Bihar Crime: 18 वर्षीय आरती वरमाला के समय बेहद खुश थी. स्टेज पर जैसे ही उस ने अपने मंगेतर के गले में जयमाला डाली, उसी दौरान किसी ने उस के पेट में सटा कर गोली मार दी. एक झटके में ही 2 परिवारों की खुशियां जयमाला के टूटे फूलों की तरह बिखर गईं…ऐसा क्यों हुआ? किस ने किया? पढ़ें, इस सिरफिरे प्रेमी की कहानी में…

वैसे तो बिहार के शहर बक्सर के जर्रेजर्रे में आज भी वीरता का गौरवशाली इतिहास बोलता है. अंगरेजों से लोहा लेने वाली बंदूकों की आवाज की गूंज की कहानियां भी सुनीसुनाई जाती हैं. किंतु विवाह के मौके पर लोगों का बारात में बंदूक ले कर आना और आतिशबाजी की तरह आसमानी फायर करना सामान्य बात है. बक्सर के चौसा नगर पंचायत में 24 फरवरी, 2026 को नंद चौधरी के घर पर उन की 18 वर्षीय बेटी आरती की बारात आने वाली थी. रात के 10 बज चुके थे. घर पूरी तरह रोशनी से नहाया हुआ था. आवागमन के मुख्य रास्ते पर करीब 250 मीटर की दूरी तक और अगलबगल की गलियों में एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट्स और तेज रोशनी वाले वैपर लाइट की दिन के उजाले जैसी रोशनी फैली हुई थी.

वहां घर के लोगों का आनाजाना हो रहा था. बच्चे भी अपनी धुन में खेलकूद रहे थे. घर के पास में ही एक चौड़ी जगह पर जयमाला का इंतजाम किया गया था. इस के लिए एक किनारे पर टेंट के नीचे मंच सजा दिया गया था. उस पर मुश्किल से 8-10 लोग खड़े हो सकते थे. मंच के सामने कुछ कुरसियां लगाई जा चुकी थीं. वहां की भी सजावट जबदरस्त थी. फूलों की सजावट साथसाथ चौंधिया देने वाली रंगीन रोशनी से गजब का माहौल बन गया था.

घर के लोग बारात आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. हालांकि बलिया से आई बारात जनमासे में पहुंच चुकी थी. बारातियों को नाश्ता वगैरह भी करवाया जा रहा था. उन के तैयार हो कर निकालने की भी लगभग तैयारी हो चुकी थी. बारातियों में से एक व्यक्ति ने उस की कमान संभाल ली थी और सभी को जल्द कमरे और हौल से बाहर निकलने को कह रहे थे. कुछ इसी तरह का माहौल दुलहन के कमरे में भी बना हुआ था. ब्यूटी पार्लर द्वारा सजीधजी दुलहन अपनी सहेलियों और रिश्तेदारों से घिरी बैठी थी. उस की सुंदरता की तरीफें हो रही थीं. हंसीमजाक भी चल रही थी, जबकि घर में विवाह के मुख्य कर्ताधर्ता इस शादी के कार्यक्रम को तेजी से बढ़ाने में लगे हुए थे.

महिलाओं को द्वार पर जल्द बारात लगाए जाने का इंतजार था. वे बारातियों के स्वागत की थाली सजाए हुए थीं. थाली का दीपक बुझने नहीं पाए, इस के लिए साथ में माचिस भी रखी थी. उन में दूल्हे के साथ पारंपरिक रस्में निभाने की उत्सुकता थी. महिलाओं ने इस के लिए अपनेअपने काम बांट लिए थे. इसी बीच एक बुजुर्ग महिला बोली, ”अरे तुम सब यहीं हंसीठिठोली करती रहोगी, बाहर जा कर पता तो करो…बारात जनमासे से निकली भी है या अभी वहीं सज रही है?’’

”आंटी, बारात निकल चुकी है…बैंड की तेज आवाज सुनाई दे रही है.’’ दुलहन की एक सहेली बोली.

”ठीक है, दुलहन को छत पर ले जा, उसे बारात दिखा कर तुरंत ले आना…’’ महिला बोली.

”दुलहन को क्या आंटी?’’ सहेली ने प्रश्न किया.

