दिल्ली के संतनगर, बुराड़ी में जिस तरह एक ही परिवार के 11 लोगों ने आत्महत्या की, उसे देख कर लगता है कि देश में अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहराई तक पैठ बनाए हुए हैं कि उन्हें उखाड़ फेंकना आसान नहीं है. सुबह के साढ़े 7 बज चुके थे, पर ललित की दुकान अभी तक बंद




