Social Media Scam : औनलाइन इमोशनल रिलेशन बना कर युवतियों को फंसाने और धमकाने वाले साहिल विश्वकर्मा के सोशल मीडिया पर 100 फरजी प्रोफाइल थे. उस ने युवतियों को अपने जाल में फंसा कर उन के 250 से ज्यादा अश्लील वीडियो बना रखे थे. उन्हीं वीडियो के जरिए वह उन से इस तरह पैसों की वसूली करता था कि…
बात 11 मार्च, 2026 की है. मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में स्थित बरगी नगर पुलिस चौकी की इंचार्ज सरिता पटेल सुबह के समय अपने केबिन में बैठी थीं कि तभी बाहर से किसी महिला के रोने की आवाज आई. उन्होंने सिर उठा कर देखा तो एक युवती हाथ में रूमाल दबाए, सकुचाते हुए अंदर दाखिल हो रही थी. उस की आंखें सूजी हुई थीं और चेहरे पर असीम पीड़ा थी.
युवती को अंदर बुला कर सरिता पटेल ने उसे सामने की कुरसी पर बैठने का इशारा किया. इस के बाद उन्होंने उस से उस की समस्या के बारे में पूछा. इस पर युवती ने धीरे से कहा, मैम, मुझे एक लड़का बहुत परेशान कर रहा है. उस की बात सुन कर चौकी इंचार्ज ने उसे पूरी बात विस्तार से बताने को कहा.
इस पर 23 साल की एमबीए स्टूडेंट यविता ने बताया कि वह बरगी नगर इलाके में अपने फादर के साथ रहती है, मम्मी का 5 साल पहले ही देहांत हो चुका था. पापा एक निजी कंपनी में काम करते हैं. वह मेरी पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. यविता ने आगे बताया कि मैं भी मेहनत कर के अच्छे नंबरों से पास होती रही. अपने करिअर को ले कर मैं काफी गंभीर थी.
उस ने बताया कि करीब 8 महीने पहले उस की दोस्ती हर्षित मिश्रा नाम के एक युवक से हुई थी. हर्षित उस के एक दोस्त का दोस्त था. दोनों में अच्छी बातचीत होती थी. कभीकभार उस से मुलाकात भी हो जाती थी. लेकिन कई महीने से उन की बातचीत बंद थी. हर्षित और यविता के बीच कोई झगड़ा नहीं हुआ था, बस दूरियां बढ़ गई थीं. दिसंबर 2025 के पहले हफ्ते में यविता के इंस्टाग्राम पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई. नाम था हर्षित मिश्रा. प्रोफाइल फोटो में हर्षित की ही फोटो थी. यविता ने बिना सोचे रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली. कुछ देर बाद एक मैसेज आया.
हाय यविता, कैसी हो? बहुत दिनों बाद बात हुई. यविता ने जवाब दिया, मैं ठीक हूं. तुम सुनाओ, कहां हो आजकल? इस पर हर्षित ने बताया कि वह नागपुर में है और एक प्राइवेट जौब कर रहा है. धीरेधीरे बातचीत बढ़ी. यविता को कोई शक नहीं हुआ, क्योंकि वह हर्षित के बारे में सब कुछ जानती थी, तभी तो उस ने उस की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की थी.
इस के बाद 28 जनवरी, 2026 को यविता के मोबाइल पर अननोन नंबर से फोन आया. फोन करने वाले ने अपना नाम साहिल बताते हुए कहा कि वह हर्षित का दोस्त है. यविता ने हैरानी से पूछा, हर्षित का दोस्त..? आप का नाम पहले मैं ने कभी सुना नहीं. एनीवे बोलिए. फिर साहिल बोला, देखो, मैं सीधे मुद्दे की बात करता हूं. हर्षित ने मुझे तुम्हारे कुछ निजी फोटो और वीडियो दिए हैं. उस ने कहा है कि अगर पैसे मिलेंगे तो ये तुम्हें वापस मिल जाएंगे. मैं ने उसे साढ़े 8 हजार रुपए दे दिए हैं. अब तुम मुझे मेरे पैसे वापस कर दो तो मैं ये सारी चीजें तुम्हें दे दूंगा.
साहिल की बात सुन कर यविता के होश उड़ गए. उस के पास कोई फोटो या वीडियो नहीं था, लेकिन सामने वाला कह रहा था कि उस के पास कुछ है. उस ने घबरा कर कहा, हर्षित से बात करूंगी. साहिल ने तुरंत कहा, नहीं, तुम हर्षित से बात मत करो. वह मुझे पैसे वापस नहीं करेगा. तुम मुझे मेरे पैसे दो, बस.
यविता बदनामी के डर से कांप गई. अगर उस के कोई फोटो या वीडियो वायरल हो गए तो उस का क्या होगा? उस की पढ़ाई, उस का करिअर, उस के पापा का भरोसा, सब कुछ खत्म हो जाएगा. उस ने कांपते होंठों से कहा, ठीक है… मैं पैसे दे दूंगी.