”अरे, यह भी एक रस्म है…दुलहन को अपनी बारात देखने से उस के लिए शुभ होता है.’’

”अच्छा तो यह बात है…ठीक है आंटी… अरे, चलोचलो, दुलहन को ले चलते हैं छत पर…’’ यह कहती हुई लड़कियां दुलहन को छत पर ले गईं. वहां वे छत के मुंडेर के किनारे जा जा कर खड़ी हो गईं.

तब तक बैंडबाजे की आवाज काफी तेज हो चुकी था. इस का मतलब था कि बारात दरवाजे के नजदीक पहुंच चुकी थी.

घर की बड़ीबुजुर्ग महिलाएं हाथों में दीपबाती का थाल लिए हुए दूल्हे के स्वागत के लिए सजी गाड़ी के पास पहुंच गई थीं. कुछ मिनटों में ही दूल्हे की आरती और पूजन की रस्म अदायगी हो गई. दूल्हे को पास ही मंच पर ले जाया गया. इसी बीच एक महिला ने आवाज लगाई, ”दुलहन को जल्दी से ले कर आओ, जयमाला करनी है.’’

बैंड की तेज आवाज में कौन, क्या बोल रहा है, ठीक से किसी को समझ में नहीं आ रहा था. किंतु उपस्थित लोग इशारेइशारे में वहां के स्वागतसत्कार का काम निपटा रहे थे. फेमिली वालों की तरफ के लड़के बारातियों की आवभगत कर रहे थे. उन्हें कोल्डड्रिंक और नाश्ता परोसा रहे थे, जबकि घर की कुछ लड़कियां और औरतें दूल्हे के आसपास मंच पर जा पहुंची थीं. वे एक लय के साथ विवाह गीत में बारातियों के लिए गालियां गाए जा रही थीं.

दुलहन जैसे ही घर के मुख्य दरवाजे से अपनी सहेलियों के साथ बाहर निकली, फोटाग्राफर और वीडियोग्राफर की लाइटें उस ओर फोकस हो गईं. तेज रोशनी में दुलहन का चेहरा और भी निखरा हुआ दिखने लगा था. वह धीरेधीरे मंच की ओर नजाकत के साथ चलती हुई दूल्हे के पास पहुंच चुकी थी. उन्हें दुल्हे के बगल में बिठाने से पहले जयमाला की रस्म निभानी थी, सो वह घर की 2 लड़कियों के साथ खड़ी हो गई थी. उन के सामने दूल्हा भी आ कर खड़ा हो गया था. उन के साथ भी कुछ लड़के थे. संभवत: वे उन के दोस्त और रिश्तेदार थे.

आरती – जयमाला के समय प्रेमी की गोली का शिकार

दोनों के हाथों में जयमाला पकड़ा दी गई थी. जयमाला पहनाने की पहल दुलहन की तरफ से की गई. उस की एक सहेली ने हाथ में वरमाला को अच्छी तरह पकडऩे को कहा, ”दूल्हा लंबा है, एक झटके में पैर उचका कर माला डाल देना. हम लोग भी तुम्हें सहारा देख थोड़ा उठा देंगे.’’

दुलहन ने इशारे में गरदन हां में हिला दी. एक सहेली बोली, ”लड़के वालो! रेडी हो जाओ… ठीक से जयमाला पकड़ लो…पहले दुलहन माला पहनाएगी, उस के बाद दूल्हे को माला पहनाना है. हां, कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए.’’

”आप जैसी खूबसूरत साली हो, तब तो गड़बड़ी हो कर ही रहेगी.’’ दूल्हे का एक दोस्त चुटकी लेते हुए बोला और लड़कियों की तरफ अपना हाथ बढ़ा दिया.

”जो कुछ बोलना है, मुंह से बोल लो… हमें टच करने की कोशिश भी नहीं करना!’’

”साली हो कर इतनी सख्ती ठीक नहीं है.’’

”क्या ठीक, क्या नहीं वह सब बाद में करना पहले लड़के को और पास लाओ!’’ लड़की बोली और दुलहन को एक कदम आगे बढ़ा कर वरमाला के लिए इशारा कर दिया.

दुलहन ने वरमाला दूल्हे की गरदन में डालने के हाथ उठाया, लेकिन यह क्या, दूल्हे को 2 लड़कों ने पैर पकड़ कर काफी ऊंचा उठा दिया… और दुलहन हाथ में वरमाला पकड़े ठगी सी उसे देखती रह गई.

