मेरी नहीं तो किसी की नहीं – भाग 2
रूपा ने दिमाग पर जोर डाला. फिर उस ने अनभिज्ञता से कंधे उचकाए. तभी चंद्रशेखर बोला, ‘‘चलो, अपनी आंखें बंद करो...और हाथ आगे बढ़ाओ.’’ वो करना क्या चाह रहा था?
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