Maharashtra Video Scandal : महाराष्ट्र में अमरावती वीडियो कांड से यौनअमरावती वीडियो कांड की नई दहशत फैल गई है. खासकर अमरावती जिले के परतवाड़ा/अचलपुर के लोग आशंका से घिरे हुए हैं. अप्रैल 2026 में जब से गंभीर यौन शोषण, ब्लैकमेल और आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ है, तब से लोगों में भय है कि न जाने किस का वीडियो कब वायरल हो जाए?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर ने इलाके की कई युवतियों और नाबालिग लड़कियों को फंसा कर उन के वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए वायरल कर दिया गया. इस कारण यह वीडियो कांड लगातार गंभीर होता जा रहा है.
शुरुआत में यह मामला कुछ वायरल क्लिप्स तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन जैसेजैसे जांच आगे बढ़ी और इस में गिरफ्तारी हुई, तब कई नई परतें खुलती चली गईं. पुलिस अब इसे सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं मान रही, बल्कि इस के पीछे किसी बड़े नेटवर्क होने का भी पता लगा रही है.
यह मामला सोशल मीडिया पर सैकड़ों आपत्तिजनक क्लिप्स वायरल होने के बाद सामने आया. इस के रिपोर्ट में 350 से अधिक वीडियो और कई पीडि़ताओं की बात कही गई है, हालांकि अंतिम संख्या का पता नहीं चल पाया है. पुलिस के मुताबिक यह मामला इतना संगीन है कि अब तक 8 पीडि़तों की पहचान हो चुकी है, जब कि आशंका जताई जा रही है कि पीडि़तों की संख्या 180 से अधिक हो सकती है.
जांच में खुलासा हुआ है कि उजेर खान ने ही मुख्य आरोपी अयान के मोबाइल से करीब 350 आपत्तिजनक वीडियो डाउनलोड किए थे और उन्हें सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफाम्र्स पर वायरल कर दिया था. इस पूरे कांड को अंजाम देने वाला मात्र 19 साल का अयान अहमद तनवीर है. पुलिस ने इसे 14 अप्रैल को गिरफ्तार किया था. अयान पर सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाने का आरोप लगा है.
उस के बाद वह उन के साथ शारीरिक संबंध बना कर गुप्तरूप से वीडियो रिकौर्ड कर लेता था. इन अश्लील वीडियो के जरिए वह लड़कियों को ब्लैकमेल कर उन का लगातार यौन शोषण करता रहा. मामले पर पुलिस को शक है कि अयान ने अकेले यह सब नहीं किया, बल्कि कोई और भी वीडियो बनाने और लड़कियों को फंसाने में उस की मदद कर रहा था.
फिलहाल अयान 21 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में है और उस का मोबाइल साइबर सेल के पास है, जो डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है. मुख्य आरोपी अयान के अलावा एक अन्य आरोपी उजेर खान को भी गिरफ्तार किया गया, जिस पर अयान के मोबाइल से वीडियो डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर फैलाने का आरोप है.
साइबर टीम द्वारा डिलीट डेटा रिकवर करने के बाद ही दूसरे खुलासे हो सकते हैं. जैसे— वीडियो कहां बने, किसे भेजे गए, किस ने फैलाए आदि का पता चल सकता है. हालांकि इस के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने की मांग की गई है.






