दुर्लभ के स्टाइल में उतरी सोनिया
अक्तूबर, 2022 में वाराणसी के सिगरा में भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की हत्या के आरोप में पुलिस ने जिन लडक़ों को गिरफ्तार किया था, उन में से अधिकतर दुर्लभ कश्यप के फैन निकले थे. मुठभेड़ में गिरफ्तार 307 गैंग के सरगना राहुल सरोज के मोबाइल में दुर्लभ कश्यप पर बने कई वीडियो भी मिले थे.
यही नहीं, राहुल के इंस्टाग्राम पर रील और फेसबुक पर वीडियो भी दुर्लभ कश्यप से हूबहू मेल खाती है. माथे पर तिलक, आंखों में काजल, कंधे पर गमछा, हलकी दाढ़ी और गले में रुद्राक्ष की माला पहनने वाला राहुल भी दुर्लभ की स्टाइल में रहता था. उस के 307 गैंग में जयप्रकाश नगर, चंदुआ, छित्तूपुर, शिवपुरवा, माधोपुर के 40 से 45 नौजवान शामिल हैं. सभी वाट्सऐप ग्रुप 307 के सदस्य हैं, जिस का एडमिन राहुल सरोज, विकास राजभर और पवन हैं.
क्राइम ब्रांच ने राहुल और पवन के मोबाइल खंगाले तो कई वीडियो और फोटो निकल कर सामने आए. राहुल के इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट भी खतरनाक और चेतावनी वाले थे. दुर्लभ कश्यप का तो अंत हो गया, लेकिन आज भी कई युवा उसे अपना रोल मौडल मानते हैं.
ऐसी ही एक युवती को उज्जैन पुलिस ने जनवरी 2023 में गिरफ्तार किया. युवती ने सोशल मीडिया पर रिवौल्वर और चाकू के साथ अपने कुछ फोटो और वीडियो अपलोड किए थे. उस ने दुर्लभ की तरह ही माथे पर टीका लगा कर और गले में गमछा डाले हुए कुछ फोटो भी अपलोड किए तो पुलिस ने उस के खिलाफ आम्र्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया.
उज्जैन के पंवासा मल्टी के पास से एक युवती को रास्ते में धारदार चाकू लहराते हुए आतेजाते लोगों को धमकाते हुए देखा गया था. सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर युवती को गिरफ्तार कर उस के पास से चाकू बरामद किया. युवती का नाम सोनिया उर्फ नेपु थापा था. वह 19 साल की थी और नानाखेड़ा के आनंद नगर इलाके में रहती थी.
छोटी उम्र में ही उस के पिता का देहांत हो गया था, तब से मां के साथ अकेली रहती थी. सोशल मीडिया पर सोनिया काफी ऐक्टिव है, जब पुलिस ने उस का इंस्टाग्राम अकाउंट देखा तो पिस्टल के साथ और नशा करते हुए कई फोटो दिखाई दिए. उस ने कुछ फोटो के कैप्शन में 307 और 302 भी लिख रखा था. इस के अलावा हुक्का पीते, डांस करते, सिगरेट के छल्ले उड़ाते और शराब पीते हुए वह अन्य कई फोटो व वीडियो में नजर आ रही थी.
दुर्लभ कश्यप सोशल मीडिया पर काफी पापुलर था और सोनिया उस से काफी प्रभावित है. वह उस की तरह दिखना चाहती है और उसे अपना रोल मौडल समझती है. उस ने पुलिस को बताया था कि दुर्लभ कश्यप की वीडियो वह सोशल मीडिया पर देखा करती थी और उस ने कुछ फोटो और वीडियो डाले हैं, जिस में खुद को दुर्लभ जैसा लुक देने की कोशिश की है.
दुर्लभ की मौत की कहानी
18 साल की उम्र में दुर्लभ कश्यप के खिलाफ 9 केस दर्ज हो गए थे. वह जेल से भी गैंग चलाता रहा. 2 साल जेल में बंद रहने के बाद कोरोना काल के दौरान साल 2020 में उस की रिहाई हो गई. वह कुछ दिन इंदौर में रह कर मां के पास उज्जैन लौट आया.
कहा जाता है कि बुराई का अंजाम बुरा ही होता है. ठीक वैसे ही दुर्लभ का बढ़ता कद अपराध की दुनिया के दूसरे बादशाहों को खटकने लगा था. उस की दुश्मनी दिनरात बढ़ती जा रही थी. ऐसे में उज्जैन के ही शाहनवाज गैंग ने दुर्लभ को खत्म करने का प्लान बनाया था.
6 सितंबर, 2020 को दुर्लभ अपने घर में कुछ दोस्तों के साथ मां के हाथ की बनाई दाल बाटी खाने के बाद रात को अपने साथियों के साथ घर से निकला था.
देर रात सडक़ों पर घूमते हुए दुर्लभ अपने साथियों से बोला, “यार, चाय पीने का मन हो रहा है, लेकिन आसपास की दुकानें तो बंद नजर आ रही हैं.”
“भाई, उधर हेलावाड़ी इलाके की एक दुकान देर रात तक खुली रहती है, वहां पर चल कर चाय की चुस्कियां लेंगे.” गैंग का एक साथी राजदीप बोला.
