Fake Medicine Racket. लोग मैडिकल स्टोर से दवा लाते हैं, जान बचाने के लिए, पर यदि दवा के नाम पर निकले चाक पाउडर तो रिजल्ट क्या होगा? इसे आप खुद समझ सकते हैं. अब तो मिलावटखोर नकली ईनो और कौफी पाउडर भी धड़ल्ले से मार्केट में बेच रहे हैं. यह अब मिलावट का करोड़ों रुपए का काला कारोबार बन चुका है. इन लोगों के लिए आप की जान से ज्यादा प्यारा पैसा है. अब सवाल यह है कि सिर्फ प्रशासन छापा मार कर सिर्फ फोटो ही खिंचवाएगा या इन गुनहगारों के काले धंधे पर लगाम भी लगाएगा?
दिल्ली की भीड़भाड़ वाली गलियों में सब कुछ सामान्य सा दिखता था, लेकिन उस दिन क्राइम ब्रांच की टीम कुछ बड़ा करने जा रही थी. इंसपेक्टर मंजीत कुमार ने सामने चेयर पर बैठे अपने खास मुखबिर की तरफ देखा तो मुखबिर फुसफुसाया, ''सर, पक्की खबर है. यह सिर्फ मैडिकल स्टोर नहीं, मौत का गोदाम है.’’
इस के बाद पुलिस टीम 11 मार्च, 2026 को निर्धारित स्थान पर छापा मारने के लिए निकल गई. पूर्वी दिल्ली के जिला शाहदरा की बिहारी कालोनी में पुलिस की गाड़ी धीरेधीरे रुकी.
''टीम तैयार? आज कोई नहीं बचेगा...’’ इंसपेक्टर मंजीत की आवाज में सख्ती थी.
पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़ा और अंदर जो दिखा, उस ने सब को हिला दिया.
''ये तो लाखों गोलियां हैं.’’ एक कांस्टेबल चीख पड़ा.
टेबल पर बिखरी थीं नामी कंपनियों की दवाइयां, लेकिन एक भी असली नहीं. हंड्रेड परसेंट नकली.
''नाम बड़ेबड़े... काम मौत का.’’ मंजीत ने एक पैकेट उठाते हुए कहा.
उसी दौरान पकड़ा गया निखिल अरोड़ा उर्फ सन्नी, जो बाहर से एक साधारण सा मैडिकल होलसेलर था. उसे पुलिस ने हिरासत में लेते हुए पूछा, ''सचसच बता, ये माल कहां से आता है?’’






