Web Series Review. अगर लाशें ठिकाने लगाना ही किसी का बिजनैस शुरू करने का मौका बन जाए तो क्या होगा? जी हां, इस सीरीज की कहानी कुछ यही दिखाती है. सारिबगंज की कहानी पर आधारित यह सीरीज ऐसे शहर की झलक दिखाती है, जहां गैंग की दुश्मनी और राजनीतिक प्रभाव लोगों की जिंदगी तय करते हैं. सीरीज में 3 दोस्त राजू, स्वपन और गोल्डी लाशों को ठिकाने लगाने का ऐसा बिजनैस शुरू करते हैं कि...

लेखक: रोहन घोष, कोणार्क मुखर्जी और रीतार्शी दत्ता, निर्माता: ज्योति देशपांडे, कार्तिक निशानदार और अर्जुन सिंघ

निर्देशक: रोहन घोष, ओटीटी: अमेजन मैक्स प्लेयर

कलाकार: रवि किशन, अजितेश गुप्ता, जिशु सेनगुप्ता, शाश्वत चटर्जी, विशाल जेठवा, अभय वाघ, साजी चौधरी, श्रवणी गोस्वामी, रेश लांबा, सियोली चट्टोपाध्याय, तुहीना दास, सौरभ शर्मा, नरेश सूरी, राजीव पांडे.

वेब सीरीज 'क्लीन अप कंपनी’ एक डार्क क्राइम कौमेडी सीरीज है. इस की कहानी सारिबगंज नामक एक अराजक और अपराधों से घिरे शहर की है. इस की कहानी 3 दोस्तों—राजू, स्वपन और गोल्डी के इर्दगिर्द घूमती है. ये तीनों दोस्त अपनी जिंदगी में पैसों की तंगी और नाकामयाबी से काफी परेशान हैं. इसी बीच उन की मुलाकात एक लोकल गैंगस्टर से होती है, जो इन्हें एक खतरनाक काम सौंपता है. इन तीनों का यह काम होता है कि क्राइम सीन को साफ करना और लाश को ठिकाने लगाना, जिस से पुलिस को एक भी सबूत न मिल सके.

इस के बाद वे इसी मुश्किल काम को एक बिजनैस में बदल देते हैं और अपनी खुद की 'क्लीनअप कंपनी’ शुरू कर देते हैं, लेकिन जैसेजैसे उन का बिजनैस बढ़ता है, वे सारिबगंज के ताकतवर गैंगस्टर्स के निशाने पर आ जाते हैं. इस बीच एक जांबाज आईपीएस अधिकारी भी शहर के क्रिमिनल नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है.

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