”चालाकी खेलते हैं. अभी मैं भी दिखाती हूं. फेल करती हूं तुम्हारी चालाकी.’’

इसी बीच मंच पर लड़के वालों की तरफ से हलचल मच गई…’’अरेअरे, तू कौन है भाई? बारात का तो नहीं लगता. और…और यहां पिस्टल ले कर कैसे घुस गया दूल्हादुलहन के बीच में? फायरिंग करनी है, तो नीचे जा कर हवाई फायरिंग कर न! यहां जयमाला की रस्म होने दे.’’ दूल्हे का एक दोस्त नाराजगी के साथ बोला.

”मैं तो यहीं फायरिंग करूंगा…तू रोक सकता है तो रोक ले!’’ मंच पर अचानक चढ़ आया युवक भी उसी के लहजे में आक्रोश के साथ बोला और अपनी पिस्टल उस की ओर तान दी.

”अरे…अरे भाई! मजाक मत कर यार, गोली चल जाएगी…हटा ले इसे सामने से!’’ दूल्हे के साथ खड़ा दूसरा लड़का बोल पड़ा.

पिस्टल ताने लड़के ने उस की तरफ से पिस्टल हटा ली, किंतु अगले पल उस ने दुलहन आरती को निशाना बना लिया था. उस की यह हरकत स्टेज पर मौजूद सभी को अटपटी लगी. कई लोगों ने एक सुर में विरोध किया. बैंडबाजे और डेक स्पीकर की आवाज में सभी पिस्टल थामे लड़के को चिल्ला कर बोले जा रहे थे. इसी बीच कब गोली चलने की आवाज आई किसी को पता ही नहीं चला… मंच पर अफरातफरी मच गई. दुलहन वहीं गिर गई थी…उसे गोली लग गई थी.

जयमाला के समय दुलहन आरती की गोली मार कर हत्या का प्रयास करने वाला सिरफिरा आशिक दीनबंधु

यह क्या हो गया? क्या हो गया दुलहन को?… उठाओ जल्दी…! अगले पल वह लड़का वहां से फरार हो गया था. मंच पर जयमाला के फूल बिखर गए थे. एक पल में गोली चलने की बात फैल गई. कुछ लोगों ने तुरंत दुलहन को हाथ और पैरों से टांग कर गाड़ी में डाला और अस्पताल ले गए. तुरंत अस्पताल में भरती कराया गया, जहां उस की हालत नाजुक बनी हुई है. पेट से खून निकल रहा था. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डौक्टर जांच करने लगे. तब तक मुफस्सिल थाने की पुलिस भी वहां पहुंच चुकी थी. कानूनी काररवाई शुरू कर दी गई. पुलिस को डौक्टर से मालूम हुआ कि दुलहन को  पेट में सटा कर गोली दागी गई थी.

गोली मारते ही वैवाहिक कार्यक्रम में हड़कंप मच गया. शादी की खुशियां चीखपुकार में बदल गईं. दुलहन आरती को गंभीर हालत में वाराणसी रेफर कर दिया गया. गोली शरीर के नाजुक हिस्से में लगी थी, जिस से उस की स्थिति चिंताजनक बन गई थी. जबकि गोली मारने वाला युवक फरार हो गया था. इस मामले को मुफस्सिल थाना क्षेत्र में दर्ज कर लिया गया. बाराती और ग्रामीण भी जान बचाने के लिए इधरउधर भाग गए थे. पुलिस ने इस घटना के बारे में स्थानीय लोगों और विवाह में आए लोगों से पूछताछ की.

बारात उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सुलेमानपुर गांव से आई थी. पूरे विधिविधान के साथ विवाह की रस्मों के दरम्यान यह घटना हो गई. पूछताछ में मालूम हुआ कि अचानक जयमाला के मंच पर चढ़ आया युवक पड़ोस का ही दीनबंधु था. उस ने दुलहन को निशाना बना कर गोली चलाई थी. स्थानीय लोगों के अनुसार यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया गया. आरोपी युवक आरती का पड़ोसी था और दोनों के बीच पहले से संबंध होने की चर्चा गांव में थी. कुछ लोगों ने बताया कि आरती की शादी तय होने से युवक नाराज था और इसी रंजिश में उस ने यह खौफनाक कदम उठाया.

