इस तरह 2-3 दिन और अगले सप्ताह करतेकरते 3 माह बीत गए. कभी कोरोना तो औफिस के काम की व्यस्तता बताता हुआ स्वैन उस से वादे करता रहा. इस दौरान उसे स्वैन के बारे में बहुत कुछ पता चल गया था. घर के सारे खर्च का भार उस के ऊपर ही आ गया था. नौकरानी के वेतन से ले कर दूसरे खर्चे तक वही वहन कर रही थी. अवंतिका काफी तनाव में आ गई थी. परेशान रहने लगी थी.
स्वैन से जब भी फोन पर बातें होतीं तो सौरी बोलते हुए काम की व्यस्तता का बहाना बना देता था. एक बार उस ने खुद फ्लाइट से बेंगलुरु आने की बात कही तब उस ने मना कर दिया. बोला कि वह वहां गेस्टहाउस में रहता है. अस्थाई ठिकाना है. जब अपना फ्लैट ले लेगा तब बुला लेगा.
पति की सच्चाई जानकर हो गई हैरान
इस बीच अवंतिका के दिमाग में वाइफ डाक्टर और वाइफ टीचर शब्द भी घूमते रहे. उस का संदेह गहरा गया. एक रोज नौकरानी को विश्वास में ले कर पूछ बैठी. नौकरानी ने दबी जुबान में बताया कि उस की पहले से भुवनेश्वर में 2 शादियां हो चुकी हैं. वह वहां किस इलाके में रहती हैं, उसे नहीं मालूम. यह सुन कर अवंतिका को लगा जैसे उस के पैरों तले की जमीन खिसक गई हो.
अगली बार जब स्वैन आया तब उस ने बेंगलुरु जाने की जिद पकड़ ली. साथ ही अपने मायके जबलपुर चलने के लिए जोर दिया. उस ने कहा कि वह अपने परिवार के सामने वैदिक रीति और विधिविधान से शादी की रस्में करना चाहती है. उस के परिवार वाले उसे तभी स्वीकार कर पाएंगे जब वे शादी की रस्मों में शामिल होंगे.
इस बात को ले कर उन के बीच तूतूमैंमैं होने लगी. किसी तरह से मामला शांत हुआ, लेकिन आए दिन झगड़े होने लगे. अवंतिका समझ गई थी उस के साथ धोखा हुआ है. उस ने स्वैन के बारे में और जानकारियां जुटानी शुरू कीं. संयोग से उसे आधा दरजन ऐसी महिलाओं के फोन नंबर मिल गए, जो स्वैन के मोबाइल में वाइफ बेंगलुरु, वाइफ टीचर, वाइफ दिल्ली, वाइफ आईटीबीपी आदि के नाम से सेव थे.
उस ने सभी का वाट्सऐप ग्रुप बना लिया. उन से स्वैन के बारे में बातें शेयर होने लगीं. जल्द ही स्वैन की पोल खुल गई. उस के कारनामों के बारे में मालूम हो गया कि वह कई महिलाओं को झांसा दे कर शादियां कर चुका था. सभी को केंद्र सरकार का एक बड़ा अफसर बताया था. साथ ही अवंतिका को यह भी पता चल गया कि जिसे वह डा. विधु प्रकाश स्वैन समझ रही थी, वह वास्तव में रमेश चंद्र स्वैन था. उस के अन्य नाम डा. रमानी रंजन स्वैन और डा. विजयश्री स्वैन भी था. सभी में सरनेम स्वैन ही था.
स्वैन के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत
अवंतिका के सिर से पानी ऊपर जा चुका था. उस ने देरी किए बगैर अक्तूबर 2020 में भुवनेश्वर के एक थाने में स्वैन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी. शिकायत में उन सभी महिलाओं की भी चर्चा की, जो अलगअलग राज्यों की थीं और उस के द्वारा ठगी जा चुकी थी.
