यह सब जानकारी मिलने के बाद उसे पहली बार पता चला कि वह बुरी तरह से फंस चुका है. शनीफ ने कई बार प्यार से सिमरन को समझाने की कोशिश की, लेकिन उस ने उस की एक न सुनी. उस का साफ कहना था कि अगर उस ने उसे पैसा नहीं दिया तो वह उसे बुरी तरह से बदनाम कर देगी.
बदनामी के डर से वह बारबार उस की मांग पूरी करता रहा. लेकिन उस की मांग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी. जिस से शनीफ बुरी तरह से तंग आ चुका था. उसी दौरान शनीफ का रिश्ता महाराष्ट्र की एक युवती के साथ पक्का हो गया. हालांकि उस ने रिश्ते वाली बात पूरी तरह से उस से छिपा कर रखी थी. लेकिन पता नहीं उसे किस तरह से शनीफ के रिश्ते की बात पता चल गई. उस के बाद उस ने फिर से उसे ब्लैकमेल करना चालू कर दिया.
शनीफ ने उसे इस बार पैसा देने से साफ मना किया तो उस ने उस से कहा कि यह आखिरी बार है. तुम्हारा निकाह हो जाने के बाद तुम्हें मेरी जरूर तो होगी नहीं. उस के बाद वह उस से कोई पैसा नही मांगेगी.
सिमरन की बात सुनते ही शनीफ को लगा कि इस बार पैसा देने से उस से हमेशाहमेशा के लिए पीछा छूट जाएगा. यही सोच कर उस ने फिर से उसे मोटी रकम दे दी, लेकिन उस के बावजूद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आई. उस ने कुछ ही दिनों में फिर से उस से पैसों की मांग शुरू कर दी थी. परेशान हो कर शनीफ ने उस का फोन तक अटैंड करना बंद कर दिया था.
सिमरन नहीं मानी तो रेत डाला गला
शनीफ ने पुलिस को बताया कि 3 मई, 2023 को सिमरन उस की दुकान पर आ धमकी. उस वक्त दुकान पर काफी ग्राहक खड़े थे. दुकान के सामने आते ही उस ने अपनी स्कूटी रोकी और फिर उसे इशारे से पास बुलाने लगी. उस ने उसे अनदेखा करते हुए अपने ग्राहकों को निपटाया.
उस ने उस के बुलाने पर नहीं गया तो उस ने शनीफ को मोबाइल दिखा कर इशारा किया. उस के इशारे को शनीफ भलीभांति समझता था. उस वक्त दुकान बंद करने का भी समय हो चुका था. आसपास की अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी थीं. फिर भी वह अनचाहे मन से उस के पास पहुंचा.
शनीफ ने उस से काफी मिन्नतें की कि वह उसे माफ कर दे. इस वक्त उस के पास उसे देने के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन उस के बाद भी सिमरन अपनी जिद पर अड़ी रही. उस वक्त उस के पड़ोसी उसे शक की निगाहों से देख रहे थे. बारबार उस की धमकी सुन कर शनीफ बुरी तरह पक चुका था.
सिमरन ने फिर से जैसे ही उसे मोबाइल दिखाने की तो शनीफ उस के हाथ से मोबाइल छीन लिया. उस के बाद उसे सडक़ पर दे मारा. फिर वह जल्दी से दुकान की तरफ लपका. जब तक सिमरन ने अपना मोबाइल समेटा, वह दुकान से मीट काटने का छुरा ले कर उस के पास पहुंच गया. जैसे ही सिमरन ने उस के हाथ में छुरा देखा, उस ने वहां से भागने की कोशिश की. लेकिन उस की स्कूटी स्टार्ट नहीं हुई. मौका पाते ही शनीफ ने छुरे से उस का गला रेत दिया.
उस वक्त कई दुकानदार उसे देख रहे थे. लेकिन उस पर खून का भूत सवार होते देख किसी ने भी बोलने की हिम्मत नहीं की. रात के साढ़े 9 बजे के बाजार में सैंकड़ों की मौजूद भीड़ के बीच एक जवान युवती की जघन्य रूप से हत्या किए जाने से बाजार में अफरातफरी मच गई. उस की हत्या को देख कर खरीदार तो इधरउधर हुए ही, साथ ही दुकानदार भी अपनी दुकानें फटाफट बंद कर वहां से निकल लिए थे.
