पूनम की नजदीकियां देवर के दोस्त अरुण से बढ़ीं तो पूनम को अरुण में वह सब खूबियां नजर आईं, जो वह चाहती थी. अरुण मजबूत कदकाठी और रौबीले चेहरे वाला आकर्षक युवक था. वह अच्छा पैसा कमाता था और दिल खोल कर खर्च करता था. इसलिए पूनम उस की ओर आकर्षित हो गई.
रोजरोज की मुलाकात से दोनों के बीच की दूरियां मिटती गईं और दोनों के बीच हंसीमजाक व शारीरिक छेड़छाड़ होने लगी. एक रोज पूनम को घर में अकेला पा कर अरुण ने शारीरिक छेड़छाड़ शुरू की तो पूनम भी खुद को रोक न पाई. इस के बाद तो मानो 2 जिस्मों के अरमानों की होड़ लग गई. जल्द ही हसरतें बेलिबास हो गईं और उन के बीच नाजायज संबंध बन गए.
अरुण ने संदीप की भाभी पूनम से संबंध बनाए तो वह अपनी प्रेमिका सीमा से दूरी बनाने की कोशिश करने लगा. सीमा को शक हुआ तो उस ने अरुण पर नजर रखनी शुरू कर दी. कुछ समय बाद ही सीमा को पता चल गया कि अरुण ने संदीप की भाभी पूनम से नाजायज रिश्ता बना लिया है. इस बात को ले कर सीमा और अरुण के बीच खूब बहस हुई. सीमा ने उसे खूब खरीखोटी सुनाई.
वर्ष 2018 में अरुण कुमार के मातापिता ने उस का विवाह शिवराजपुर कस्बा निवासी मंगली कुरील की बेटी नीतू से कर दिया. शादी के बाद नीतू अपने पति अरुण के साथ पनकी कलां में रहने लगी. एक साल बाद नीतू ने बेटे को जन्म दिया. बेटे के जन्म के बाद जहां नीतू खुश थी, वहीं उस के सासससुर भी खुशी से फूले नहीं समा रहे थे.
प्रेमी अरुण की शादी की जानकारी सीमा को हुई तो उस ने अरुण से सवालजवाब किए. खरीखोटी भी सुनाई. उस के बाद उस ने अरुण का साथ छोड़ दिया. हां, इतना जरूर था कि अरुण के फोन करने पर वह जबतब काल रिसीव कर लेती थी और बात कर लेती थी. शादी हो जाने के बाद भी अरुण ने अय्याशी का दामन नहीं छोड़ा था. गुपचुप तरीके से उस का शारीरिक मिलन पूनम से होता रहता था.
अरुण सीमा का पहला प्यार था, सो वह उसे भुला नहीं पा रही थी. इसी निराशा भरे माहौल में सीमा की मुलाकात संदीप कश्यप से हुई. संदीप सीमा का गम समझता था, सो उस का झुकाव सीमा की ओर हो गया.
सीमा को भी सहारा चाहिए था, इसलिए उस ने संदीप की दोस्ती कुबूल कर ली. जल्द ही दोस्ती प्यार में बदल गई. इस के बाद सीमा और संदीप के बीच शारीरिक रिश्ता भी बन गया.
सीमा अब अरुण से नफरत करने लगी थी, इसलिए उस की जिंदगी में जहर घोलने के लिए उस ने दूसरे प्रेमी संदीप के कान भरने शुरू कर दिए. सीमा ने बताया कि अरुण ने उस के साथ प्यार में छल किया है और गर्भ भी गिरवाया था.
सीमा ने कहा कि अरुण ने मेरे साथ ही विश्वासघात नहीं किया है, वह तुम्हारी पीठ में भी इज्जत का छुरा घोंप रहा है. उस के तुम्हारी भाभी पूनम से भी नाजायज संबंध हैं. पूनम भाभी भी उस की इतनी दीवानी है कि उन्होेंने 10 हजार रुपए तथा कुछ जेवर भी अरुण को दे दिए हैं.