पुलिस ने जांच में इस जानकारी को नोट कर लिया. सवाल था कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक गुस्से में अंजाम दी गई. मुफस्सिल थाना पुलिस द्वारा मौके पर छानबीन के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली. पुलिस ने समारोह स्थल से साक्ष्य जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ पूरी हो जाने के बाद फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करने लगी. इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था. ग्रामीणों में आक्रोश साफ देखा देखा जा रहा था. लोग कानूनव्यवस्था पर सवाल उठा रहे थे. वहीं दुलहन की फेमिली पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गई थीं. इस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा था. यूट्यूबर अपनेअपने अंदाज में वारदात का विवरण दे रहे थे.

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दूल्हादुलहन स्टेज पर मौजूद दिखे और पूरा घर शादी की खुशियां मनाता नजर आ रहा था. इतने में जयमाला लाई जाती है और दू्ल्हादुलहन को दी जाती है, जैसे ही रस्म की बारी आती है वैसे ही एक सिरफिरा स्टेज पर आता है और दुलहन पर पिस्टल से फायर कर देता है. दुलहन को गोली लग जाती है. सभी दुलहन को संभालने लगते हैं. मेहमानों के होश उड़ जाते हैं. दुलहन भी बेहोश होकर वहीं स्टेज पर गिर जाती है. हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुका था.

दुलहन की बारात लौट गई थी. बारात में आए लोगों की प्रतिक्रिया भी जले पर नमक छिड़कने जैसी ही थी. दूल्हे का कहना का कहना था कि अगर पहले पता होता तो वो कभी नहीं आते. घायल दुलहन का भी एक वीडियो आने से पता चल चुका था कि उसे गोली मारने वाला सिरफिरा आशिक दीनबंधु था. वह लंबे से उस के पीछे पड़ा था. पुलिस उस की गिरफ्तारी में जुट गई थी.

जल्द ही आरोपी दीनबंधु गिरफ्तार भी कर लिया गया. जब उस की क्राइम हिस्ट्री की जांच की, तब पाया गया कि शराब तस्करी के मामले में 2021 में वह जेल जा चुका था. उस से पुलिस के लिए यह जानना भी आवश्यक था कि उस के पास हथियार कैसे आए और गोली मारने के पीछे उस की असली मंशा क्या थी? क्या यह सिर्फ प्रेम प्रसंग का मामला था या इस के पीछे कोई और भी कारण था?

आरती के फादर नंद मल्लाह का कहना है कि वह एकतरफा प्यार करता था. लड़की उसे पसंद नहीं करती थी, इसलिए उस ने गोली मार दी. उन्होंने बताया कि आरोपी एक बार पहले भी उन की बेटी की शादी तुड़वा चुका है.

जब शादी तय हुई थी, तब आरोपी ने लड़के के घर वालों को धमकाया था. धमकी से डर कर लड़के वालों ने वह रिश्ता तोड़ दिया था. इस के बाद गांव वालों ने पंचायत बिठाई थी. लड़के को गांव से बाहर भेज दिया गया वह उस पर नजर बनाए हुए था. पुलिस ने आरोपी दीनबंधु के पास से पिस्टल भी बरामद कर ली गई थी. एसपी शुभम आर्य ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह एक से अधिक गोली मारना चाहता था, लेकिन पिस्टल फंस जाने के कारण वह दोबारा गोली नहीं चला सका. उस के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में हत्या या हत्या के प्रयास की बीएनएस की धारा 109 लगाई गई. भारतीय कानून के तहत किसी व्यक्ति को जान से मारने की कोशिश एक गंभीर अपराध माना जाता है.

इस मामले में दुलहन आरती का बयान भी महत्त्वपूर्ण था. उस ने गिरतेगिरते कहा था, ”दीनबंधु ने मुझे गोली मार दिया है.’’