सिमरन को मौत की नींद सुलाने के बाद शनीफ मलिक ने वह छुरा दुकान में रख दिया और फिर वह भी वहां से फरार हो गया. फिर शनीफ ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया था. उस के बाद वह घर पहुंचा, अपने कपड़े चेंज किए और घर वालों को कुछ भी बताए बगैर फरार हो गया.
इस केस के खुलते ही पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित. कथा में फातिमा, राशिद परिवर्तित नाम हैं
समय के साथसाथ जैसे सिमरन बड़ी होती गई, उस की सुंदरता में और भी निखार आता गया. जवान होतेहोते वह रूप की रानी बन गई. होश संभालते ही उस ने भी मोबाइल चलाना सीख लिया था. उसी दौरान उसने फेसबुक, वाट्सऐप व इंस्टाग्राम चलाना सीख लिया था. उस के बाद वह अपनी सुंदर फोटो खींच कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने लगी. जिस की अदाएं देख कर फेसबुक पर उस के हजारों दोस्त बन गए.
हजारों लोगों के फालोअर बनते ही उस ने अपने रखरखाव पर और अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया था, जिस के कारण दिनबदिन उस के फालोअर्स की संख्या में बढ़ोत्तरी होती गई. उसी दौरान उस की फूफी फातिमा का इंतकाल हो गया. फूफी के इंतकाल के बाद उस ने उस घर को छोड़ दिया और किराए का कमरा ले कर अकेली ही रहने लगी. उसे पहले से ही अपनी खूबसूरती पर नाज था. उसी खूबसूरती के कारण ही उस के आसपास में कई चाहने वाले भी बन गए थे.
उन्हीं चाहने वालों में था उस का एक पड़ोसी राशिद, जिस की शनीफ से अच्छी पटती थी. कई बार राशिद ने शनीफ के सामने सिमरन की सुंदरता की तारीफ की थी. लेकिन वह उस से कभी भी रूबरू नहीं हो पाया था. सिमरन की तारीफ सुन कर कई बार उस का उस से मिलने का मन भी करता, लेकिन समय अभाव के कारण वह मिल नहीं पाया था.
शनीफ मलिक से हुआ प्यार
अब से लगभग डेढ़ साल पहले की बात है. हर रोज की तरह उस दिन भी शनीफ अकेला ही दुकान पर बैठा हुआ था, तभी उस की दुकान के सामने एक स्कूटी आ कर रुकी. उस स्कूटी पर सवार युवती निहायत ही खूबसूरत थी. शनीफ की जैसे ही उस युवती पर नजर पड़ी तो वह उसे देखता ही रह गया. उस ने सोचा भी न था कि वह उस की दुकान से अंडे लेने आई है. लेकिन जैसे ही वह युवती उस की दुकान की ओर बढ़ी, उस के दिल की धडक़न दोगुनी हो चली थी. जैसे ही वह पास आ कर खड़ी हुई, वह उसे देखता ही रह गया.
युवती ने दुकान पर पहुंचते ही अंडे देने को कहा. तभी उस के दिमाग में आया कि कहीं यही तो सिमरन नहीं है. उस ने अंडे गिनतेगिनते कुछ हिम्मत जुटाई, “आप का नाम सिमरन तो नहीं?”
“जी हां, मैं ही सिमरन हूं. पर आप मेरा नाम कैसे जानते हो?”
“यूं ही आप के बारे मे मेरे दोस्त चर्चा करते रहते हैं.”
“कौन है, आप का दोस्त?”
“वही राशिद जो आप के पड़ोस में रहता है.”
“ओहो! तो वह आवारा यहां तक घूमता है. वैसे मैं आप का नाम जान सकती हूं.”
“हां, क्यों नहीं. मुझे शनीफ मलिक कहते है.”
“बहुत अच्छा नाम है आप का. ओके चलती हूं.”
“ठीक है, फिर आगे भी हमारी दुकान की शोभा बढ़ाने के लिए आते रहना.”
“जी जरूर, लेकिन आप के बैठने का समय क्या है? क्योंकि मैं इस से पहले भी कई बार यहां से अंडे खरीद कर ले जा चुकी हूं. लेकिन उस वक्त तो शायद आप के वालिद ही मिलते थे.”
