Family Court Case. कहते हैं कि कानून सब के लिए बराबर है. इस की जद में आने वाला कोई भी व्यक्ति इस के अच्छेबुरे प्रभावों में आने से नहीं बच सकता है. चाहे वह कानूनविद हो, न्यायाधीश हों या फिर कलेक्टर ही क्यों न हो.
इस का एक उदाहरण मंदसौर के जौइंट कलेक्टर का है. पिछले दिनों उन के खिलाफ वसूली का वारंट जारी किया गया. मामला उन की पत्नी से जुड़ा पारिवारिक है.
दरअसल, मंदसौर के जौइंट कलेक्टर राहुल चौहान के खिलाफ यह वारंट इंदौर की फैमिली कोर्ट ने जारी किया है. उन के खिलाफ पत्नी को देने के लिए भरणपोषण राशि का 5.56 लाख रुपए बाकी है. चौहान ने कोर्ट के आदेश के बावजूद भरणपोषण राशि का भुगतान नहीं किया. इसे कोर्ट ने आदेश की अवहेलना करार दिया और उन के खिलाफ बकाया राशि की वसूली और गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दे दिए.
कोर्ट ने इस निर्देश के ठीक डेढ़ माह पहले चौहान से जुड़े मामले में 20 हजार रुपए प्रतिमाह भरणपोषण राशि देने का आदेश पारित किया था, लेकिन चौहान ने उस का पालन नहीं किया. आदेश का पालन नहीं किए जाने पर ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया.
चौहान के परिवार से संबंधित प्रकरण कोर्ट में चल रहा है. मामले के अनुसार, पत्नी निर्मला ने अपने पति के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-125 के तहत फैमिली कोर्ट में भरणपोषण के लिए आवेदन दायर किया था.
सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी किया था, जिस में भरणपोषण के रूप में 20 हजार रुपए प्रतिमाह देने के आदेश मई महीने में ही दिए गए थे. पिछली सुनवाई में राहुल की ओर से 40 हजार रुपए जमा किए गए थे. Family Court Case






