Crime Fiction Story. बिल्ली ने एलिस पर नहीं, गाइड पर छलांग लगाई, जो तख्त का रस्सा पकड़े था. गाइड औंधे मुंह गिरा और रस्सा उस के हाथ से छूट गया, तख्त के धमाके के साथ एलिस की दर्दनाक चीख गूंजी. आखिर बिल्ली ने बच्चे की हत्या का बदला ले ही लिया
शादी के बाद हनीमून पर जाने की बात आई तो बीवी ने नरनबर्ग चलने को कहा, ताकि शहरों की भीड़भाड़ और शोरशराबे से दूर एकांत में हम शांति से कुछ दिन गुजार सकें. हम दोनों घर से निकले तो बदकिस्मती से स्टेशन पर हमारा दोस्त एलिस मिल गया. संयोग से वह भी नरनबर्ग घूमने जा रहा था.
हनीमून में किसी तीसरे की मौजूदगी हमारे लिए बरदाश्त से बाहर की बात थी, लेकिन वह हमारा ऐसा दोस्त था कि मैं सीधे तौर पर उसे मना भी नहीं कर सकता था. मजबूरी में कबाब में हड्डी की तरह उसे शामिल करना पड़ा. लेकिन हनीमून से लौट कर मेरी बीवी एमेलिया ने अपनी तमाम सहेलियों को नसीहत दी कि वे हनीमून पर जाते समय किसी तीसरे को कतई न शामिल करें, वरना पछताना पड़ेगा.
मैं, एमेलिया और मिस्टर एलिस पूरा नरनबर्ग घूमने के बाद अंत में नरनबर्ग के उस किले को देखना चाहते थे, जो एक बहुत बड़ी और ऊंची पहाड़ी पर बना था. उस ऐतिहासिक किले को 18वीं सदी में एक जालिम राजा ने बाहरी दुश्मनों के आक्रमण से बचने और रियासत के बागियों को सजा देने के लिए बनवाया था. इसलिए उस किले के साथ जुल्मों और जबरदस्ती की तमाम दास्तानें जुड़ी थीं. अब वह पुरातात्विक धरोहर बन चुका था और दूरदूर से लोग उसे देखने आते थे.
किले के चारों तरफ गहरी खाई थी, जिस में देखभाल की कमी की वजह से जंगली घास उग आई थी. किले की बाहरी दीवारें पत्थरों को बड़ीबड़ी ईंटों का रूप दे कर बनाई गई थीं. ये दीवारें काफी ऊंची और चौड़ी थीं. हम तीनों एक दीवार पर बैठे बातें कर रहे थे, तभी हमारी नजर खाई में अपने बच्चे के साथ प्यार से खेल रही एक बिल्ली पर पड़ी. दरअसल बिल्ली की प्यार भरी गुर्राहट की वजह से हम लोगों की नजर उस पर पड़ गई थी.
बिल्ली कभी अपने उस नन्हे से बच्चे को धकेलती तो कभी चाटने लगती तो कभी उसे अगले दोनों पंजों के बीच दबा लेती. हम तीनों उन के इस खेल को देख रहे थे. जबकि वे दोनों दुनिया से बेखबर अपने खेल में खोए थे.
अचानक मि. एलिस ने एक पत्थर उठा कर कहा, ‘‘मैं बिल्ली और उस के बच्चे के इस खेल को और दिलचस्प बनाना चाहता हूं.’’
‘‘वह कैसे?’’ एमेलिया ने पूछा.
‘‘मैं यह पत्थर नीचे फेंकने जा रहा हूं. जब यह पत्थर उन दोनों के करीब गिरेगा तो दोनों हैरानी से इधरउधर ताकेंगे कि यह पत्थर कहां से आया.’’ एलिस ने कहा.
‘‘नहीं मिस्टर एलिस, तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए,’’ एमेलिया ने मना करते हुए कहा, ‘‘अगर यह पत्थर खुदा न ख्वास्ता बिल्ली के बच्चे को लग गया तो…?’’
‘‘ऐसा कतई नहीं हो सकता. मैं एक फौजी हूं और मेरा निशाना एकदम पक्का है. मुझे अपने ऊपर पूरा भरोसा है. मैं इस पत्थर को इस तरह गिराऊंगा कि वह बिल्ली और उस के बच्चे के पास गिरेगा. उन दोनों में से किसी के ऊपर नहीं. दोनों हैरानी से ठिठक कर इधरउधर ताकेंगे तो बड़ा मजा आएगा.’’