“जी हां, दोपहर तक दुकान वही संभालते हैं. मेरी ड्यूटी शाम को शुरू होती है. आप ये मेरा नंबर रख लीजिए, जब आप को अंडे चाहिए, मुझे फोन पर ही बता देना. मैं तुम्हारे आने से पहले ही ताजे अंडे छांट कर रख लिया करूंगा.”
“तो फिर आप ने जो मुझे अंडे दिए हैं, वो बासी हैं क्या?” युवती ने मजाक के लहजे में प्रश्न किया.
“नहींनहीं, फिर भी जब आप मुझे बता कर आओगी तो मुझे सहूलियत होगी.” कह कर शनीफ ने उसे एक विजिटिंग कार्ड थमा दिया. उस के बाद सिमरन हंसती हुई वहां से चली गई.
पहली मुलाकात में ही शनीफ उस की खूबसूरती का दीवाना हो गया था. उस दिन के बाद वह जल्दी ही मोबाइल पर उस की फेसबुक और इंस्टाग्राम को खंगालने में लग गया और जल्दी ही सिमरन के साथ फेसबुक और दूसरे मीडिया प्लेटफार्म पर जुड़ गया. फिर कुछ ही दिनों में दोनों के बीच दोस्ती गहराने लगी.
शनीफ देखनेभालने में हैंडसम था. धीरेधीरे दोनों में दोस्ती इस कदर पक्की हो गई कि उन्हें एकदूसरे से मिले बिना चैन नहीं पड़ता था. दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चालू हुआ तो दोनों ही साथ जीनेमरने की कसमें भी खाने लगे थे. उन्हीं एकांत मुलाकातों में सिमरन ने पूरी तरह से अपना शरीर उसे समर्पित कर दिया. सिमरन को पा कर शनीफ अपने आप को बहुत ही भाग्यशाली समझने लगा था. उसे घमंड इस बात का था कि एक खूबसूरत और मौडर्न लडक़ी उस के इतने करीब थी कि उस ने कभी सोचा भी नहीं था.
सिमरन का खर्च उठाने लगा शनीफ
सिमरन शेख से गहरी दोस्ती हो जाने के बाद शनीफ मलिक उसे खर्च के लिए कुछ पैसे भी देने लगा था. वह पूरी तरह से सिमरन को अपनी मानने लगा था. यही कारण रहा कि उस ने कभी भी उसे पैसे देने से मना नहीं किया. समयसमय पर वह उस के छोटेमोटे खर्च खुद ही वहन करने लगा था.
उसी दौरान कई बार दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने. उन्हीं अवैध संबंधों के दौरान सिमरन अकसर दोनों की वीडियो यह कह कर बना लेती थी कि यह उस का शौक है. उस के बाद वह उन वीडियो को अन्य फोन में भी सेव कर लेती थी. लेकिन शनीफ उसे इस कदर चाहने लगा था कि उस ने कभी भी किसी भी प्रतिक्रिया पर शक नहीं किया था.
उसी दौरान शनीफ के घर वालों ने उस के निकाह करने की सोची. फिर जल्दी ही शनीफ के घर वाले उस के निकाह की चर्चा करते हुए एक लडक़ी की तलाश में जुट गए. यह बात शनीफ ने सिमरन के सामने रखी. उस ने सिमरन से साफ शब्दों में कहा कि इस से पहले मेरे घर वाले मेरा निकाह किसी और लडक़ी से करें, हम दोनों कोर्ट मैरिज कर लेते हैं.
शनीफ जानता था कि अगर उस ने अपने घर वालों के सामने उस का जिक्र किया तो वह उस के साथ निकाह करने के लिए किसी भी हाल में राजी होने वाले नहीं. लेकिन सिमरन ने उस के साथ निकाह करने से साफ मना कर दिया. सिमरन का कहना था कि अभी निकाह करने की क्या जल्दी है. वह इतनी जल्दी निकाह के बंधन में बंधना नहीं चाहती.
सिमरन की बात सुनते ही शनीफ को बहुत बड़ा झटका लगा. वह उसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहता था. उस के लिए उसे चाहे कितनी भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े.
