Bihar Train Murder Case. देव कुमार गुंजन, अजीत कुमार और अस्मिता बिहार के बिजली विभाग में अधिकारी थे. इस वजह से तीनों की आपस में अच्छी दोस्ती थी. देव कुमार और अजीत दोनों ही अस्मिता को चाहने लगे थे, लेकिन अस्मिता का झुकाव अजीत कुमार की तरफ था. इसी दौरान परिवार वालों की सहमति से देव कुमार गुंजन और अस्मिता की शादी हो गई. लेकिन अस्मिता के दिल में तो अजीत कुमार बसा हुआ था. फिर इन दोनों ने मिल कर देव कुमार को ठिकाने लगाने की ऐसी शातिर चाल चली कि...

अजीत के दोबारा जिंदगी में आते ही अस्मिता के भीतर प्यार का जो पौधा वृक्ष बनने के बाद भी सूख गया था, वह सूखा वृक्ष तो हरा हो गया, लेकिन उस हरेभरे दरख्त की छांव तले अब एक खौफनाक साजिश की बेल पनपने लगी थी. देव कुमार गुंजन की खामोश और सुरक्षित दुनिया अब अस्मिता कुमारी को एक कैदखाने जैसी लगने लगी थी.

ऐसा ही कुछ अजीत कुमार भी महसूस कर रहा था. अस्मिता कुमारी की शादी देव कुमार गुंजन से हो गई, लेकिन अजीत कुमार ने शादी नहीं की थी. पहले प्यार के इस मिलन के बाद अस्मिता और अजीत कुमार को अस्मिता का पति देव कुमार गुंजन अपनी राह का सब से बड़ा कांटा लगने लगा था.

इसलिए दोनों के दिमाग में बस एक ही खयाल चौबीसों घंटे घूमता रहता कि देव कुमार गुंजन को रास्ते से हटाना है. एक ऐसा कत्ल करवाना है, जो कत्ल न लगे, सिर्फ एक हादसा लगे.

अस्मिता कुमारी कोई पेशेवर अपराधी नहीं थी. वह पढ़ीलिखी थी, उस ने बिजली विभाग की नौकरी पाने के लिए सालों तक कड़ी मेहनत से पढ़ाई की थी. ऐसी ही पढ़ाई अजीत कुमार ने भी की थी. वह भी इसी पोस्ट पर बड़ी मेहनत और लगन की पढ़ाई करने के बाद पहुंचा था.

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