एमेलिया कुछ और कहती, तब तक एलिस ने पत्थर को नीचे गिरा दिया. यकीनन एलिस का निशाना पक्का था, लेकिन बिल्ली के बच्चे का दुर्भाग्य था कि बिल्ली ने उसे जबड़े से धक्का मारा तो वह एकदम से पत्थर के आगे आ गया. एक दर्दनाक चीख गूंजी और हवा में विलीन हो गई.
पत्थर बिल्ली के बच्चे के सिर पर ऐसा लगा कि वह गिरा तो उठ नहीं सका. काली बिल्ली ने मुंह ऊपर उठा कर नफरत और खूंखार नजरों से एलिस की ओर देखा. शायद उस ने एलिस की नजरों और हावभाव से पहचान लिया था कि यह जो कुछ भी हुआ है, उसी की वजह से हुआ है.
एलिस को घूरने के बाद बिल्ली बच्चे के जख्म को चाटने लगी. उस ने जबड़े से धक्का दे कर उसे उठाने की कोशिश की. लेकिन बच्चा हिलाडुला नहीं तो उस ने उसे सूंघा. जब उसे यकीन हो गया कि उस का बच्चा अब इस दुनिया में नहीं रहा तो वह एकदम इंसानों की तरह दर्दनाक आवाज में रोने लगी. उस के इस तरह रोने से हम सभी के दिल दहल उठे.
एक बार फिर बिल्ली ने नजर उठा कर हमारी ओर देखा. क्योंकि उसे पता चल गया था कि उस के बच्चे को एलिस ने ही मारा है. बच्चे की हत्या का बदला लेने के लिए वह पंजों के बल खड़ी हो गई. कुछ देर वह उसी तरह खड़ी रही, फिर छलांग लगा कर दीवार पर चढ़ने की नाकाम कोशिश करने लगी. दीवार काफी ऊंची थी, इसलिए उस के कामयाब होने का सवाल ही नहीं था.
बिल्ली पीछे हटती और दौड़ कर दीवार पर चढ़ने की कोशिश करती. कुछ दूर वह चढ़ भी जाती, लेकिन दीवार इतनी ऊंची थी कि वह उस पर चढ़ न पाती. 1-2 बार तो वह अपने मरे हुए बच्चे पर भी गिरी.
बारबार नाकाम होने के बाद भी उस का हौसला पस्त नहीं हुआ और वह लगातार कोशिश करती रही. इस कोशिश के साथ वह खूंखार भी होती जा रही थी. उस का वश चलता तो वह एलिस को कच्चा चबा जाती.
बिल्ली को उस तरह परेशान देख कर एलिस ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘अफसोस है कि शेर की यह मौसी यानी छोटा शेर दीवार चढ़ कर कभी भी हम तक नहीं पहुंच पाएगी.’’
एलिस भले ही मुसकरा रहा था, लेकिन मैं और एमेलिया इस हादसे से काफी दुखी थे. हम दोनों एलिस की बात का कोई जवाब देते, उस के पहले ही एक बार फिर मुसकराते हुए उस ने बिल्ली से माफी मांगते हुए कहा, ‘‘प्यारी बिल्ली, मैं ने जानबूझ कर तुम्हारे बच्चे को नहीं मारा है. यह सिर्फ एक हादसा था, जिस के लिए प्यारी दोस्त तुम मुझे माफ कर दो. इस के लिए मुझे बहुत अफसोस है. मैं ने यह जानबूझ कर नहीं किया है.’’
कुछ देर बाद हम वहां से चल पड़े. अब हम किला देखना चाहते थे. हम उसी दीवार पर ऊपर चल रहे थे तो नीचे बिल्ली हमारा पीछा करती हुई चल रही थी. वह अपने मरे हुए बच्चे को मुंह में दबाए थी. हम दीवार से नीचे उतर कर किले की ओर बढ़े तो बिल्ली हमारी आंखों से ओझल हो गई.
मुझे लगा, बिल्ली चली गई. लेकिन जब हम किले के गेट पर पहुंचे तो एक बार बिल्ली हमें फिर दिखाई दी. वह हमारे पीछेपीछे चली आ रही थी. वह अपना मरा हुआ बच्चा अभी भी मुंह में दबाए थी.
