Bodybuilder Deaths. मजबूत और तंदुरुस्त दिखने वाले बौडी बिल्डर अचानक कम उम्र में दुनिया छोड़ दे रहे हैं. यह गंभीर चिंता का विषय बन चुका है. उन की औसत उम्र महज 35 साल की होती है, जो फिट होते हुए भी असमायिक मौत के शिकार हो रहे हैं.

उन की मौतें हार्ट अटैक के चलते हो जाती हैं, जिसे कार्डियक अरेस्ट कहा जाता है. सिर्फ एक साल में 56 बौडी बिल्डरों की मौत हो चुकी है. इन की मौत क्यों हो रही है? उन के जीवन में क्याक्या खतरा है? आइए, एक नजर इस पर डालते हैं.

45 से 55 की उम्र में जिम जाने वाले लोगों की मौतों की कई घटनाएं भारत में भी हो चुकी हैं, किंतु हाल ही में ब्राजील की खबर बेहद चौंकाने वाली है.

पिछले दिनों वहां एक मशहूर फिटनैस इंफ्लुएंसर ने जिम में अपनी तसवीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिस में उन का दमदार शरीर साफ नजर आ रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद घर पर उन की अचानक मौत हो गई.

ब्राजील में इस से पहले भी कई युवा बौडी बिल्डरों की हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी वजहों से जान जा चुकी है, जिन में अमेरिका, जर्मनी और ब्राजील के नामी एथलीट शामिल हैं.

साल 2025 में 56 बौडी बिल्डरों की जान गई, जिन में ज्यादातर 30-35 की उम्र के थे और आधे से ज्यादा की मौत दिल से जुड़ी वजहों से हुई. इन में पंजाब के मशहूर बौडी बिल्डर अभिनेता वरिंदर सिंह घुमन भी शामिल थे, जिन का कंधे की सर्जरी के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया.

उन्हें पंजाब में ‘इंडिया का अर्नोल्ड श्वार्जेनेगर’ कहा जाता था. 42 साल के वरिंदर सिंह घुमन की एक मामूली सर्जरी के दौरान अचानक दिल की धड़कन बिगडऩे से जान चली गई. वह 2009 में मिस्टर इंडिया रह चुके थे और शाकाहारी जीवनशैली के लिए मशहूर थे.

दिसंबर में एक उभरते ब्राजीलियाई एथलीट का भी महज 25 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से दिल जवाब दे गया. अपने आखिरी मुकाबले के कुछ ही दिनों बाद उन की जान चली गई और भारत में एक पावरलिफ्टर 330 पाउंड बेंच प्रेस और 770 पाउंड डेडलिफ्ट करने के तुरंत बाद सीने में तेज दर्द के बाद कार्डियक अरेस्ट से मुकाबले के दौरान ही गिर पड़े.

यानी कि साल 2025 बौडी बिल्डिंग की दुनिया के लिए सब से भयावह साल साबित हुआ. उन्हीं दिनों ब्राजील के एक 31 वर्षीय बौडी बिल्डर, जो टीनएज मिस्टर आस्ट्रेलिया रह चुके थे और अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने के कुछ ही हफ्तों बाद चल बसे.

रूस के एक जानेमाने बौडी बिल्डर, जिन्हें ‘रशियन हल्क’ के नाम से जाना जाता था, उन का मई 2025 में शरीर के मल्टीआर्गन फेलियर से निधन हो गया. वह लंबे समय से सिंथोल इंजेक्शन के इस्तेमाल और मसल्स को ले कर जरूरत से ज्यादा बिगोरेक्सिया से जूझ रहे थे.

विशेषज्ञ अब मानते हैं कि सिर्फ स्टेरायड ही नहीं, बल्कि दूषित इंजेक्शन, शरीर में पानी की मात्रा बहुत कम करने (डिहाइड्रेशन) की खतरनाक तैयारी और बिना कंट्रोल के दवाओं का इस्तेमाल भी इन मौतों की बड़ी वजह हैं.

बौडी बिल्डिंग से जुड़े जोखिमों को ले कर मई 2025 में यूरोपियन हार्ट जर्नल में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ था. इटली के पडुआ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इंटरनैशनल फेडरेशन औफ बौडीबिल्डिंग एंड फिटनैस  की प्रतियोगिताओं में 2005 से 2020 के बीच हिस्सा लेने वाले करीब 20,300 एथलीटों की जांच की और जुलाई 2023 तक औसतन 8 साल से ज्यादा समय तक उन की सेहत पर नजर रखी.

इस अध्ययन में कुल 121 मौतें दर्ज हुईं, जिन में से 46 मौतों की वजह अचानक कार्डियक अरेस्ट पाई गई. मृत्यु की औसत उम्र सिर्फ 34.7 साल रही. शोधकर्ताओं के मुताबिक पेशेवर बौडी बिल्डरों में शौकिया प्रतियोगियों की तुलना में अचानक कार्डियक अरेस्ट से मौत का खतरा 5 गुना ज्यादा होता है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक बौडी बिल्डिंग में अपनाई जाने वाली कई आदतें सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं. जैसे बहुत ज्यादा हैवी वेट ट्रेनिंग, बेहद सख्त डाइट, शरीर में पानी कम कर के तेजी से वजन घटाना और परफारमेंस बढ़ाने वाली अलगअलग दवाओं का इस्तेमाल करना भी हानिकारक होता है.

विशेषज्ञों के मुताबिक इन मौतों के पीछे कई कारण एक साथ जिम्मेदार होते हैं. परफारमेंस बढ़ाने वाली दवाएं यानी एनाबौलिक स्टेरायड का इस्तेमाल, प्रतियोगिताओं से पहले तेजी से वजन घटाना और जरूरत से ज्यादा हैवी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इस में प्रमुख हैं.

डेनमार्क के शोधकर्ताओं के 2025 के एक अध्ययन में स्टेरायड इस्तेमाल करने वाले करीब 1,189 पुरुषों की तुलना 11 साल तक लगभग 60,000 सामान्य पुरुषों से की गई.

नतीजों में सामने आया कि स्टेरायड लेने वालों में दिल की मांसपेशियों के कमजोर होने (कार्डियोमायोपैथी) का खतरा करीब 9 गुना ज्यादा था. हार्ट अटैक का खतरा 3 गुना अधिक था और दिल की धड़कन रुकने का खतरा भी 3 गुना से ज्यादा पाया गया. इस के अलावा स्टेरायड ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं, धमनियों में फैट की परत जल्दी जमा कर सकते हैं और दिल की बनावट तक बदल सकते हैं.

मरने वाले बौडी बिल्डरों की पोस्टमार्टम रिपोर्टों में भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. कई मामलों में पोस्टमार्टम में दिल का सामान्य से बड़ा होना और दिल के निचले हिस्से की मांसपेशियों का जरूरत से ज्यादा मोटा होना जैसे बदलाव पाए गए. Bodybuilder Deaths

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