Love Story: सईद जाफरी ने फिल्मों में भले ही कोई भी भूमिका निभाई हो, हकीकत में वह शाही मिजाज के अभिनेता थे. इतने शाही कि शराब पीने के लिए वह अपना चांदी का गिलास जेब में रखते थे. बड़ीबड़ी पार्टियों में वह उसी में शराब पीते थे. लेकिन यह सफल चरित्र अभिनेता अपने दांपत्य जीवन में असफल था.

सन 1985 में रमेश सिप्पी द्वारा निर्देशित एक फिल्म प्रदर्शित हुई थी ‘सागर’. इस फिल्म को काफी पसंद किया गया था, खासकर इस के गानों को. इस की कई वजहें थीं. इन में पहली वजह तो थी फिल्म ‘बौबी’ के बाद डिंपल कपाडि़या की ऋषि कपूर के साथ वापसी. दूसरी वजह थी प्रेमत्रिकोण, जिस में नायक रवि (ऋषि कपूर) विदेश से लौट कर एक मछुआरन लड़की मोना को चाहने लगता है. दरअसल उसे पता नहीं होता कि राजा यानी कमल हासन मोना से बचपन से प्यार करता है. बाद में जब हकीकत पता चलती है तो दोस्ती की खातिर वह अपने प्यार को कुरबान कर देता है.

इस फिल्म के हिट होने से यह बात साफ हो गई थी कि किसी घिसेपिटे कथानक पर भी अच्छी फिल्म बनाई जा सकती है. बशर्ते उस में अभिनय करने वाले कलाकार दमदार अभिनय करें. फिल्म में रवि की दादी कमलादेवी एक औद्योगिक घराने की मालकिन दिखाई गई थीं, जिन के चेहरे, वेशभूषा और हावभाव से संपन्नता साफ झलकती थी. यह बात उन की बरदाश्त के बाहर थी कि उन का एकलौता पोता एक गरीब मछुआरन से प्यार करे.

यही वजह थी कि रवि और मोना को अलग करने के लिए उन्होंने तरहतरह के हथकंडे अपनाए. यहां तक कि आखिर में उन के आदमी हिंसा पर उतारू हो जाते हैं, जिस में ऋषिकपूर को बचाने में कमल हासन की जान चली जाती है. लेकिन मरतेमरते वह डिंपल का हाथ ऋषिकपूर के हाथों में दे जाते हैं.

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