Revenge Story. पुणे पुलिस ने संजय बाबूराव काडू देशमुख की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है, मृतक के बेटे मंथन वैद्य ने अपने पिता की मौत का बदला 23 साल बाद लिया है. पुलिस के अनुसार, मामा और 2 दोस्तों के साथ मिल कर उस ने संजय देशमुख की हत्या की. चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है.

संजय बाबूराव काडू देशमुख का शव 11 जुलाई, 2026 को पुणे के भोर तहसील स्थित पुराने कात्रज टनल इलाके के पास मिला था. शुरुआती जांच में मामला सामान्य हत्या का लग रहा था, लेकिन पुलिस की पड़ताल में चौंकाने वाली कहानी सामने आई. जांच में पता चला कि आरोपी को झांसा दे कर सुनसान जगह बुलाया गया और फिर धारदार हथियारों से हमला कर उस की हत्या कर दी गई.

पुलिस के मुताबिक, 11 जुलाई को शिंदेवाड़ी इलाके के कात्रज घाट सेक्शन में पुलिस ने संजय देशमुख का शव बरामद किया था. शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई गई, जिस के बाद स्थानीय अपराध शाखा और राजगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.

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सीसीटीवी फुटेज और पुराने मामलों की पड़ताल के आधार पर पुलिस 25 वर्षीय मंथन वैद्य तक पहुंची. पूछताछ के दौरान उस ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार कर ली.

मुख्य आरोपी मंथन वैद्य के फादर की वर्ष 2003 में हत्या हुई थी. उस मामले में संजय काडू देशमुख आरोपी था. हालांकि बाद में वह कानूनी प्रक्रिया से बाहर आ गया, लेकिन मृतक के बेटे मंथन वैद्य के मन में अपने पापा के हत्यारों के लिए बहुत गुस्सा और बदले की भावना बनी रही.

पुलिस के अनुसार मंथन वैद्य बदला लेने पिछले कई वर्षों से संजय पर नजर रख रहा था.

राजगढ़ थाने के असिस्टेंट पुलिस इंसपेक्टर (एपीआई) चेतन मचाले ने बताया कि 2003 में मामूली विवाद के चलते संजय देशमुख पर मंथन वैद्य के पिता दिनेश वैद्य की हत्या करने का आरोप लगा था.

दिनेश वैद्य की हत्या के मामले में संजय देशमुख के खिलाफ विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में हत्या का केस दर्ज हुआ था, लेकिन बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया। उस के खिलाफ हत्या के 2 और मामले भी दर्ज थे.
पुलिस के अनुसार, इसी साल अप्रैल में देशमुख एक अन्य हत्या के मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था. इस के बाद मंथन वैद्य ने अपने मामा संदी कोरी और दोस्तों सौरभ परदेशी व मिजान शेख के साथ मिल कर उस से बदला लेने की योजना बनाई.

11 जुलाई, 2026 को संजय को सुनसान इलाके में बुलाया गया, जहां उस पर हमला कर उस की हत्या कर दी गई. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फूटेज, कौल डिटेल्स रिकौर्ड, स्थानीय जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई.
पूछताछ में मंथन ने कुबूल किया कि वह अपने पापा की हत्या को कभी नहीं भूल पाया था. संजय की वजह से उस का परिवार बरबाद हो गया था और इसी कारण उसने वर्षों तक बदले की आग अपने भीतर सुलगाए रखी. आखिरकार, उस ने अपने साथियों के साथ मिल कर हत्या को अंजाम दिया.

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या पिछले 2 दो दशक से अधिक समय से पल रही दुश्मनी और बदले की भावना का नतीजा था. मामले में आगे की जांच जारी है. Revenge Story

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