Shocking Crime Story. अमीर बाप की लाडली अरीबा 8 साल से अरशद वारसी के प्रेम में पागल बनी हुई थी, जबकि उस के बिजनैसमैन फादर इमरान को उस का प्रेमी जरा भी पसंद नहीं था. स्टेटस में उन की तरह न होने की वजह से उन्होंने बेटी का विवाह प्रेमी अरशद से करने को साफ मना कर दिया. तब प्रेमी को अमीर बनने के लिए अरीबा ने अपनी ही कोठी में एक करोड़ 30 लाख रुपए की डकैती डलवा दी. फिर इस के बाद क्या अरीबा प्रेमी से शादी करने में सफल हो सकी? पढ़ें, चौंकाने वाली यह कहानी.

अरीबा मुरादाबाद के एक्सपोर्टर इमरान की लाडली बेटी थी. वह अपने मम्मीडैडी और भाईबहनों के साथ खुशहाल और मजे की जिंदगी गुजार रही थी. अच्छा पहनना, सजधज कर रहना और घूमनाफिरना उसे बहुत पसंद था. एक उच्चशिक्षित और धनाढ्य परिवार होने की वजह से उस पर किसी तरह की कोई रोकटोक नहीं था. किशोरावस्था आते ही उस की सुंदरता और निखर गई थी.

अरीबा जितनी सुंदर, उतनी ही मनचली और जिद्दी भी थी! अपनी हर बात को मम्मीडैडी से मनवाना उस के बाएं हाथ का खेल था.

बात इसी साल बीते मई महीने की थी. उस का जन्मदिन आने वाला था. वह चाहती थी कि इस बार उस का जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाए. बड़ी पार्टी हो. इस मौके पर उस के सारे दोस्त आएं, जिन में उस का खास दोस्त यानी अरशद वारसी भी आए.

दरअसल, वह अपना जन्मदिन उसी खास दोस्त के लिए ही रखना चाहती थी. वह उस का प्रेमी था, जिस से पिछले 8 साल से अधिक समय से प्यार करती थी. इस मौके पर उस के साथ शादी करने की सार्वजनिक तौर पर घोषणा कर अपने पेरेंट्स से इस के लिए स्वीकृति भी लेना चाहती थी.

इस के लिए उस ने डैडी से बात की, लेकिन उन को प्रेमी को बुलाने वाली बात नहीं बताई. उस के डैडी इमरान जन्मदिन पार्टी अरीबा की ही पसंद के अच्छे होटल में मनाने के लिए तैयार हो गए और अपने लोगों को इस के लिए तैयारियां करने को बोल दिया.

अरीबा का जन्मदिन 10 मई को था, जिस में कुछ दिन ही दिन बाकी थे. इस के लिए इमरान की तैयारियां चल रही थीं, जबकि दूसरी तरफ अरीबा भी अपनी अलग तैयारियों में लग हुई थी. वह इस मौके पर एकदम से खास तरह की ड्रेस पहनना चाहती थी. वह चाहती थी कि इस मौके पर वह बेहद खूबसूरत दिखे.

असल में इमरान अपनी बेटी को इसलिए भी बहुत प्यार करते थे, क्योंकि उस के पैदा होते ही घर में रौनक आ गई थी और उन के कारोबार में जबरदस्त तरक्की हुई थी. अरीबा ने अपने डैडी से कहा, ”डैडी, हाईस्ट्रीट रेस्टोरेंट मुरादाबाद सिटी का बेहतरीन रेस्टोरेंट है, वहां के खाने का जायका बहुत बढिय़ा है, उसी को बुक कर दीजिए.’’

बेटी की इच्छा को देखते हुए उन्होंने हामी भर दी. उन्होंने अपनी फर्म मैनेजर से कह दिया कि उक्त रेस्टोरेंट में बेटी के जन्मदिन की सारी व्यवस्थाएं कर दी जाएं.

जन्मदिन धूमधाम से मनाया. सभी लोग बहुत खुश थे. अरीबा ने नया सूट सिलवाया था, जिस में वह खूब अच्छी लग रही थी. सभी लोग परिवार के हों या उस के फ्रेंड्स, उसे जन्मदिन की बधाई दी थी.

प्रोग्राम में जितने भी मेहमान आए थे, अरीबा ने सभी को गिफ्ट अपने हाथों से भेंट किए. बहुत ही अच्छे माहौल में जन्मदिन मनाया जा रहा था. प्रोग्राम के दौरान अरीबा बारबार  हौल से बाहर जा कर एक कोने में किसी से फोन बात करने चली जाती थी.