गोली लगने के बाद आरती को तुरंत बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया. वहां उस की हालत गंभीर बताई गई, जिस के बाद आरती को वाराणसी के बीएचयू में रेफर कर दिया गया. दीनबंधु ने पुलिस को बताया कि वह और आरती एक ही मोहल्ले में पलेबढ़े. बचपन में दोनों साथ खेलते थे. जब आरती सिर्फ 6 साल की थी, तब उस के परिवार ने उसे बाहर खेलने से मना कर दिया. इस के बाद वक्त का ऐसा पहिया घूमा कि अगले 15 सालों तक दीनबंधु ने आरती की झलक तक नहीं देखी. वह बस उस की यादों के सहारे बड़ा हुआ.

साल 2024 में दीनबंधु ने आरती को पहली बार सलवारसूट में देखा तो उसे लगा कि यही वो लड़की है जिस के साथ वह अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहता है. दीनबंधु ने हिम्मत जुटाई और अपने दोस्तों के उकसाने पर आरती का पीछा किया. उस ने बीच सड़क पर आरती को रोक कर अपने प्यार का इजहार किया और शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन आरती ने साफसाफ न कह दिया.

उस के बाद उस के दिल और दिमाग में जो हलचल हुई, उस बारे में दीनबंधु ने कहा कि आरती की न सुनने के बाद उसे लगा कि अब पूरी दुनिया खत्म हो गई है. एक बार न सुनने के बाद भी वो लगातार आरती को मनाने की कोशिश करता रहा. उसे लगा कि शायद उस के पुराने आपराधिक रिकौर्ड की वजह से आरती उसे पसंद नहीं कर रही है.

जब उसने दोबारा कोशिश की, तो आरती ने दोटूक शब्दों में कह दिया, ”मैं तुम जैसे लड़के से कभी शादी नहीं करूंगी.’’

आरती की यही बात उस के दिल में सूई की तरह चुभ गई और उस के प्यार को एक जिद में बदल दिया. आरती की शादी एक साल पहले कहीं तय हुई थी. यह खबर सुनते ही वह आपा खो बैठा. वह सीधे लड़के वालों के घर पहुंच गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी. डर के मारे लड़के वालों ने शादी तोड़ दी. इस हरकत से आरती के पापा ने समाज के सामने दीनबंधु के फेमिली वालों को काफी खरीखोटी सुनाई. बेइज्जती से तंग आ कर दीनबंधु के फादर ने उसे काम करने के लिए पंजाब भेज दिया, ताकि वह सुधर जाए, पर उस का दिमाग आरती में ही अटका था.

पंजाब में बैठ कर भी दीनबंधु अपने दोस्तों के जरिए आरती की हर हलचल पर नजर रखे हुए था. उसे पता चला कि अगस्त 2025 में आरती की शादी दोबारा तय हो गई है. यह सुनते ही उस के सिर पर खून सवार हो गया. वह पंजाब से 1300 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के गहमर गांव पहुंचा. यह गांव गाजीपुर जिले में गंगा किनारे स्थित है. इसे सैनिकों का गांव भी कहा जाता है. यहां के लगभग हर घर से सेना में जवान हैं. यहां के एक परिचित से उस ने 32 हजार रुपए में एक पिस्टल खरीदी.

22 फरवरी, 2026 को वह चुपचाप अपने गांव पहुंचा और घर जाने के बजाय दोस्त के कमरे पर रुका, ताकि किसी को भनक नहीं लगे. फिर आरती की शादी के रोज वो स्टेज के पास गया और उसे गोली मार दी. उस ने सोचा कि आरती उस की नहीं तो किसी की नहीं हो सकती. संयोग से उस की घटनास्थल पर मौत नहीं हो सकी और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भरती करवा दिया गया. कथा लिखे जाने तक आरती का औपरेशन सफल हो गया था, लेकिन खतरा बना हुआ था. वह बोलने से असमर्थ थी.

आरती के पापा इस घटना से काफी आहत हैं. वह कहते हैं कि अभी भी उन की बेटी बोल नहीं पा रही है और डौक्टर की निगरानी में है. उस की सर्जरी हुई थी, उस के 12 घंटे बाद होश आया था. हम ने शादी के लिए भी काफी कर्ज लिया था और अब इलाज में भी कर्ज ले कर ही पैसा बहा रहे हैं. मुझे पैसों की चिंता नहीं है, मैं बस यह चाहता हूं कि आरोपी के खिलाफ सख्त काररवाई हो. Bihar Crime

 

 

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