बेवफाई की लाश – भाग 2
गुड़िया को जब भी मौका मिलता था, वह फोन कर के राजू को बुला लेती थी. सतर्कता के बावजूद एक रोज पड़ोसन ने राजू को खिड़की के रास्ते गुड़िया के घर में जाते देख लिया. उस ने यह बात संतोष को बताई.
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