, सामाजिकता नहीं के बराबर ही कही जा सकती है. किसी परिवार को किसी से शायद ही कोई मतलब हो. कौन क्या करता है, कहां जाता है, किस से मिलताजुलता है, क्या रोजगार धंधा है, इस का सीधा असर इलाके के किशोर उम्र के लडक़ेलड़कियों पर खूब पड़ते देखा जा सकता है.
वे जितने बेफिक्र और लापरवाह दिखते हैं, उतने ही अपनी मस्ती के आलम में मटरगश्ती करते रहते हैं. जवानी की दहलीज पर खड़ी अधिकतर लड़कियों पर सोशल साइटें, वीडियो, फिल्में, यूट्यूब, फैशन और रील्स की खुमारी चढ़ चुकी है. उन की जिंदगी हैप्पी वर्थडे विश, वेलेंटाइन डे, पिकनिक पार्टी आदि में सिमट गई है. ऐसे में वैसी लड़कियां तुरंत ही किसी दिलफेंक आशिक की बातों में आ जाती हैं. जैसा कि 16 वर्षीया साक्षी के साथ हुआ.
बात इसी 28 मई की है. साक्षी को अपने मोहल्ले के परिचित के यहां बच्चे की बर्थडे पार्टी में जाना था. चाहे जैसी भी पार्टी हो, वह उस में जरूर शामिल होती थी. वहां जाने के लिए शाम साढ़े 8 बजे निकली थी. करीब पौने 9 बजे वह गली के मोड़ पर पहुंची थी. वहां उसे साहिल खान पहले से खड़ा मिल गया. साहिल उस का दोस्त था, लेकिन फिलहाल साक्षी ने उस से बातचीत करनी बंद कर दी थी. साहिल उसे देख कर छूटते ही बोला, “मैं ने तुझे मना किया था न, किसी की पार्टी में नहीं जाना है.” वह बेहद गुस्से में था.
“तुम गलत समझ रहे हो, मैं तो दोस्त के बर्थडे में जा रही हूं.” साक्षी सफाई देती हुई बोली.
“झूठ, तुम इसी बहाने से प्रेमी से मिलने जा रही हो. मुझे सब पता चल चुका है, प्रेम मुझ से और यारी दूसरे से.” साहिल नाराजगी दिखाते हुए तेज आवाज में बोला.
“धीरे बोलो न, लोग आजा रहे हैं. कोई सुनेगा तो क्या कहेगा?” साक्षी ने समझाने की कोशिश की.
“किसी को जो कुछ कहना है, कहे, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं तुझे दिल से चाहता हूं और तुम किसी और को, यह मुझे कदापि बरदाश्त नहीं होगा, समझी?” बोलते हुए साहिल उस के बालों को कस कर पकड़ कर खींचने लगा. उस का दूसरा हाथ साक्षी की गरदन पर आ गया था. साक्षी अचानक साहिल के इस हमले से लडख़ड़ा गई. किसी तरह उस के हाथ से अपने बालों को छुड़ाया. तब तक वह जमीन पर गिरने की स्थिति में आ गई थी.
दूसरी तरफ साहिल हारे हुए शिकारी की तरह तिलमिलाने लगा था, चीखा, “हरामजादी, रंडी कहीं की, इश्क करेगी? अभी बताता हूं, तूने अभी तक मेरा गुस्सा नहीं देखा है. कल तक प्यार से समझा रहा था, फिर भी तू नहीं मानी, अब देख मैं क्या करता हूं…”
साहिल खान बना बेरहम हत्यारा
साहिल ने फुरती से अपनी जींस पैंट में से बड़ा चाकू निकाल लिया. बाएं हाथ से बाल समेत उस की गरदन दबोच ली, दाएं हाथ में चाकू से दनादन उस पर वार करने लगा. साक्षी चीखने लगी. उस की चीख सुन कर पास से गुजर रहे कुछ लोग ठिठक गए.