उस के इस तरह पीछेपीछे आने से हमें थोड़ा डर लगा. एमेलिया ने कहा, ‘‘एलिस, तुम्हें होशियार रहना चाहिए, यह जानवर तुम्हें नुकसान पहुंचा सकता है. इस के इरादे मुझे नेक नहीं लगते.’’
‘‘माफ कीजिएगा, किसी भी आदमी को इतना बुजदिल नहीं होना चाहिए कि वह इस छोटे से जानवर से डरे. फिर मैं तो कर्नल हूं. एक बिल्ली से कैसे डर सकता हूं.’’ एलिस ने कहकहा लगाते हुए कहा.
‘‘गुडबौय बिल्ली, मुझे अफसोस है कि मैं ने तुम्हें दुख पहुंचाया है.’’ कह कर एलिस किले की सीढियां उतरने लगा तो हम भी उस के पीछेपीछे सीढि़यां उतरने लगे. अब हमारे और उस बिल्ली के बीच एक मोटी और ऊंची दीवार आ गई थी यानी हम दूसरी ओर आ गए थे. इस तरह हम सभी उस की नजरों से ओझल हो गए थे.
हम ने किले का हर हिस्सा छान मारा. शाही कमरे, शाही बाग और अन्य तमाम अजीबोगरीब चीजें देखने के बाद हम ने तय किया कि हम उस खूनी बुर्ज को अंदर से देखेेंगे, जिस में दुश्मनों को खौफनाक सजाएं दी जाती थीं. बुर्ज में जाना निषेध था, लेकिन पैसों के लालच में हमारे गाइड ने अंदर जाने की व्यवस्था करा दी थी.
बुर्ज के अंदर रोशनी काफी कम थी. उस के अंदर जाने का एक ही दरवाजा था. उसी दरवाजे से अंदर हल्कीहल्की रोशनी आ रही थी. उसी रोशनी में हमें जो भी चीजें नजर आ रही थीं, वे उतनी स्पष्ट नहीं दिखाई देती थीं. गाइड हमें उस समय के हथियारों को दिखाते हुए उन से दी जाने वाली सजाओं के बारे में बतासमझा रहा था.
गाइड ने हमें लोहे का एक कड़ा दिखाया, जिस में दुश्मनों को उलटा लटका कर फांसी दी जाती थी. उस ने हमें लोहे का एक तख्त दिखाते हुए बताया कि दुश्मन को इस पर लिटा कर पीस दिया जाता था.
‘‘वह कैसे?’’ एलिस ने हैरानी से पूछा.
‘‘यह जो नीचे लोहे का तख्त नजर आ रहा है, इस पर दुश्मन को लिटा दिया जाता था. वह भाग ना सके, इस के लिए उस के हाथपैर को चारों ओर लगी जंजीरों से बांध दिया जाता था. वह जो ऊपर लोहे का भारी तख्त लटक रहा है, वह मोटे रस्से से बंधा है. एक जल्लाद दूर से उस रस्से को धीरेधीरे छोड़ता था. फिर कुछ फुट की ऊंचाई से एकदम से रस्से को छोड़ दिया जाता था, जिस से दुश्मन दोनों तख्तों के बीच पिस जाता था.’’
‘‘क्या मैं इस तख्त पर लेट सकता हूं?’’ एलिस ने एमेलिया की ओर देखते हुए गाइड से पूछा.
दरअसल, वह मेरी बीवी पर अपनी बहादुरी का रौब गालिब करना चाहता था. गाइड के जवाब देने से पहले ही एमेलिया बोली, ‘‘नहीं एलिस, प्लीज यह बहुत खतरनाक है. इस पर लेटना ठीक नहीं है.’’
‘‘इस में खतरे वाली कौन सी बात है?’’ एलिस ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘मैं फौजी हूं. कई बार मैं इस से भी ज्यादा खतरनाक हालात से गुजर चुका हूं.’’
मैं ने देखा कि एलिस अनुभव प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार है तो मैं ने कहा, ‘‘चलो, जल्दी तख्त पर लेट जाओ.’’
एलिस कुछ ज्यादा ही बहादुर बनने की कोशिश कर रहा था. तख्त पर लेटने के बाद उस ने गाइड से कहा कि वह उसे जंजीर से जकड़ दे.
