Property Dispute Murder. मोदीनगर में 150 करोड़ की संपत्ति के मालिक हरिओम को उस के बेटे ने अपनी मां और भाई के सामने ही गोली मार कर मौत की नींद सुला दिया! जानें क्या है पूरा मामला? बेटे का आपराधिक रिकौर्ड भी कुछ कम संदिग्ध नहीं रहा है.
राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के कस्बा मोदीनगर के रहने वाले हरिओम नेहरा दिल्लीएनसीआर में 75 बीघा जमीन, 150 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मालिक थे. यही संपत्ति उन के लिए गले की फांस बनी हुई थी.
कारण, जिस बेटे को उन्होंने बड़े प्यार से पालापोसा, वही संपत्ति हासिल करने के लिए उन से नाराज चल रहा था. संपत्ति पाने लिए वह इस कदर उतावला था कि पिता की ही जान का दुश्मन बन बैठा.
वह पुश्तैनी जमीनजायदाद को अपने छोटे भाई के साथ बंटवाना चाहता था, जो पिता हरिओम को जीते जी गवारा नहीं था. यह मामला 15 जुलाई, 2026 की देर रात का है.
मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव निवासी हरिओम नेहरा आराम करने के लिए अपने कमरे में जाने वाले थे, तभी उन का बड़ा बेटा निखिल उन के पास आ धमका. वह नशे में था. आते ही उस ने फिर से जमीनजायदाद बंटवारे की बात छेड़ दी. पिता ने उसे अगले रोज बात करने के लिए कहा, लेकिन निखिल चिल्लाता हुआ बोलने लगा.
उस की चिल्लाहट सुन कर तुरंत मां और छोटा भाई वहां पहुंच गए. तब तक निखिल अपने पिता पर पिस्टल तान चुका था. उस ने मां और भाई को बीचबचाव का मौका ही नहीं दिया. सीधे फायर कर दिया. ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं. गोली निशाने पर पिता को जा लगी, और वह वहीं धराशायी हो गए.
इस घटना की सूचना तत्काल मोदीनगर थाने को मिली. एसीपी (मोदीनगर) भास्कर वर्मा और डीसीपी (देहात) सुरेंद्रनाथ तिवारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली. मृतक की पहचान हरिओम चौधरी उर्फ हरिओम नेहरा के रूप में हुई. उस समय तक निखिल वहां से फरार हो चुका था.
पुलिस ने शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. हत्यारोपी बेटे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 4 टीमें लगा दीं. जिस की तलाश में दबिश दी जाने लगी. पुलिस ने शुरुआती छानबीन में पाया कि शराब के नशे में निखिल ने जमीनी विवाद में पिता की हत्या की है.
हरिओम चौधरी की गिनती संपन्न किसान के रूप में होती थी. उन के नाम पर मोदीनगर में 75 बीघा जमीन थी, जबकि मोदीनगर में दिल्लीमेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने उन की कई दुकानें भी हैं. उन के परिवार में पत्नी अनिता, बड़ा बेटा निखिल नेहरा और छोटा बेटा नीशू है.
हरिओम के नाम पर दादा द्वारा अर्जित संपत्ति में 75 बीघा जमीन, 6 दुकानें व कांप्लेक्स के पीछे की कुछ जमीन थी. विवाद नहीं हो इसलिए हरिओम ने मौखिक रूप से इस संपत्ति के 3 हिस्से किए थे. जिस में 25 बीघा जमीन और 2 दुकानें निखिल को दी गई थीं. बाकी छोटे बेटे नीशू व खुद के पास रखीं.
हरिओम ने बैनामा छोटे बेटे के नाम किया था लेकिन, निखिल इस से खुश नहीं था. वह खुद को घर का बड़ा बेटा बता कर पूरी संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए बोलता था. हरिओम को डर था कि निखिल बैनामा होते ही संपत्ति को बेच देगा.
कुछ समय पहले ही हरिओम ने बुदाना रोड पर 5 बीघा जमीन खरीदी थी, जिस पर वह बैंक्वेट हौल बनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन निखिल यहां कालोनी शुरू कराने की बात पर अड़ा था. इस को ले कर भी घर में विवाद चल रहा था.
जांच में पुलिस ने पाया कि पाया कि बड़ा बेटा निखिल शराब पीने का आदी है, इसी को ले कर पिता उसे डांटते थे. बड़ा बेटे को मार्केट में दुकानें और 25 बीघा जमीन भी दे रखी थी, लेकिन वह अपने हिस्से की जमीन अपने नाम कराना चाहता था, इस पर पिता कहते थे कि तू इस जमीन को भी शराब और अपने शौक में बेच कर खा जाएगा.
घटना के बारे में परिजनों ने बताया कि हरिओम ने रात में अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया था, उस समय बड़ा बेटा घर पर नहीं था. वह रात में ही शराब पी कर आया था. हरिओम ने बेटे को शराब पीने पर डांट दिया. जिस के बाद निखिल ने पिस्टल निकाल ली. जहां निखिल का पिता से विवाद होने लगा
इस दौरान दूसरे कमरे से हरिओम की पत्नी और छोटा बेटा नीशू भी आ गए. जहां हाथापाई के बाद बड़े बेटे निखिल ने पिस्टल से गोली मार दी. चेहरे पर गोली लगकर हरिओम फर्श पर गिर पड़े, इस के बाद निखिल ने चेहरे, सीने और प्राइवेट पार्ट के पास भी गोलियां मारीं. जहां पुलिस ने 4 से 6 गोलियों के निशान बताए.
पुलिस जांच में निखिल से जुड़े पहले के एक गोलीबारी के मामले की भी जांच किए जाने की बात सामने आई. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक 2018 में भी छोटे भाई से जुड़ी गोलीबारी की घटना हुई थी.
फरार निखिल ने अगस्त के पहले सप्ताह में आत्मसमर्पण कर दिया. अदालत में आत्मसमर्पण के बाद पुलिस को निखिल की पुलिस रिमांड मिली, ताकि घटना, फरारी और कथित हथियार के बारे में पूछताछ की जा सके. पुलिस ने निखिल को लगभग 7 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया. पूछताछ के बाद पुलिस उसे उस स्थान पर ले गई, जहां उस के कथन के अनुसार घटना में इस्तेमाल पिस्टल छिपाई गई थी.
17 अगस्त, 2026 को पुलिस ने निखिल की निशानदेही पर गांव के बाहर झाडिय़ों से हत्या में इस्तेमाल .32 बोर की पिस्टल बरामद करने का दावा किया. निखिल ने बताया कि घटना के बाद उस ने हथियार वहां फेंक दिया था. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, निखिल पुलिस की जांच के दायरे में लिया जा चुका था और उस के द्वारा इस्तेमाल हथियार बरामद किया जा चुका था. आगे जांच में फोरैंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य, गवाहों के बयान और 2018 के पुराने मामले महत्त्वपूर्ण होंगे. अदालत में आरोप सिद्ध होना अभी बाकी है.
इस वारदात में निखिल के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. हरिओम के दोनों बेटों की शादी नहीं हुई है, पुलिस की जांच में सामने आया है कि निखिल का शराब पीने को ले कर अपनी मां ओर पिता से पूर्व में भी झगड़ा होता रहता था. साल 2018 में भी निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर भी फायरिंग की थी, जिस में एक गोली नीशू को लगी थी. अब पुलिस पूरे केस की भी जांच कर रही है. Property Dispute Murder