शिकायत में शादी के नाम पर उन से देहज में मोटी रकम लिए जाने की बात लिखी. शिकायत के अनुसार स्वैन ने अलगअलग बहाने बना कर भी पैसे मांगे थे. जैसे आईटीबीपी पत्नी से उस ने कुछ अर्जेंसी के बहाने से 10 लाख रुपए मांगे थे. वह अकसर अपनी पत्नी से स्टाफ को 1-2 लाख रुपए पेमेंट करने के लिए कहता था, या फिर अकाउंट में ट्रांसफर करने को बोलता था.
भुवनेश्वर पुलिस ने रमेश चंद्र स्वैन के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 (ए), 419, 468, 471 और 494 के तहत मामला दर्ज कर लिया था. जबकि वह गिरफ्त में नहीं आ पाया था. भुवनेश्वर की पुलिस ने उस की तलाश शुरू कर दी गई थी. रमेश को शायद इस बात की भनक लग गई थी, इसलिए उस ने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया था. वह भुवनेश्वर से फरार हो गया था.
पुलिस को तलाशी के सिलसिले में मालूम हुआ था कि वह गुवाहाटी में रहने वाली अपनी एक और पत्नी के साथ रह रहा है. 7 महीने बाद रमेश मामले के ठंडा होने की उम्मीद के साथ भुवनेश्वर वापस आ गया था.
इसी बीच दिल्ली वाली पत्नी भी सक्रिय हो चुकी थी. उस ने भुवनेश्वर में ही अपने मुखबिर लगा रखे थे. उसे जैसे ही मालूम हुआ कि रमेश अपने भुवनेश्वर के खंडगिरी वाले फ्लैट में वापस आ चुका है, तुरंत इस की सूचना भुवनेश्वर पुलिस को दे दी. उस के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने वाली महिलाओं में मध्यप्रदेश की महिला के अलावा दिल्ली की 48 वर्षीया स्कूल टीचर भी थी.
दिल्ली की टीचर ने उस के खिलाफ मई 2021 में ओडिशा के भुवनेश्वर और कटक के कमिश्नरेट पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उस ने भी शिकायत में लिखा था कि स्वैन ने कई शादियां की हैं और उस से दहेज के नाम पर 13 लाख रुपए ठगे थे. उस की शादी 29 जुलाई, 2018 को दिल्ली के एक आर्य समाज मंदिर में हुई थी. भुवनेश्वर की यात्रा के दौरान उसे स्वैन की एक नौकरानी से पता चला कि उस की पहले से ही वहां 2 पत्नियां रह रही हैं.
इस शिकायत पर पुलिस ने स्वैन के फोन नंबर से पता लगाया कि उस के कई पते हैं और हर पते पर पाया गया कि उस की एक पत्नी रहती है. उस के बारे में यह भी मालूम हुआ कि वह अकसर यात्रा पर रहता था. जहां उस की पहली शादी हुई थी और जिस से उस के बच्चे थे वहां कभीकभार ही आता था. पुलिस ने उस के फोन को ट्रैक कर के उस के ठिकाने का पता लगा लिया था.
भुवनेश्वर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चकमा दे कर भागने वाले रमेश चंद्र स्वैन को गिरफ्तार कर लिया. बताते हैं कि उस रोज वह 19वीं शादी करने वाला था. उस की गिरफ्तारी वेलेंटाइन डे की पूर्व संध्या पर 13 फरवरी की देर रात भुवनेश्वर के केंद्रपाड़ा में सिंघला गांव से हुई. उस दिन वह भुवनेश्वर में शनि मंदिर के दर्शन करने के लिए गया था.
इस मामले की जांच के लिए एक टास्क फोर्स गठित की गई थी. उस के पास से 13 क्रेडिट कार्ड, 4 आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, अलगअलग नामों वाले अशोक चिन्ह लोगो के साथ विजिटिंग कार्ड बरामद किए गए. अगले रोज उसे कोर्ट में पेश किया. वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.