गाइड ने उसे जंजीरों से जकड़ दिया तो एलिस ने उस से कहा कि वह रस्सा खोल कर तख्त को धीरेधीरे उस के नजदीक लाए. वह देखना चाहता है कि मौत को अपने नजदीक पा कर दुश्मनों को कैसा लगता रहा होगा.
एमेलिया डर रही थी, जबकि एलिस उसे देख कर मुसकरा रहा था. गाइड ऊपर वाले तख्त को नीचे लाने के लिए कतई राजी नहीं था. लेकिन हम लोगों के कहने और पैसों के लालच में आखिरकार वह तख्त नीचे लाने को राजी हो गया. उस ने रस्सा खोला और मजबूती से पकड़ कर धीरेधीरे नीचे लाने लगा.
गाइड काफी सतर्क था और रस्से को बहुत धीरेधीरे नीचे ला रहा था. उस समय वह काफी डरा हुआ लग रहा था. यह काफी मुश्किल और खतरनाक काम था. मैं एमेलिया के पास दरवाजे के सामने खड़ा था. हमारे आगे कुछ दूरी पर रस्सा थामे गाइड खड़ा था.
‘‘इस बनावटी मौत को नजदीक आते देख मुझे बड़ा मजा आ रहा है.’’ एलिस ने कहा, ‘‘जब ऊपर वाला तख्त 3 फुट की ऊंचाई पर आए तो एमेलिया से कहना कि वह आ कर मेरी जंजीरें खोल देगी.’’
एमेलिया की जगह मैं ने जवाब दिया, ‘‘चिंता करने की जरूरत नहीं है. एलिस मैं यहां हूं. जब तुम्हें डर लगे तो मुझे बता देना.’’
तख्त जैसेजैसे एलिस के नजदीक आ रहा था, एमेलिया का चेहरा खौफ और घबराहट से सफेद होता जा रहा था. मुझे लगा कि एमेलिया पलट कर कुछ देख रही है तो मैं ने भी पलट कर पीछे देखा. वही काली बिल्ली बच्चे को मुंह में दबाए हमारे पीछे खड़ी थी.
मेरे मुंह से चीख निकलतेनिकलते रह गई. मैं ने एलिस की ओर देखा. उस ने भी निगाहें टेढ़ी कर के बिल्ली को देख लिया था. लेकिन वह अब भी निश्चिंत नजर आ रहा था. वह एमेलिया की ओर देखते हुए अब भी मुसकरा रहा था.
बिल्ली उस समय किसी खूनी दैत्य से कम नहीं लग रही थी. लेकिन वह एलिस तक नहीं पहुंच सकती थी, क्योंकि हम सभी दरवाजे पर ही खड़े थे.
मैं ने एमेलिया की ओर देखा, वह काफी डरी हुई लग रही थी. मुझे लगा, उस के लिए अब खड़ा रहना मुश्किल है. उसे संभालने के लिए मैं उस की ओर लपका. उसे बांहों से पकड़ कर वहीं बैठा दिया.
जिस समय मैं एमेलिया को थाम कर बैठा रहा था, ठीक उसी वक्त बिल्ली ने छलांग लगाई. यह छलांग उस ने एलिस पर नहीं, गाइड पर लगाई थी. अचानक हुए इस हमले से गाइड खुद को संभाल नहीं सका और मुंह के बल गिर पड़ा. उस के हाथ से रस्सा छूट गया. मैं रस्से की ओर लपका, लेकिन समय निकल चुका था. एक जोरदार धमाका हुआ और उसी धमाके में एलिस की दर्दनाक चीख डूब कर रह गई थी.
तख्त के अगलबगल की जमीन खून से तर हो गई थी. एलिस दोनों तख्तों के बीच पिस चुका था. डर के मारे एमेलिया बेहोश हो चुकी थी. मैं उसे उठा कर बुर्ज के बाहर लाया और हवा में लिटा दिया. गाइड अपनी जगह बैठा रो रहा था.
मैं अंदर पहुंचा तो देखा कि वह बिल्ली विजेता की मुद्रा में लोहे के उस तख्त पर बैठी थी, जिस के नीचे एलिस का पिसा शरीर पड़ा था. मैं गुस्से से पागल हो उठा. मैं ने दीवार पर टंगी एक पुरानी तलवार उठाई और बिल्ली के टुकड़ेटुकड़े कर दिए. Crime Fiction Story