अगले ही दिन उस ने साहिल को साढ़े 8 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए. उस ने सोचा कि इस से बात खत्म हो जाएगी, लेकिन एक हफ्ते बाद फिर साहिल का फोन आया. इस बार साहिल ने कहा, देखो, मैं ने अपने एक और दोस्त को ये फोटो दिखाए हैं. वह भी पैसे मांग रहा है. अगर तुम ने उसे भी पैसे नहीं दिए तो वह वायरल कर देगा. यविता ने पूछा, कितने पैसे? 15 हजार.
यविता के पास इतने पैसे नहीं थे. उस ने अपनी सहेली से पैसे उधार लिए और फिर से साहिल को ट्रांसफर कर दिए. इसी तरह हर हफ्ते कोई न कोई बहाना बनता. कभी साहिल कहता कि हर्षित और फोटो दे रहा है. यविता एक माह में लगभग 40-50 हजार रुपए उसे दे चुकी थी. उस ने अपनी पढ़ाई के लिए जो पैसे जमा किए थे, वे सब खत्म हो गए. उस ने अपनी छोटी बहन के लिए जो ज्वैलरी खरीदी थी, वह भी बेच दी. हर रात वह सोचती कि कल यह सिलसिला खत्म होगा, लेकिन हर सुबह एक नई धमकी के साथ होती.
18 फरवरी, 2026 को रात के समय फिर साहिल का फोन आया तो यविता ने सख्त लहजे में कहा, मैं और पैसे नहीं दे सकती. तुम ने मुझे बरबाद कर दिया है. अब चाहे जो करो. फोन पर कुछ पल की खामोशी रही. फिर साहिल ने धीमी मगर खतरनाक आवाज में कहा,’अच्छा? तो अब पैसे नहीं देना चाहती? तो फिर एक रास्ता और है. क्या रास्ता? मुझ से मिलो. बस एक बार. मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ. एक बार में ही मैं सारे फोटो और वीडियो डिलीट कर दूंगा. और तुम्हें फिर कभी परेशान नहीं करूंगा.
यविता को लगा जैसे उस के शरीर में बिजली का करंट दौड़ गया हो. वह चीखते हुए बोली, तुम पागल हो गए हो? मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी. उस ने फोन काट दिया. उस रात वह सो नहीं पाई. उसे लगा कि अब सच में उस की फोटो वायरल हो जाएगी. वह अपने पापा को मुंह कैसे दिखाएगी, पड़ोसी क्या कहेंगे, उस की तो जिंदगी बरबाद हो जाएगी.
लेकिन अगले दिन कुछ नहीं हुआ. उस के बाद भी कई दिनों तक कुछ नहीं हुआ. यविता ने सोचा कि शायद साहिल डर गया है. उस ने अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू कर दिया, लेकिन 4 मार्च, 2026 को होली के दिन शाम करीब 5 बजे साहिल ने उसे फोन कर कहा, मैं बरगी नगर में हूं. होली पर घर आया हूं. तुम से मिलना है.
यविता ने कहा, मैं तुम से नहीं मिल सकती. साहिल ने धमकी भरे लहजे में कहा, तो क्या अब मैं सारे फोटो वायरल कर दूं? तुम्हारे पापा को, तुम्हारे कालेज वालों को, सब को भेज दूं? यविता की सांसें तेज हो गईं. वह बोली, ठीक है… कहां मिलना है? साईं मंदिर के पास, 15 मिनट में.
यविता ने घर से निकलते हुए अपनी एक सहेली को लोकेशन भेज दी और लिखा, अगर मैं एक घंटे में वापस न आऊं तो पुलिस को फोन कर देना. यविता जब साईं मंदिर पहुंची तो वहां पहले से ही एक युवक खड़ा था. औसत कदकाठी, साधारण कपड़े. कोई खास बात नहीं. उस ने यविता को देखा और मुसकराया. वह मुसकान यविता को बेहद अजीब लगी. साहिल ने कहा, चलो, थोड़ी दूर चलते हैं, यहां भीड़ है. यविता ने कहा, नहीं, यहीं बात करो. क्या चाहिए तुम्हें ? साहिल ने कहा, 12 हजार रुपए चाहिए. जल्दी दो. मेरे पास पैसे नहीं हैं. तुम ने मुझ से 50 हजार ले लिए. अब और नहीं दे सकती.
साहिल ने जैसे उस की बात को सुना ही नहीं. देखो, अगर आज पैसे नहीं दिए तो कल सुबह तुम्हारे पापा के फोन पर तुम्हारे फोटो होंगे, समझी? यविता की आंखों में आंसू आ गए. उस ने अपने बैग से 12 हजार रुपए निकाले. ये पैसे उस ने अपनी दादी से कालेज फीस के लिए लिए थे. उस ने साहिल को पैसे दिए और बिना एक शब्द कहे वहां से चली गई.
रास्ते भर वह सोचती रही कि अब और नहीं. अब बस, इस की शिकायत पुलिस से करनी ही होगी, वरना यह इसी तरह उसे ब्लैकमेल करता रहेगा. इस के बाद यविता 11 मार्च, 2026 को बरगी नगर पुलिस चौकी पहुंच गई और चौकी इंचार्ज सरिता पटेल को अपने साथ घटी सारी कहानी बता दी.