सीमा की बात सुन कर संदीप को गुस्सा तो बहुत आया, लेकिन वह गुस्सा पी गया. उस ने सुनीसुनाई बातों पर विश्वास करना सही नहीं समझा. उस ने सच्चाई का पता लगाने के लिए सारी बात बड़े भाई पवन को बताई.
फिर दोनों ने मिल कर पूनम को ठोकपीट कर सारी सच्चाई उगलवा ली. पूनम ने नाजायज रिश्तों और रुपया-जेवर अरुण को देने की बात कुबूल कर ली.
इधर अरुण को सीमा और संदीप के रिश्तों की बात पता चली तो उस ने सीमा को समझाया कि वह संदीप से रिश्ता खत्म कर किसी अच्छे घर में शादी कर ले. साथ ही फोन पर संदीप को धमकाया कि वह सीमा से नाता तोड़ ले अन्यथा अंजाम अच्छा नहीं होगा.
अरुण की धमकी और भाभी के साथ नाजायज संबंधों ने संदीप की खोपड़ी घुमा दी. उस ने अरुण को सबक सिखाने की ठान ली. इस के बाद उस ने बड़े भाई पवन और चचेरे भाई अमित उर्फ गुड्डू के साथ मिल कर अरुण की हत्या की योजना बनाई. योजना के तहत संदीप ने देसी कट्टा और कारतूसों का भी इंतजाम कर लिया.
16 जुलाई, 2022 की दोपहर बाद संदीप ने अरुण को फोन किया और बताया कि किसान नगर में एक मकान की स्लैब पड़नी है. आ कर साइट देख लो. 15 हजार रुपया एडवांस भी मिल जाएगा. हम तुम्हें शराब ठेके पर मिलेंगे.
‘‘ठीक है, मैं जल्द ही आ रहा हूं. तुम इंतजार करो.’’ कह कर अरुण ने फोन काट दिया. उस के बाद अरुण पत्नी नीतू से काम की बात पक्की करने की बात कह कर घर से निकल गया.
शाम लगभग 4 बजे अरुण किसान नगर ठेके पर पहुंचा. उस समय वहां पर संदीप, उस का भाई पवन तथा चचेरा भाई अमित उर्फ गुड्डू मौजूद थे. संदीप ने बताया कि मकान बनवाने वाला गंगरौली गांव का रहने वाला है. वहीं बात पक्की होगी. अरुण झांसे में आ गया और संदीप के साथ चल दिया.
शाम ढलते अरुण, संदीप, पवन और अमित के साथ गंगरौली गांव के बाहर रिंद नदी किनारे एक खेत पर पहुंचा. वहां बैठ कर चारों ने शराब पी. अरुण को जानबूझ कर कुछ ज्यादा शराब संदीप ने पिलाई. अब तक अंधेरा छा गया था और चारों ओर सन्नाटा फैला था.
उचित मौका देख कर पवन और अमित ने अरुण को दबोच लिया फिर संदीप ने तमंचे से अरुण के सीने में गोली मार दी. अरुण की हत्या के बाद संदीप व उस के साथियों ने खेत में गड्ढा खोद कर शव को दफना दिया और सबूत मिटाने के लिए खेत की जुताई कर दी.
इधर जब अरुण घर वापस नहीं आया तो नीतू ने पति की गुमशुदगी थाना पनकी में दर्ज कराई. एसएचओ अंजन कुमार सिंह काल डिटेल्स के आधार पर जांच करने सपई गांव पहुंचे और शक के आधार पर अमित उर्फ गुड्डू को हिरासत में लिया. गुड्डू ने अरुण की हत्या का खुलासा किया और गड्ढे में दफन शव को बरामद कराया.
21 जुलाई, 2022 को पुलिस ने हत्यारोपी अमित कुमार उर्फ गुड्डू तथा संदीप कश्यप को कानपुर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया. तीसरे आरोपी पवन कश्यप ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था.द्य
-कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित. कथा में सीमा नाम काल्पनिक है.


