पैसा बेईमान नहीं, हत्यारा भी बनाता है – भाग 3
राजू ने गिड़गिड़ाते हुए उन्हें पुराने संबंधों का वास्ता दिया तो नरम दिल नायर पिघल उठे और उन्होंने उसे अंदर आने दिया. यह उनकी भारी भूल साबित हुई. उन्हें क्या पता था कि राजू के भेष में उन्होंने मौत को अंदर आने की इजाजत दी है. पढ़िए कहानी का अंतिम भाग.
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