प्रेमिका बन गई ब्लैकमेलर
उस के बाद सिमरन ने नएनए खर्च बता कर शनीफ से मोटी रकम ऐंठनी शुरू कर दी थी. उस ने कई बार उस की मांग पूरी कर भी दी, लेकिन उस की मांग पहले से ज्यादा बढऩे लगी थी. शनीफ ने उस के सामने अपनी मजबूरी बताते हुए पैसे देने से मना किया तो उस ने उसे उस के साथ बनाई गई अश्लील वीडियो दिखा कर धमकाने की कोशिश की.
उस ने साफ शब्दों में कहा कि अगर उस ने उस की मांग पूरी न की तो वह उस की सारी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर देगी, जिस के बाद वह सारी जिंदगी कुंवारा ही बैठा रहेगा. सिमरन ने उस के कई फोन काल भी रिकौर्ड कर रखे थे.
3 मई, 2023 को रात के कोई साढ़े 9 बजे का वक्त रहा होगा. उसी दौरान पुलिस हैडक्र्वाटर से पुलिस को सूचना मिली कि मुलताई कस्बे के गांधी वार्ड के नागपुर चौक पर एक युवती की गला रेत कर हत्या कर दी गई है. युवती की लाश सडक़ पर पड़ी हुई है. मुलताई कस्बा मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के अंतर्गत आता है.
हत्या की सूचना मिलते ही मुलताई थाने की टीआई प्रज्ञा शर्मा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई. घटनास्थल पर पहुंचते ही टीआई प्रज्ञा शर्मा ने सब से पहले घटनास्थल का मुआयना किया. युवती की गला रेत कर बड़ी ही बेरहमी से हत्या की गई थी. घटनास्थल पर सडक़ के बीचोंबीच युवती का शव पेट के बल पड़ा हुआ था. उस के पास ही एक स्कूटी और उस का अन्य सामान भी बिखरा पड़ा था.
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद प्रज्ञा शर्मा ने इस सब की जानकारी एसडीओपी नम्रता सोंधिया तथा बैतूल एसपी प्रतीक चौधरी को भी दे दी थी. सरेआम भीड़भाड़ वाले इलाके में बीच सडक़ पर युवती की हत्या कर दिए जाने का मामला बेहद ही गंभीर था. यही कारण था कि युवती की हत्या की सूचना पाते ही सारे पुलिस उच्चाधिकारी मौके पर पहुंच गए थे.
उस वक्त तक मार्केट की ज्यादातर दुकानें बंद हो चुकी थीं. बाकी दुकानदार पुलिस को देख कर अपने शटर गिरा कर चलते बने थे. पुलिस ने आसपास खुल रही दुकान वालों से उस युवती की हत्या के बाबत जानकारी लेनी चाही तो किसी ने अपना मुंह तक नहीं खोला, लेकिन उस की शिनाख्त जल्दी ही हो गई. युवती मुलताई के नेहरू नगर के इलाके में रहने वाली अफजल शेख की बेटी सिमरन शेख थी. जानकारी मिलते ही पुलिस ने उस की हत्या की जानकारी उस के घर वालों को देते हुए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने को कहा.
कैमरे में रिकौर्ड नहीं हो पाई वारदात
युवती की हत्या किस ने और क्यों की? यह बात न तो उस के घर वालों को पता था और न ही पुलिस को पता लग पा रहा था. उस वक्त तक मार्केट पूरी तरह से बंद हो चुकी थी. तब पुलिस ने अपनी अपनी काररवाई पूरी कर उस की लाश पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दी.
इस के बाद पुलिस इस केस की जांच में जुट गई. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे चैक किए. लेकिन पुलिस को इस से भी कोई सफलता नहीं मिली, क्योंकि सीसीटीवी कैमरे के सामने एक बड़ी गाड़ी खड़ी थी. जिस के कारण वह वारदात कैमरे में रिकौर्ड नहीं हो पाई थी. उस के बाद पुलिस ने देखा कि घटनास्थल के ठीक सामने हनीफ मियां की अंडों की दुकान थी, जो हर रोज देर रात 10 बजे तक खुली रहती थी.
