Police Station Murder. इस दुनिया में पिता और बेटी का रिश्ता सब से अधिक प्यारा और अनमोल कहा गया है. एक बेटी के लिए उस का पिता उस का पहला हीरो और रक्षक होता है, तो फिर सत्यकुमार चौहान ने अपनी सब से छोटी प्यारी बेटी शिवानी की पुलिस थाने में, पुलिस की मौजूदगी में चाकू से गोद कर हत्या क्यों कर डाली?

सत्यकुमार चौहान उत्तर प्रदेश के बांदा जिला मुख्यालय से लगभग 43 किलोमीटर दूर बदौसा कस्बे की इंदिरा कालोनी का निवासी था. वह अपने नाम के अनुरूप ही बचपन से संस्कारी था. उस के अंदर बड़ों के लिए सम्मान और छोटों के लिए प्यार रहता था, लेकिन इस के साथ ही वह सख्त अनुशासनप्रिय और अपने धर्म के लिए समर्पण का भाव भी रखने वाला व्यक्ति था. अपने परिवार में उस ने इसी व्यवहार को लागू भी किया था.

उस के परिवार में पत्नी रत्ना देवी के अलावा एक बेटा और 2 बेटियां थीं. उस ने अपने सब से बड़े बेटे का नाम सत्यवान चौहान रखा था. जिस की उम्र अभी करीब 29 वर्ष है. वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गुजरात के सूरत शहर में रह कर एक फैक्ट्री में काम करता है.

सत्यकुमार ने अपनी दूसरी बेटी का नाम पूनम रखा था. जिस की उम्र करीब 24 वर्ष है. वह शादीशुदा है.

उस की तीसरी बेटी शिवांज जो करीब 19 वर्ष की थी और वह अविवाहित थी.

https://youtube.com/shorts/2vN4wp3J8Cs?si=wQNbyViGeyuSBido

सत्यकुमार चौहान अपने कस्बे में दरजी का काम करता था. वह अपने पेशे के प्रति वक्त का बड़ा पाबंद था. वादे के अनुसार सही समय पर वह ग्राहकों को उन के कपड़े तैयार कर सौंप देता था.

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