जांच के दरमियान रौबिंसन गुडिय़ा को यह जानकारी मिली कि यूनियन बैंक औफ इंडिया की कोरबा शाखा से सलमा ने लोन लिया हुआ था, बैंक से पता करने पर जानकारी मिली कि उस के लोन की ईएमआई तो लगातार मधुर साहू द्वारा जमा करवाई जा रही है.
उन्हें कुछ बातें अपने आप में शंक पैदा करने वाली महसूस हुईं. उन्होंने सलमा सुलताना की गुमशुदगी को एक चुनौती के रूप में लिया. इस मामले को ले कर जांच को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया. उन्होंने कुछ लोगों के बयान लिए तो उन्हें यह महसूस हुआ कि मामला किसी रहस्यमयी हत्या का है और घटना का परदाफाश किया जा सकता है.
क्योंकि 21 अक्तूबर, 2018 के बाद सलमा का फेसबुक, इंस्टाग्राम अकाउंट बंद हो गया था. उस में कोई पोस्ट नहीं थी और मनोवैज्ञानिक तथ्य यह है कि कोई भी बौद्धिक या सामाजिक व्यक्ति, जो पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में है, इस तरह सोशल मीडिया से अचानक गायब नहीं हो सकता.
इधर सलमा का इतने लंबे समय तक गायब रहना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा था कि आखिर सलमा गई कहां या फिर किसी ने उस की हत्या कर दी है.
आईपीएस रौबिंसन गुडिय़ा ने कोरबा में तैनाती होने के बाद न्यूज चैनल में काम कर रही एंकर सलमा सुलताना से जुड़े गवाहों के बयान एक बार फिर से लेने शुरू किए. बयान लेने के दौरान 2 महिला सविता और कोमल और 3 पुरुषों के कथन में विरोधाभास महसूस किया गया.
इन सब से सख्ती से पूछताछ करने पर 21 अक्तूबर, 2018 एलआईजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू एवं कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुलताना का गला घोट कर हत्या करने और उस की लाश को अतुल शर्मा की मदद से भवानी मंदिर के पास सडक़ किनारे दफनाए जाने की बात सामने आई.
सविता ने भी पुलिस को अपने बयान में बताया कि उस ने खुद मधुर साहू और कौशल श्रीवास को सलमा की हत्या करते देखा था, यही कारण है कि मधुर ने उसे अपने यहां नौकरी पर रखा हुआ था. उस ने यह सब घटना कोमल को बता दी थी, जिस के कारण मधुर साहू दोनों को अपने यहां काम पर रखने को मजबूर था.
इस के बाद जैसे ही पुलिस मधुर साहू के गंगा श्री जिम, अमरैया पारा पहुंची तो पता चला कि वह फरार हो चुका है. उस का सहयोगी कौशल श्रीवास भी गायब मिला. पुलिस ने अतुल शर्मा से पूछताछ कर अपने तौर तरीके से जांच को आगे बढ़ाना शुरू किया. उस ने बताया कि मधुर साहू ने उस के नाम पर भी बैंक से लोन दिलवा कर पैसा अपने पास रख लिया था. इसी तरह कुछ लोगों के साथ और भी जालसाजी की है, जिस की शिकायत आईटीआई थाने में की गई है.
5 साल बाद ऐसे खुली मर्डर मिस्ट्री
आईपीएस जांच अधिकारी रौबिंसन गुडिय़ा ने अतुल शर्मा को अपने विश्वास में लिया और थोड़े से ही पुलिसिया दबाव में उस ने सारी हकीकत बयान कर दी. वह पुलिस से मधुर साहू के संदर्भ में इधरउधर की बातें तो खुल कर करने लगा था, मगर जैसे ही रौबिंसन गुडिय़ा ने सलमा सुलताना के बारे में सवाल किया तो वह घबराया और बोला कि वह सलमा को नहीं जानता है.
