बच्चे हों या औरतें, बलात्कार क्यों?
हमारे समाज में आज भी मर्दवादी सोच के तहत औरतें और बच्चे अक्सर यौन शोषण का शिकार बनते है. औरतों की इज्जत से खेल कर उनके अहम को चोट पहुंचाई जाती है. ऐसी घिनौनी हरकतें पीडि़त के दिलोदिमाग पर ऐसा असर डालती हैं जिस से जीवनपर्यन्त वो उबर नहीं पाते.
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