इस के बाद बाइक से दुर्लभ अपने साथियों के साथ हेलावाड़ी इलाके की चाय की दुकान पर पहुंच गया. इस दौरान पहले से शाहनवाज गैंग के लोग वहां मौजूद थे. जब दुर्लभ का शाहनवाज से आमनासामना हुआ तो दुर्लभ ने शाहनवाज पर गोली चला दी. गोली उस की गरदन के पास से हो कर निकली थी.
बदले में शाहनवाज के साथियों ने दुर्लभ को घेर कर चाकू से उस के पेट, पीठ, चेहरे, गरदन पर ताबड़तोड़ 34 वार किए. दुर्लभ के दोस्त इस दौरान उसे छोड़ कर भाग गए थे. दोनों के बीच जबरदस्त गैंगवार हुई, जिस में दुर्लभ की चाकुओं से गोदगोद कर हत्या कर दी गई.
घटना के बाद सुबह 4 बजे जीवाजीगंज थाने की पुलिस व उज्जैन के तत्कालीन सीएसपी ए.आर. नेगी मौके पर पहुंचे थे. एफएसएल अधिकारी डा. प्रीति गायकवाड़ ने घटनास्थल से 3 चप्पलें भी जब्त कराई थीं. पुलिस ने दुर्लभ की मां पद्मा को घटनास्थल पर ले जा कर दुर्लभ की शिनाख्त कराई. दुर्लभ के पिता भी सुबह अस्पताल पहुंचे.
चाय की दुकान चलाने वाला अमन उर्फ भूरा घटना का मुख्य चश्मदीद था, जिसे पुलिस ने फरियादी बनाया. उस की रिपोर्ट पर दुर्लभ, राजदीप, अमित सोनी, अभिषेक शर्मा समेत एक अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धारा में केस दर्ज किया.
दुकानदार ने बताया, “दुर्लभ ने कहासुनी के बाद जैसे ही गोली चलाई, शाहनवाज घायल हो कर सडक़ पर बैठ गया. इस के बाद भगदड़ मच गई. इरफान व अमन उस्ताद उसे अस्पताल ले कर भागे. मैं भी घबरा कर भाग गया था.”
दूसरे पक्ष से दुर्लभ के खास साथी अभिषेक शर्मा की रिपोर्ट पर जीवाजीगंज पुलिस ने घायल शाहनवाज, शादाब, हिस्ट्रीशीटर रमीज, राजा व भूरा के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया.
अभिषेक ने बताया, “दुर्लभ के घर दाल बाटी खाने के बाद रात करीब डेढ़ बजे सिगरेट व चाय पीने दुकान पर गए थे. वहां शाहनवाज व शादाब से किसी बात पर दुर्लभ का झगड़ा हो गया और दुर्लभ को चाकू मारने लगे. चायवाला अमन उर्फ भूरा चिल्ला कर कह रहा था कि शादाब भाई इसे जान से खत्म कर दो, जिंदा मत छोडऩा.”
दुर्लभ की मां इस सदमे को बरदाश्त नहीं कर सकी थीं. उज्जैन में वह एकदम अकेले पड़ गई थीं, यही वजह रही कि उन्होंने भी बेटे के गम में 7 महीने बाद दम तोड़ दिया था.
दुर्लभ के जीवन पर बनी फिल्में
छोटी उम्र में अपराध की दुनिया का एक ऐसा बेताज बादशाह जिस की दहशत से न सिर्फ धार्मिक नगरी उज्जैन कांपती थी, बल्कि मालवा के इलाकों में उस के अपराध की तूती बोलने लगी थी. एक ऐसा गैंगस्टर जो औनलाइन गैंग चलाता था और कई वारदातों को अंजाम दे कर उज्जैन में बड़े गैंगस्टरों की लिस्ट में शामिल हो गया था.
उज्जैन का दुर्लभ कश्यप एक ऐसा ही गैंगस्टर था, जिस ने नाबालिग अवस्था में ही जुर्म की दुनिया में अपना नाम बनाया. उसी समय उज्जैन के एसपी सचिन अतुलकर हुआ करते थे.
एक बार जेल विजिट के दौरान उन्होंने दुर्लभ को देख कर कहा था, “तू जेल में ही सेफ है, उम्र से ज्यादा दुश्मनी पाल ली है, बाहर निकलेगा तो कोई मार देगा.”
दुर्लभ कश्यप अपने आसपास के युवाओं के बीच इतना प्रसिद्ध था कि लोग उसे लायन औफ उज्जैन कहते थे. आज भी उस के नाम पर उज्जैन में गैंग चल रहे हैं. इतना ही नहीं, दुर्लभ कश्यप के जीवन पर फिल्में भी बन चुकी हैं. ‘शूटर’ फिल्म में शानदार अभिनय करने वाले पंजाबी फिल्मों के अभिनेता जय रंधावा ने इस फिल्म में दुर्लभ की भूमिका निभाई है.
गैंगस्टर दुर्लभ पर फिल्म निर्माता मोहित मनाल, निर्देशक रोहित कुमार आर्यन ने ‘गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप’ नाम की फिल्म बनाई है. यूट्यूब चैनल और ओटीटी प्लेटफार्म पर भी दुर्लभ के जीवन से जुड़ी फिल्में आसानी से देखी जा सकती हैं. कुछ भी हो, अपराध की दुनिया के युवाओं के लिए दुर्लभ कश्यप एक रोल मौडल है.
—कथा मीडिया रिपोर्ट पर आधारित