इमरान ने उसे कई बार टोका कि किस से बात कर रही हो तो उस ने कहा कि जो फ्रेंड्स बर्थडे में नहीं आ पाए, वह उसे फोन से मुबारकबाद दे रहे हैं.

इस पर इमरान ने अरीबा के फोन से बात करने पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं दिया.

देर शाम को जन्मदिन की पार्टी शुरू हुई. सब कुछ अच्छे से हुआ, अरीबा के मन में एक कसक बनी रही कि उस का प्रेमी अरशद वारसी इस मौके पर नहीं आया. इस का उसे जरा भी मलाल नहीं था. कारण उस ने पार्टी के दौरान ही प्रेमी से एक कोने में जा कर वीडियो कौलिंग कर बात कर ली थी. उसे वहां का माहौल दिखा दिया था.

देर रात में पार्टी खत्म होने पर सभी लोग अपनेअपने घर चले गए. परिवार के सदस्य भी शहर के नागफनी थाना क्षेत्र के अकबर कंपाउंड में बनी कोठी में लौट आए. फिर सभी अपनेअपने कमरे में सोने चले गए.

इमरान का कारोबार पीतल के सामान के निर्यात का है. इस के साथ ही उन का रियल एस्टेट का भी काम था. वह शहर के जानेमाने प्रौपर्टी डीलर थे. इस कालोनी को बसाने और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में भी उन का बड़ा योगदान रहा है.

वैसे इमरान मूलरूप से जनपद मुरादाबाद के डिलारी थाने के गांव ढकिया के रहने वाले थे. बच्चों की अच्छी परवरिश व पढाईलिखाई के लिए वह मुरादाबाद शहर आ गए. वह शहर में स्थित अकबर कंपाउंड कालोनी में अपनी दोमंजिला कोठी में अपने साथ रहते हैं.

कोठी में पड़ी डकैती

उन के 4 बच्चों में बड़ी बेटी अरीबा और छोटी बेटी अलीव है. जबकि 2 बेटे अरीव और अरकान हैं. अरीबा बड़ी होने के कारण परिवार में सब को प्यारी थी. सभी की वह बेहद लाडली थी.

जिस परिवार में 10 मई, 2026 को पूरे दिन और देर रात तक खुशी का माहौल था, वहीं आधी रात को आतंक का माहौल बन गया था. इमरान समेत परिवार के सभी लोग बेहद डर गए थे.

अरीबा को भी समझ में नहीं आ रहा था कि अचानक उस के घर में डाका कैसे पड़ गया? इमरान समझ नहीं पा रहे थ्से कि घर में सुरक्षा के सभी तरह के तकनीकी इंतजाम थे, फिर भी लुटेरे कहां से आ गए.

यह घटना तब हुई, जब रात के 12 बजे अरीबा के जन्मदिन की पार्टी खत्म होने के बाद इमरान सपरिवार अपने घर आ गए थे. सभी अपनेअपने कमरों में आ कर सो गए थे. रात को 2 बजे के बाद 6 बदमाश कोठी का डिजिटल लौक खोल कर दाखिल हो गए थे. सभी बदमाश अपना चेहरा ढंके हुए थे.

आते ही उन्होंने पूरे परिवार को हथियारों के बल पर अपने कब्जे में ले लिया था. उन्होंने सभी को जान से मारने की धमकी दी. जिस कमरे में इमरान अपने बड़े बेटे अरीव के साथ सो रहे थे, वहां एक छोटी मेज पर एक करोड़ 30 लाख रुपए रखे थे. बदमाशों ने उक्त रकम अपने कब्जे में कर अपने साथ लाए बैग में भर ली थी.

इमरान की पत्नी सीमा से 6 तोला सोना लूट कर ले गए थे. उक्त रकम जिगर कालोनी में एक प्लौट की रजिस्ट्री कराने के लिए इमरान ने जुटाई थी. बदमाश घर के 3 मोबाइल फोन भी लूट ले गए. सभी लोगों को बारीबारी से जो जिस कमरे में था, उसी में बंद कर भाग गए.

यह वारदात मुरादाबाद शहर के थाना नागफनी से 500 मीटर दूर अकबर कंपाउंड सोसायटी में स्थित इमरान की कोठी में हुई थी, जबकि  सोसायटी से 200 मीटर दूर थाना नागफनी की ही बंगला गांव पुलिस चौकी है. वहां से डेढ़ किलोमीटर दूर थाना सिविल लाइंस है. इस लिहाज से इस कालोनी को पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है.

