Rebirth Mystery Story. आदमखोर तेंदुए के शिकार की ताक में बैठे तोमर परिवार का बेटा मयंक अंधेरे में नीचे गिर कर तेंदुए का शिकार बन गया था. मृतक की मां सुभाषिनी ने यह केस एक प्राइवेट जासूस को सौंपा तो पता चला, वह गिरा नहीं था बल्कि उस की हत्या की गई थी. साथ ही और भी कई रहस्य खुले.
खबर इतनी चौंकाने वाली थी कि उन की नाक पर अटका हुआ चश्मा गिरतेगिरते बचा. उन्होंने अखबार को कस कर पकड़ते हुए खबर को फिर से पढ़ना शुरू किया.
‘मयंक ने पुनर्जन्म लिया.’ शीर्षक को उन्होंने 2-3 बार पढ़ा. खबर में छपा था, ‘शहर के कपड़ा व्यवसायी मनोहर अग्रवाल का 6 वर्षीय पुत्र रजत अपने आप को पूर्व जन्म का मयंक बताता है. उस का कहना है कि वह पिछले जन्म में नाहरगढ़ निवासी बलराम तोमर का पुत्र मयंक था. सुबूत के तौर पर उस ने कई घटनाएं बयान की हैं. उस का कहना है कि उस का घर नाहरगढ़ में है और उस के मातापिता और पत्नी सुरबाला उस का इंतजार कर रहे होंगे. वह रोजाना नाहरगढ़ जाने की जिद करते हुए अपने मांबाप से कहता है कि अगर उसे उस के असली घर नहीं पहुंचाया गया तो वह खुद ही वहां चला जाएगा.’
तोमर साहब इस के आगे नहीं पढ़ सके. वे अखबार थामे घर के अंदर दौड़े.
‘‘अरे कहां हो तुम...’’ उन्होंने असंयत आवाज में अपनी पत्नी सुभाषिनी को पुकारा, ‘‘जरा यह समाचार पढ़ो.’’ वे ड्राइंगरूम में दाखिल हुए, तो सुभाषिनी टी.वी. देखने में तल्लीन थीं.
‘‘टीवी बाद में देखना, पहले यह खबर पढ़ो.’’ तोमर साहब ने अखबार पत्नी के आगे फैला दिया.