उन्होंने स्ट्रीट लाइट की रोशनी में जो कुछ देखा, वह बेहद दर्दनाक था. लेकिन सभी बुत बने रहे, किसी ने उसे रोकने के लिए मुंह से आवाज तक नहीं निकाली. एकदम फिल्मी दृश्य की तरह साहिल चाकू से साक्षी को गोदता रहा. साक्षी का शरीर बेजान हो गया फिर भी चाकुओं का वार थमा नहीं. तीन…चार… पांच और चाकुओं के वार की ये गिनती आखिरी में 40 तक जा पहुंची. साक्षी के शरीर से खून निकल कर जमीन पर फैलने लगा.
इतना ही नहीं चाकुओं से वार करने वाला साहिल कुछ सेकेंड के लिए वहां से हटा, लेकिन तुरंत वापस लौट कर साक्षी के पास जा पहुंचा, जो उस के चाकुओं के वार से पूरी तरह से निढाल हो कर वहीं नाली में गिर पड़ी थी. साहिल ने तब एक बड़ा सा पत्थर उठा लिया और एकएक कर के करीब 6 बार उस लडक़ी को कुचलने के बाद शांत हुआ.
इस पूरी वारदात को कई लोगों ने देखा. कुछ लोग नजर फेर कर चलते बने तो कुछ लोग वहीं ठिठके रहे. साहिल बड़ी आसानी से उन के सामने से चाकू ले कर चलता बना.
उधर साक्षी की मां रात का खाना खाने के बाद सोने की तैयारी में जुट गई थी. तब तक रात के 9 बज चुके थे. खुद से बोले जा रही थी, “यह सब काम साक्षी को करना चाहिए था, उसे करना पड़ रहा है. बहुत लापरवाह हो गई है. अपनी सहेली के यहां यहां जा कर बैठी है.”
तभी साक्षी की दोस्त भावना भागती हुई आई. उस ने बताया कि किसी ने साक्षी की हत्या कर दी है, लेकिन उस की बात पर साक्षी की मां को भरोसा नहीं हुआ. उन्होंने तुरंत साक्षी की सहेली नीतू को फोन किया, जिस के यहां साक्षी गई थी. उस ने बताया कि साक्षी बाजार गई है, उसे कुछ खरीदना था.
साक्षी की मां भावना के बताए मुताबिक घटनास्थल पर पहुंची. वहां देखा सचमुच बेटी साक्षी की लाश खून से लथपथ पड़ी थी. मौके पर ही मालूम हुआ, एक लडक़े उसे चाकुओं से गोद कर मार डाला है. उसे तुरंत अस्पताल ले जा जाया गया. अस्पताल ले जाने में मदद करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि वह उस समय वहां पर था और उस ने उस की बेटी को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन हमलावर ने उस पर भी हमला किया था.
जिद्दी स्वभाव की थी 16 वर्षीय साक्षी
दरअसल, साक्षी पिछले 10 दिनों से अपने घर में रहने के बजाए सहेली नीतू के घर पर रह रही थी. साक्षी की अपने घर वालों से जब भी नाराजगी हो जाती तो वह सहेली नीतू के घर ही चली जाती थी. वहीं से एक जन्मदिन पार्टी में जा रही थी और उस की गली में ही हत्या हो गई थी.
इस की सूचना पा कर थाना शाहबाद डेयरी के एसएचओ राजीव रंजन एसआई प्रवीण तोमर और 2 कांस्टेबलों के साथ 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गए थे. मामला गंभीर था, इसलिए एसएचओ ने इस घटना की सूचना डीसीपी (बाहरी उत्तरी जिला) रवि कुमार सिंह, एसीपी मनीष लाडला और क्राइम इनवैस्टीगेशन टीम को भी दे दी.
थोड़ी देर में जिले के पुलिस अधिकारी और क्राइम जांच टीम घटनास्थल पर पहुंच गई. पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच टीमों ने मौके से अनेक सबूत इकट्ठे किए. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
पूछताछ में साक्षी के पिता जनक राज ने बताया कि साक्षी पिछले हफ्ते से उन से नाराज चल रही थी. उस के मना करने पर भी वह साहिल से बातें करती रहती थी. जब उसे समझाया जाता था कि इन सब के लिए अभी वह छोटी है. तब वह उन की बात जरा भी नहीं सुनती थी और नाराज हो कर अकसर अपनी दोस्त नीतू के घर चली जाती थी.