जातेजाते नकाबपोश बदमाश सीसीटीवी का डिजिटल वीडियो रिकौर्डर (डीवीआर) भी निकाल कर ले गए. जब एक बदमाश ने इमरान के बेटे अरीव का कमरा बंद करना चाहा तो वह बदमाशों सें भिड़ गया. उस ने अपना कमरा बंद नहीं होने दिया.

बदमाशों के जाने के बाद अरीव ने सभी कमरों की कुंडी खोल कर उन्हें बाहर निकाला. वह तुरंत भाग कर नीचे आया. उस ने अपनी स्कूटी निकाली और बदमाशों का पीछा किया. उस ने देखा कि बदमाश माल ले कर 2 कारों में थाना नागफनी की तरफ होते भाग रहे हैं.

इमरान व उन के फेमिली वालों ने शोर मचा कर सोसाइटी के लोगों को इकट्ठा किया. अपनी कोठी में हुई लूट की जानकारी उन्हें दी. मोहल्ले के लोग भी अपनेअपने वाहनों से बदमाशों की तलाश में निकल पड़े, लेकिन तब तक बदमाश बहुत दूर निकल चुके थे.

उसी दौरान सोसायटी के कुछ लोगों ने भाग कर थाना नागफनी में यह सूचना दी. सूचना मिलते ही एसएचओ राजेश कुमार पुलिस बल के साथ अकबर कंपाउंड सोसायटी पहुंचे. लूट की घटना की जानकारी उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को भी दे दी.

सूचना पाते ही एसपी (सिटी) कुंवर रणविजय सिंह और सीओ सुनीता दहिया भी घटनास्थल पर पहुंच गए. उस के बाद एसएसपी सतपाल अंतिल भी घटनास्थल पर पहुंच गए. उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया. दोपहर बाद बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी मुनिराज भी घटनास्थल पर पहुंचे और वहां एक घंटा रुक कर छानबीन की.

इस जांच में पुलिस अधिकारी यह नहीं समझ पा रहे थे कि जब कोठी के मेन गेट पर डिजिटल लौक लगा है, तब बदमाश अंदर कैसे घुसे? इमरान के मकान में 2 गेट हैं. पहले बड़े गेट का इस्तेमाल पीतल आइटमों का व्यवसाय के इस्तेमाल के लिए होता है, जबकि दूसरा छोटा गेट फेमिली वालों के आवागमन के लिए है. दोनों गेटों पर बी और सी नाम से डिजिटल लौक लगे थे.

इन दोनों का कंट्रोल पहली मंजिल पर वाश बेसिन के पास दीवार पर लगा था. यहां से बी और सी का स्विच दबाने से ही गेट खुलते थे या फिर उन्हें चाबी से खोला जा सकता था. उस की चाबी का इस्तेमाल फेमिली वाले ही कर सकते थे. अगर कोई व्यक्ति नकली चाबी से इन्हें खोलने की कोशिश करे तो इन का अलार्म बजने लगता है. बिना रिमोट के लौक नहीं खुल सकते थे.

इसे देखते हुए सभी अफसरों की निगाह डिजिटल लौक पर आ कर टिक गई. इस बारे में बरेली जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ अफसरों को गहन जांच के निर्देश दिए. एसएसपी सतपाल अंतिल ने डिजिटल लौक एक्सपर्ट से बात की. डिजिटल लौक लगाने वाली कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की गई. पता चला कि डिजिटल लौक सिर्फ रिमोट या चाबी से ही खुल सकते हैं.

पुलिस इमरान को थाना नागफनी ले आई थी. उन से भी गहन पूछताछ की जाने लगी. उन के ड्राइवर से भी पूछताछ की गई.

अरीबा पर हुआ शक

शक की सूई घूमती रही, संदेह के घेरे में फेमिली के सदस्य और नौकरचाकर भी आ गए थे. साथ ही मुरादाबाद से जोया टोल प्लाजा और दिल्ली रोड तक 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली गई. घटनास्थल के पास एक्टिव रहे 200 फोन नंबरों की कौल डिटेल्स खंगाली गई.

पुलिस ने परिवार वालों के मोबाइलों नंबरों की गहनता से जांच की. जब बेटी अरीबा के फोन की कौल डिटेल्स की जांच की गई तो पता चला कि एक फोन नंबर से घटना वाली रात 10 बार बात की गई थी.

पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया. वह मोबाइल नंबर जिला अमरोहा के गांव मकदूमपुर निवासी अरशद वारसी का था.

पुलिस ने बिना देर किए उस के घर पर छापा मारा. वह घर पर ही मिल गया. पुलिस को देख कर वह घबरा गया.

पुलिस का सीधा सवाल था, ”डकैती का माल कहां है?’’

पुलिस से घिरा देख कर अरशद बुरी तरह डर गया. उस की जबान लडख़ड़ा गई. किसी तरह से बोला, ”क…क…कैसा माल?’’

”वही, जो तुम ने रात को मुरादाबाद के इमरान के घर से लूटा है.’’ पुलिस की कड़क आवाज थी.

”नहीं…नहीं, कुछ नहीं जानता मैं उस बारे में…’’ बोलते हुए अरशद भागने को मुड़ा. तभी एक पुलिसकर्मी ने उस की गरदन दबोच ली. साथ आए दूसरे पुलिसकर्मी ने उस के पैर पर एक बेंत मारा.

”बताता है कि और लगाऊं दोचार!’’

”बताता हूं, बताता हूं.’’ हकलाता हुआ अरशद बोला.

खुल गया राज

पुलिसकर्मी ने उसे पानी पीने को कहा. अरशद ने पास रखी आधे लीटर पानी की बोतल का पूरा पानी पी गया. गहरी सांस ली और वहीं एक स्टूल पर बैठ गया. फिर बोला, ”साहब, गलती हो गई, लेकिन इस में मैं अकेला नहीं हूं…और भी हमारे साथी थे.’’

इसी के साथ अरशद ने अपना डकैती कांड का गुनाह कुबूल कर लिया. इस में शामिल उन सभी दोस्तों के नाम बता दिए.

उस की निशानदेही पर रवि, निवासी नौगांवा, सादात, ग्राम बिसरा, महीपुर निवासी कुलदीप, गजरौला ग्राम भूड़ अमरोहा निवासी निक्की को गिरफ्तार कर लिया गया. उन से 47 लाख 24 हजार रुपए बरामद भी कर लिए गए.

इस पूछताछ में उस ने जो एक नाम बताया, वह इमरान की बेटी अरीबा का भी था. उस के सहयोग से डकैती करना संभव हुआ.

अब पुलिस के सामने अरीबा को गिरफ्तार करने की चुनौती थी. इस के लिए थाना नागफनी पुलिस और सीओ (कोतवाली) सुनीता दहिया को लगा दिया गया था. वह अरीबा के घर जा कर लगातार उस पर निगाह रखे हुए थी.

सुनीता दहिया को जब इस बात का अंदाजा हो गया कि अरीबा कुछ छिपा रही है, तब उस ने एक शतरंजी चाल चलते हुए कहा, ”तुम्हारे प्रेमी अरशद को गिरफ्तार कर लिया गया है. जल्दी अपना गुनाह कुबूल कर लो. नहीं की तो बस कुछ ही देर में उस का एनकाउंटर होने वाला है.’’

यह सुन कर अरीबा चुप्पी साधे रहे. दहिया दोबारा बोलीं, ”हमें सब पता चल चुका है. वह तो मारा जाएगा ही, तुम भी जिंदगी भर जेल में सड़ोगी.’’

दहिया का दांव काम कर गया. उस ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. डकैती कांड का खुलासा परतदरपरत कर डाली.

पुलिस और अरीबा की बातें सुन कर परिवार वाले भी सन्न रह गए. उन के मुंह से एक आवाज निकली, ”घर का भेदी लंका ढाए.’’

अरीबा ने वह सब कुछ बता दिया, जिस से पुलिस को डकैती कांड का पता लगाने में सफलता मिल गई.

अरीबा और उस के प्रेमी अरशद वारसी का प्रेम प्रसंग 2018 से चल रहा था. दोनों प्रेमी शादी करना चाहते थे.

बिरादरी अलग होने के कारण अरीबा के घर वालों ने इस शादी की इजाजत नहीं दी थी. अरीबा पर घर वालों ने बाहर आनेजाने पर पाबंदी लगा दी थी.

अरीबा ने रची थी साजिश

प्रेम प्रसंग की शुरुआत में अरीबा व अरशद की दोस्ती हुई थी. अरशद दिल्ली रोड स्थित आईएफटीएम यूनिवर्सिटी से बीफार्मा कर रहा था.

