पत्नी जब न बनी दोस्तों का बिछौना – भाग 3
सरिता कमरे में अपनी बेटी अनिका को थपकी दे कर सुलाने की कोशिश कर रही थी, तभी भड़ाक से दरवाजा खुला. सामने अखिल व रंजीत खड़े थे. उन दोनों की आंखों में वासना के डोरे तैर रहे थे.
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