योजना के मुताबिक, सब से पहले वंदना कलिता ने अपने पति अमर ज्योति डे को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, जिस की तिथि 26 जुलाई, 2022 तय की. उस दिन वंदना कलिता पति के साथ घर में अकेली थी. उस ने प्रेमी धनजीत को फोन कर के बता दिया कि शिकार हलाल होने के लिए तैयार है, आ जाओ. प्रेमिका की ओर से हरी झंडी मिलते ही धनजीत अपने दोस्त अरुप डेका के साथ शाम 7 बजे घर पहुंचा.
प्रेमी के साथ कर दी हत्या घर पर पत्नी के आशिक को देख कर अमर ज्योति का दिमाग सातवें आसमान पर चढ़ गया. गुस्से के मारे वह पत्नी के ऊपर चढ़ बैठा. अपनी प्रेमिका को पति के हाथों पिटता देख धनजीत की आंखों में खून उतर आया. उस ने आव देखा न ताव, घर में रखे लोहे की रौड से उस के पीछे सिर पर ऐसा जोरदार वार किया कि वह चक्कर खा कर नीचे फर्श पर जा गिरा और तड़प कर शांत हो गया.
अमर ज्योति डे की मौत हो चुकी थी. वंदना ने पति की लाश घर में छिपा दी थी. फिर बाजार से 2 बड़े प्लास्टिक के बैग खरीद कर ले आई. अगले दिन तेजधार वाले फलदार चाकू से वंदना कलिता, धनजीत डेका और अरुप डेका तीनों ने मिल कर लाश के 5 टुकड़े किए और 2 अलगअलग पैकेटों में पैक कर के गुवाहाटी से करीब 200 किमी दूर मेघालय राज्य के चेरापूंजी जिले में स्थित दाऊकी की 60 मीटर गहरी खाई में फेंक कर इत्मीनान से घर लौट आए. वे लाश को धनजीत की कार में ले कर गए थे.
चूंकि अमर ज्योति मां शंकरी से अलग मकान में रहता जरूर था, लेकिन उस की मां से दिन में 1-2 बार बातचीत हो ही जाती थी. इधर पिछले एक सप्ताह बीत चुका था, मगर अमर ज्योति का न तो फोन आया था और न ही उस का फोन ही लग रहा था. यह जान कर शंकरी डे बुरी तरह परेशान थीं कि आखिर अचानक बेटा कहां चला गया. जिस को मां से बात करने की फुरसत तक नहीं, उन्हें क्या पता था कि नफरत की चाशनी में डूबी उस की बहू ने बेटे को मौत के घाट उतार कर लाश टुकड़ेटुकड़े कर खाई में फेंक चुकी है.
खैर, शंकरी डे ने बेटे के बारे में बहू वंदना कलिता से फोन कर कई बार पूछा, लेकिन वह इस बारे में कोई खास जवाब नहीं दे पाई थी. पता नहीं क्यों बहू के जवाब से शंकरी संतुष्ट नहीं हो पा रही थीं. इधर बहू को लग रहा था कि सास को उस पर शक हो गया है. इस से पहले कि सास कोई ठोस कदम उठा पातीं, वंदना ने सास को भी निबटा कर राज बना देने की ठान ली.
ठीक 23 दिनों बाद यानी 17 अगस्त, 2022 को शंकरी डे अपने चांदमारी के फ्लैट में सोफे पर बैठी आराम फरमा रही थीं, उसी वक्त वंदना कलिता फ्लैट पर पहुंची. उसे देख कर शंकरी का खून खौल उठा और उन्होंने बहू को खरीखोटी सुना कर उसे वहां से वापस लौट जाने को कहा.
सास का घोट दिया गला…
इस बात को ले कर सास और बहू आपस में गुत्थमगुत्था हो गईं. इस गुत्थमगुत्था में कलयुगी बहू वंदना कलिता सास पर भारी पड़ी और तकिया नाक पर तब तक दबाए रखी, जब तक उन की जान नहीं चली गई. इत्तफाक तो देखिए, हर वक्त बहन की छाया बन कर रहने वाला भाई राजेश उस समय घर पर था ही नहीं.
फिर सास की हत्या करने की जानकारी वंदना ने अपने प्रेमी धनजीत डेका को दे दी तो वह दोस्त अरुप डेका को ले कर वंदना के फ्लैट पर पहुंच गया. वंदना अपने दोनों साथियों के साथ लाश कार में डाल कर अपने कमरे नरेंगी ले आई और धनजीत डेका और अरुप की मदद से सास के 3 टुकड़े कर उसे 3 दिन बड़े फ्रिज में रखा. फिर चौथे दिन फिर मेघालय के चेरापूंजी जिले के तिनसुनिया जंगल में फेंक आए.
बड़ी चालाकी से वंदना कलिता ने पति और सास की हत्या कर दोनों लाशें करीब 200 किलोमीटर दूर फेंक कर अपने रास्ते के कांटे को हटा दिया था. अभी कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, शातिर कलयुगी बहू वंदना कलिता चाहती थी कि उस पर कोई शक करे. इस के लिए उस ने घटना के 12 दिनों बाद यानी 29 अगस्त, 2022 को नूनमति थाने में पति और सास के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी.
3 महीना बीत जाने के बाद जब भांजे और बहन का कहीं पता नहीं चला तो अमर ज्योति के मामा राजेश डे को बहू पर शक हो गया. क्योंकि जिस का पति और सास लापता हो, उस को अपनों के बिछुडऩे का कोई गम नहीं था, वंदना के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी. वंदना कलिता समझ गई थी कि उस पर मामा राजेश को शक हो गया है, इसलिए वंदना ने राजेश को भी अपने रास्ते से हटाने की चाल चल दी थी, क्योंकि अब वही उस के रास्ते का रोड़ा बन रहे थे.
फिर उस ने मामा पर ही सास के बैंक खाते से रुपए निकालने का आरोप लगाते हुए उन के खिलाफ नूनमति थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी, लेकिन यह रिपोर्ट दर्ज कराना ही उस के गले की हड्ïडी बन गई थी और वह इस तरह 7 महीने बाद खुला हत्या का राज. फिर कलयुगी बहू वंदना अपने साथियों के साथ जेल पहुंच गई. इस घटना की जानकारी जब वंदना कलिता के पिता को हुई तो वह शर्म से पानीपानी हो गए और नफरत से हुंकार भरते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी औलाद से बेऔलाद होना अच्छा था. बेटी ने जो अपराध किया है, उस का तो एनकाउंटर कर देना चाहिए.
बहरहाल, गुवाहाटी में मांबेटे की हत्या की आरोपी वंदना कलिता और उस के साथी धनजीत और अरुप जेल में बंद थे. उन की शिनाख्त पर शंकरी डे की कुछ अस्थियां, कपड़े और कंबल बरामद किए थे और अमर ज्योति की लाश कथा लिखने तक बरामद नहीं हुई थी.
—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित


