Family Crime Story. आदमी भले ही बेवफाई कर सकता है, लेकिन जानवर हमेशा अपना फर्ज पूरा करते हैं. लूटपाट के लिए भांजे ने मामी को मौत के घाट उतारा तो मालकिन को बचाने में जहां कुत्ते ने जान दे दी, वहीं तोते ने पुलिस को हत्यारे तक पहुंचा दिया. 

उत्तर प्रदेश के आगरा के बल्केश्वर स्थित सेंट एंड्रूज स्कूल परिसर में ही विजय शर्मा परिवार के साथ रहते थे. वह आगरा से प्रकाशित होने वाले दैनिक अखबार स्वराज टाइम्स के संपादक थे. यह अखबार उन के पिता आनंद शर्मा ने 1956 में निकाला था. वह बूढ़े हो गए तो उन की जिम्मेदारी उन के बेटों, विजय शर्मा और अजय शर्मा ने संभाल ली थी. उन के इस अखबार का औफिस बेलनगंज में था.

अखबार के मालिक होने के साथसाथ विजय शर्मा अपने मकान के भूतल पर एक जूनियर हाईस्कूल भी चलाते थे, जिस की जिम्मेदारी उन की बेटी निवेदिता संभालती थी. उन का भरापूरा खुशहाल परिवार था. उन के परिवार में 4 बेटियां और एक बेटा था. उन की पत्नी नीलम शर्मा बुलंदशहर के जानेमाने वकील नरेशचंद्र शर्मा की बेटी थीं.

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विजय शर्मा की बहन कल्पना की शादी आगरा के ही अर्जुननगर के रहने वाले गोपालशरण शर्मा के साथ हुई थी. वह रेलवे में गार्ड थे. दूसरी बहन विजयलक्ष्मी की शादी एक बिजनैसमैन से हुई थी. छोटे भाई अजय ने अखबार को तरक्की पर ले जाने में उन की पूरी मदद की थी. वह अपनी पत्नी मृदु शर्मा और बच्चों के साथ बेलनगंज में रहते थे.

विजय शर्मा ने अपनी 3 बेटियों— नीति, पल्लवी और नूपुर की शादी कर दी थी. अब घर में छोटी बेटी निवेदिता और बेटा अजेश रह गया था. अजेश दिमागी रूप से थोड़ा कमजोर तो था ही, सन 2014 में उस की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं. तब बेटे को बचाने के लिए नीलम ने अपनी एक किडनी उसे दे दी थी. इस के बाद बेटा तो स्वस्थ हो गया था, लेकिन वह थोड़ा अस्वस्थ रहने लगी थीं.

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