पुलिस को लगा कि घटना के वक्त हनीफ मियां की दुकान जरूर खुल रही होगी. शायद उन्हीं से इस मामले में कुछ जानकारी हासिल हो सके. यह सोचते ही पुलिस ने दुकान पर लिखे मोबाइल नंबर को डायल किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया. पुलिस ने 1-2 बार नहीं कई बार उसी नंबर को रिडायल किया. लेकिन वह फोन नहीं उठा.
फोन न उठने के कारण पुलिस को उसी दुकानदार पर कुछ शक हुआ. पुलिस हनीफ मियां का पता पूछतेपूछते उस के घर पर पहुंच गई. वह घर पर ही मिल गए. पुलिस ने हनीफ मियां से उस घटना को ले कर जानकारी जुटानी चाही तो उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि उन की दुकान बहुत पहले ही बंद हो गई थी. उस के बाद वहां पर कब, क्या हुआ, उन्हें कोई जानकारी नहीं.
शक के घेरे में आया शनीफ
उसी पुलिस पूछताछ के दौरान पुलिस को गुप्तरूप से जानकारी मिली कि शाम के वक्त ज्यादातर उन का बेटा शनीफ दुकान पर बैठता था. पुलिस ने हनीफ मियां से शनीफ के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वह दुकान से आने के बाद अकसर अपने दोस्तों के पास चला जाता है. हो सकता है कि वह अपने दोस्तों के पास ही होगा. पुलिस ने हनीफ मियां से उस का मोबाइल नंबर ले कर डायल किया तो वह बंद मिला.
शनीफ का मोबाइल बंद पा कर पुलिस को पूरा शक हो गया कि इस हत्या के बारे में उसे जरूर जानकारी रही होगी. तभी उस ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है. उसी शक के आधार पर पुलिस उस की तलाश में जुट गई, लेकिन उस का कहीं भी पता नहीं चला. उस के बाद पुलिस ने उस की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर लगा दिए. मुखबिर की सूचना पर शनीफ जल्दी ही पकड़ में आ गया. पुलिस पकड़ में आते ही वह बुरी तरह से घबरा गया था. पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले आई.
चूंकि शनीफ ने सरेआम घटना को अंजाम दिया था, जिस को वहां मौजूद काफी लोग देख रहे थे. वह जानता था कि पुलिस के आगे उस की एक नहीं चलने वाली. यही सोच कर उस ने जल्दी ही सब कुछ साफसाफ उगल दिया. शनीफ ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि सिमरन शेख उसे ब्लैकमेल कर उसे बरबाद करने पर तुली थी. जिस के कारण ही उसे यह कदम उठाना पड़ा.
हत्या का अपराध स्वीकारते ही पुलिस ने उस की निशानदेही से हत्या में प्रयुक्त मीट काटने वाला छुरा भी बरामद कर लिया. साथ ही उस के द्वारा घटना के वक्त पहने कपड़े भी पुलिस ने बरामद कर लिए.
कौन थी सिमरन शेख? और उस की जानपहचान शनीफ से कैसे हुई? जानने के लिए हमें इस दिलचस्प कहानी के अतीत में जाना होगा.
सोशल मीडिया की दीवानी हुई सिमरन शेख
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पड़ता है एक कस्बा मुलताई. सिमरन इसी कस्बे के नेहरू नगर में रहने वाले अफजल शेख की बेटी थी. सिमरन शेख बचपन से ही चंचल थी. उस के नैननक्श उस की सुंदरता का स्वयं ही बखान करते थे. यही कारण था कि वह अपनी सुंदरता और चंचलता के कारण सभी की चहेती बन गई थी.
अफजल शेख की एक बहन थी फातिमा. फातिमा के कोई बच्चा नहीं था. सिमरन से वह बहुत ही प्रभावित थी. जब से सिमरन ने जन्म लिया था, उस की निगाहें उसी पर गड़ी रहती थीं. एक दिन मौका मिलने पर उस ने अपने भाई अफजल से उस प्यारी सी गुडिय़ा को लेने की चाहत जाहिर की. अफजल अपनी बहन की इस मांग को मना नहीं कर सके और उन्होंने सिमरन को उस के हवाले कर दिया. सिमरन की बुआ उसे ले कर अपने घर चली आई और प्यार से उस का पालनपोषण करने लगी.