Delhi Gangrape Case. बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके की एक फैक्ट्री में काम करने वाली महिला 11 मई की रात को सरस्वती विहार बस स्टैंड पर खड़ी थी. उसे जल्द घर पहुंचना था. डीटीसी बसों का आनाजाना काफी कम हो गया था. वह चिंता से घिरी हुई थी. वहां आसपास कोई भी नजर नहीं आ रहा था.

समय का भी अंदाजा नहीं लग पा रहा था. तभी एक प्राइवेट बस आ कर रुकी. उस से बाहर निकलने वाले एक युवक के पास वह लपक कर गई. उस ने बस के गेट खड़े युवक से जैसे ही पूछा  ‘भैया टाइम क्या हो रहा?’ बस में मौजूद एक शख्स ने उसे अंदर खींच लिया और गेट बंद कर लिया. इस के बाद एकएक कर ड्राइवर और कंडक्टर ने महिला के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया और फिर नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास उसे उतार कर फरार हो गए.

जिस बस में यह घटना हुई वह एक स्लीपर बस थी. यह घटना दिल्ली के रानीबाग थाना इलाके में हुई, जिस ने करीब दो दशक पुरानी दक्षिण दिल्ली बस में हुई निर्भया कांड की झकझोर देने वाली घटना की याद ताजा कर दी.

लिखे जाने तक पुलिस ने इस मामले में महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर दो आरोपियों में ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया.

घटना में इस्तेमाल बस को जब्त कर लिया गया है और मेडिकल जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है. जांच में पाया गया कि बस बिहार में रजिस्टर्ड है. पुलिस ने महिला की शिकायत पर बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है. अब इस मामले में नया अपडेट सामने आया है.

जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल बस का नंबर बीआर-28पी 3949 बताया गया है, जो कि बिहार के गोपालगंज जिले आरटीओ में रजिस्टर्ड  है. बस का संचालन रौयल ट्रेवल्स एंड कार्गो कंपनी की ओर से किया जा रहा था. बस को जब्त कर लिया गया है और यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय बस में और कौनकौन मौजूद था?

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1)/70(1)/3(5) के तहत मामला दर्ज किया है.  पीडि़ता पीतमपुरा में रहती है और मंगोलपुरी में काम करती है.

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