वहीं पर अरीबा की चचेरी बहन भी पढ़ रही थी. उसी बहन ने अरीबा की मुलाकात अरशद से करवाई थी, जिस कारण दोनों में दोस्ती हो गई थी. वही दोस्ती बाद में प्यार में बदल गई थी. दोनों ने जीनेमरने की कसमें तक खा ली थीं.

दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए थे. अरीबा शेख सिद्ïदीकी बिरादरी की थी, जबकि अरशद सैफी (बढ़ई) बिरादरी का था. अरीबा ने अपने घर में 1 करोड़ 30 लाख की डकैती डलवाई थी, इसलिए उस ने घर के सारे राज अपने प्रेमी अरशद से साझा किए.

घर में घुसने से ले कर वारदात को अंजाम देने के बाद तक करीब 4 माह तक प्लान बनाया. वारदात का दिन 10 मई, 2026 दिन  को चुना गया था. उस दिन अरीबा का जन्मदिन था, जोकि बाहर जा कर रेस्टोरेंट में मनाया गया था.

10 मई को अरीबा के परिवार वाले शहर के पास इलाके रामगंगा विहार में हाईस्ट्रीट स्थित रेस्टोरेंट में अरीबा का बर्थडे मनाने गए थे. बर्थडे मनाने के बाद रात 12 बजे वे अपने घर आ गए थे.

सवा करोड़ की डकैती अचानक नहीं हुई थी. अरीबा अपने प्रेमी अरशद को किसी भी हाल में खोना नहीं चाहती थी. वह अपने प्रेमी से शादी से पहले उसे करोड़पति बना कर आत्मनिर्भर करना चाहती थी कि शादी के बाद खर्च चलाने के लिए पैसों की तंगी न आए.

दोनों फोन पर घंटों बातें करते थे. पिता इमरान अपने व्यवसाय के कारण अधिकतर बाहर ही रहते थे, जिस का फायदा अरीबा ने उठाया. वह अपने प्रेमी अरशद को रात के समय अपने कमरे पर बुला लेती थी. अरीबा का कमरा नीचे जीने के पास था, अन्य लोग ऊपर रहते थे.

वह डिजिटल लौक खोल कर पूरी रात अपनी हसरतें पूरी करती थी. सुबह होते ही वह उसे अपने कमरे से निकाल देती थी.

अरीबा ने अपने पिता इमरान का लाखों रुपए अपने प्रेमी अरशद को दे चुकी थी. कई बार अरीबा ने भाग कर शादी करने की योजना बनाई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी थी.

अरीबा के डैडी इमरान ने जिगर कालोनी सिविल लाइंस में 250 गज का प्लौट लिया था. 1 करोड़ 30 लाख रुपए उन्होंने अपने परिचितों व रिश्तेदारों से लिए थे, क्योंकि उन्हें सोमवार 11 मई को प्लौट की रजिस्ट्री करवानी थी. उसी के लिए उन्होंने रुपए इकट्ठा कर के कमरे में मेज पर रख दिए थे, क्योंकि मकान पूरी तरह सुरक्षित था.

अरीबा ने घटना से 2 दिन पहले 1 करोड़ 30 लाख रुपयों की फोटो खींच कर अपने प्रेमी अरशद को भेजी थी. अरीबा ने बताया कि 1 करोड़ 20 लाख की रकम है, अगर यह करम हमें मिल जाएगी तो बाहर जा कर आराम से शादी करेंगे और रहेंगे.

अरीबा ने योजना के मुताबिक अपने घर की डिजिटल चाबी अपने प्रेमी अरशद को सौंप दी थी. अरीबा की योजना के अनुसार अरशद फूला नहीं समा रहा था.

अरशद ने अपनी योजना में रुपयों का लालच दे कर अपने साथियों को भी योजना में मिला लिया था, जिस में रवि, कुलदीप, गजरौला और निक्की प्रमुख थे. उन के साथ 5 अन्य युवकों को भी शामिल कर लिया था, जोकि कथा लिखे जाने तक फरार थे.

मुरादाबाद पुलिस ने सभी 5 अभियुक्तों अरशद, अरीबा, कुलदीप, रवि कुमार और निक्की को 14 मई, 2026 को जेल भेज दिया था. इन के पास से लूटा गया 47 लाख 24 हजार रुपए बरामद कर लिया गया. डकैती में इस्तेमाल 3 तमंचे, एक पिस्टल, 5 मोबाइल फोन बरामद किए थे. Shocking Crime Story

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