मगर जब कड़ी से कड़ी मिलने लगी तो उसे स्वीकार करना पड़ा कि वह सलमा सुलताना की हत्या के बाद उस के शव को दफनाने में मददगार बना था. अब मुख्य आरोपियों की तलाश जारी थी. पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि दोनों आरोपी मधुर साहू और उस का कर्मचारी कौशल श्रीवास दिल्ली में छिपे हुए हैं. बीचबीच में वह अपने परिचितों से बात कर रहे हैं और रुपए मंगा रहे हैं.
इसी बीच जून 2023 महीने में जहां सलमा की लाश दफनाई गई थी, पुलिस को शुरुआती पूछताछ में मिली जानकारी के बाद सस्पेक्टेड जगह के आसपास में सेटेलाइट डेटा, थर्मल इमेजिंग एवं ग्राउंड पेनेट्रेशन राडार मशीन और भूवैज्ञानिक की मदद से मृत देह अस्थियों के बारे में पता करने का प्रयास शुरू किया गया.
अभी वहां कोरबा से बिलासपुर को जोडऩे वाला नैशनल हाईवे बन चुका है. इसलिए पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई. यह कथा लिखे जाने तक सलमा सुलताना के शव की अस्थियां पुलिस को बरामद नहीं हुई थीं. अब पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट किया कि चिह्नित जगह पर आगे की काररवाई न्यायालय के आदेश के बाद शुरू की जाएगी. क्योंकि जहां इन्होंने लाश दफनाई थी, वहां अब हाईवे बन चुका है.
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 14 अगस्त, 2023 को आरोपी मधुर साहू और कौशल श्रीवास को उस समय कोरबा जिले के कटघोरा बाईपास से गिरफ्तार कर लिया, जब वह कोरबा की तरफ आ रहे थे.
26 वर्षीय सलमा सुलताना की हत्या के आरोपी 37 वर्षीय मधुर साहू निवासी साबिन अमरैया पारा, 17 शिवाजी नगर, कोरबा, कौशल श्रीवास (29 वर्ष) निवासी साकिन दर्री सिंचाई विभाग, थाना दर्री, जिला कोरबा एवं अतुल शर्मा (26 वर्ष) निवासी साकिन दर्री जिला कोरबा को भादंवि की धारा 302, 201, 34 के तहत गिरफ्तार कर तीनों से पूछताछ की गई.
पुलिस ने मधुर साहू की कार सीजी12ए वी1615 और लैपटौप जिस में कई संदिग्ध वीडियो और फोटोग्राफ्स मिले हैं, जांच के लिए जब्त कर लिया गया. पुलिस को दिए गए बयान में तीनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली. आईपीएस अधिकारी रौबिंसन गुडिय़ा द्वारा 5 साल पहले हुए हत्याकांड का खुलासा करने की पुलिस अधिकारी ही नहीं पब्लिक भी सराहना कर रही है.
रोचक तथ्य यह भी है कि सलमा सुलताना की बौडी को बातचीत में ‘जिमी की बौडी’कहने वाले ये तीनों आरोपी आखिरकार पुलिस के सामने सच बताने को विवश हो गए और अंतत: पुलिस ने मधुर साहू के पालतू डौगी जिमी को भी बरामद कर लिया.
इस से स्पष्ट हो गया कि जिम्मी जिंदा था और वे बातचीत में जिस जिम्मी का उल्लेख करते थे. दरअसल, वह सलमा सुलताना का जिक्र हुआ करता था. तीनों को पूछताछ के बाद 15 दिनों के पुलिस पुलिस रिमांड पर ले लिया. कथा लिखने तक पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही थी.
—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित
सलमा सुलताना कुछ दिन अपने पिता एम.डी. मानिक के कुसमुंडा स्थित आवास में रहने के बाद जब वापस 21 अक्तूबर, 2018 को अपनी स्कूटी से जब मधुर साहू के आवास एलआईजी 17 शिवाजी नगर पहुंची तो देखा नजारा पहले जैसा नहीं है.
भीतर के कमरे में मधुर और किसी लडक़ी की आवाज सुनाई दी. दोनों बातें कर रहे थे. यह सुनना था कि सलमा सुलताना मानो आसमान से जमीन पर गिर पड़ी. उस की आंखों के आगे मधुर और उस के प्रेम संबंधों के दृश्य घूमने लगे. वह कितना प्यार करती है मधुर से, मगर यह तो छिपा रुस्तम निकला.