सरिता पटेल ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए आरोपी साहिल के खिलाफ बीएनएस की धारा 75 (1) (2), 78 (1) (2), 308 (2) के तहत रिपोर्ट दर्ज कर इस की सूचना थाना बरगी के टीआई नीलेश दोहरे और एसपी (जबलपुर) संपत उपाध्याय को दे दी. एसपी संपत उपाध्याय ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए एएसपी (जोन- 4) अंजना तिवारी व एएसपी (सिटी) अंजुल अयंक मिश्रा के निर्देशन में एक पुलिस टीम का गठन किया.
टीम में टीआई नीलेश दोहरे, चौकी इंचार्ज सरिता पटेल, एसआई मुनीश, एएसआई भैयालाल वर्मा, कपूर सिंह, कांस्टेबल मुकेश डेहरिया, मयंक चौरसिया, दुर्गेश झारिया, नीरज उपाध्याय, शेर सिंह पटेल आदि को शामिल किया गया. इस के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को पकडऩे के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया.

टीम ने सब से पहले उस का पता हासिल किया. पता चला कि आरोपी का पूरा नाम साहिल विश्वकर्मा है और वह बरगी नगर के ही हौस्टल ब्लौक का रहने वाला है. पुलिस टीम उस के घर पहुंची तो वह घर पर नहीं मिला. घर पर उस के पापा अशोक विश्वकर्मा मिले. उन्होंने पुलिस को बताया कि साहिल नागपुर में रहता है. होली के त्यौहार पर यहां आया था, कल ही वापस चला गया.
इस के बाद पुलिस टीम तुरंत नागपुर के लिए रवाना हो गई. नागपुर में वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था. इसलिए शाम को जब वह कमरे पर लौटा तो पुलिस ने उसे दबोच लिया. उस के कमरे की तलाशी ली गई तो पुलिस हैरान रह गई. साहिल के पास से 2 मोबाइल फोन, 3 पेन ड्राइव और 8 सिम कार्ड मिले. जब इन की जांच की गई तो पुलिस के होश उड़ गए. एक पेन ड्राइव में 250 से ज्यादा लड़कियों के फोटो और वीडियो थे. वे लड़कियां मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की थीं. कई लड़कियों के साथ उस के अश्लील चैट के स्क्रीनशाट थे. इंस्टाग्राम पर उस की 100 से ज्यादा लड़कियों के नाम से फेक आईडी थीं.
पूछताछ में पता चला कि साहिल विश्वकर्मा बरगी नगर का रहने वाला ग्रैजुएट था. उस के पापा ड्राइवर थे, मम्मी घरेलू महिला और एक छोटी बहन थी. पढ़ाई में औसत, लेकिन कंप्यूटर और सोशल मीडिया में उसे महारत हासिल थी. उस ने बताया कि सब से पहले वह इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से फेक आईडी बनाता था. किसी लड़की की असली फोटो लगा देता था. फिर उस आईडी से दूसरी लड़कियों को रिक्वेस्ट भेजता था. लड़कियां लड़की को देख कर आसानी से फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेती थीं.

बातचीत शुरू होती थी. फिर वह उन से उन के परिवार, दोस्तों, बौयफ्रेंड के बारे में पूछता था. धीरेधीरे उन की पर्सनल लाइफ के बारे में सब कुछ जान लेता था. फिर एक दिन उन्हें कौल कर के बताता था कि उन के प्रेमी के बारे में उसे सब पता है या उन की कोई पर्सनल बात पता है. डर के मारे वे पैसे दे देती थीं.
जो पैसे नहीं देती थीं, उन्हें वह धमकी देता था कि तुम्हारे पापा या भाई को बता दूंगा कि तुम किसी लड़के से मिलती हो. कुछ लड़कियां इस डर से उस के साथ शारीरिक संबंध बनाने को तैयार हो जाती थीं. जब पुलिस ने पूछा कि उस ने कितनी लड़कियों को ब्लैकमेल किया तो उस ने बेधड़क कहा, 100 से ज्यादा.
पैसे का हिसाब पूछने पर वह हंसा, हर्षित मेरा दोस्त है. मुझे पता था कि यविता उस से पहले मिलती थी और अब बात नहीं होती. यह सब से आसान तरीका था. उस ने हर्षित के नाम से इंस्टाग्राम आईडी बनाई, उस पर हर्षित की ही फोटो लगाई. यविता ने बिना कुछ सोचे एक्सेप्ट कर लिया. आरोपी साहिल विश्वकर्मा से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया.
यह सराहनीय कार्य करने पर एसपी संपत उपाध्याय ने चौकी प्रभारी एसआई सरिता पटेल, एसआई मुनीश, कांस्टेबल मयंक चौहान, शेर सिंह पटेल को पुरस्कृत करने की घोषणा की है. —यविता बदला हुआ नाम है. Social Media Scam