मधुर साहू ने बड़ी चतुराई के साथ सलमा के नाम यूनियन बैंक औफ इंडिया से 7.50 लाख रुपए लोन ले कर वहां वह पैसा अपने पास रख लिया था. उस ने वादा किया था कि सलमा के भाई को जिम में पार्टनर रखेगा. अब वह उस से भी मुंह चुरा रहा था.
अब धीरेधीरे मधुर की असलियत उस के सामने खुलती चली जा रही थी. पहले शादीशुदा होना फिर कई लड़कियों के साथ उस के संबंध और फोन पर बातचीत ने सलमा के सामने प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया था. लेकिन उस दिन तो वह प्रत्यक्ष रूप से देख रही थी कि उस के साथ कमरे के भीतर कोई लडक़ी है.
यह सब देख कर उस का मिजाज बिगड़ गया और उस ने अधिकारपूर्वक मधुर को बाहर बुलाया. जब मधुर साहू कमरे से बाहर आया तो सलमा ने नाराज होते हुए कहा, “यह सब क्या हो रहा है, तुम मुझे धोखा दे रहे हो.”
इतना सुन कर मधुर साहू मुसकराया और बोला, “तुम मेरे साथ शादी करने का सपना देखना भूल जाओ और हां, संबंध रखना हो तो बात दूसरी है.”
“तुम ने मेरे साथ क्या वादा किया था, वह भूल गए क्या?” सलमा ने पूछा.
“वादे तो होते ही हैं तोडऩे के लिए, मैं तो कह रहा हूं न, अब शादी ब्याह की बात भूल जाओ और सुन लो मैं किसी एक बंधन में नहीं रह सकता.”
“तुम मेरे साथ धोखा नहीं कर सकते, तुम जानते नहीं, मैं कौन हूं.” सलमा ने उसे धमकाया.
इस बीच कमरे से लडक़ी बाहर आ गई और दोनों को देखते हुए वह वहां से बाहर चली गई.
“देखो सलमा, मैं शादी करने की स्थिति में नहीं हूं. मैं शादीशुदा हूं, यह तुम जान चुकी हो. हां, साथ रहो, मेरे लायक जो भी बात हो बता देना, मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा.”
सलमा का उसी की चुनरी से घोंटा गला
दोनों आपस में बात कर रहे थे और दोनों के बीच गरमागरमी बढ़ती चली गई. इसी दरमियान गुस्से में आ कर के मधुर साहू ने सलमा को थप्पड़ जड़ दिया. इस से सलमा बिफर पड़ी.
मधुर साहू एक हृष्टपुष्ट शख्स था. वह सलमा पर भारी पड़ रहा था. इसी समय दूसरे कमरे से उस का सहयोगी कौशल श्रीवास आ गया. मधुर के धोखे को देख कर सलमा ने आंसू बहाते हुए कहा, “तुम ने तो मेरी जिंदगी बरबाद कर दी. मैं ने तुम पर विश्वास किया था, अब मैं किसी को मुंह दिखाने के काबिल भी नहीं रही.”
यह कह कर के वह जाने लगी तो मधुर साहू ने उस का रास्ता रोक लिया और बोला, “देखो, मेरे सामने नौटंकी मत करो. तुम्हारे कदम मुझे ठीक नहीं लग रहे हैं.”
मधुर की मंशा को समझ कर सलमा बोली, “तुम्हें मेरे एप्रोच के बारे में मालूम नहीं है, मैं तुम्हें बरबाद कर दूंगी, जेल भिजवा दूंगी. मेरी एक शिकायत पर पुलिस तुम्हें उठा कर ले जाएगी.”
“अच्छा तो फिर तुम पुलिस के पास कभी जा ही नहीं पाओगी.” यह कहते हुए मधुर की आंखों में एक अलग ही चमक आ गई थी. उस ने सलमा का गला दबोच लिया और मारपीट करने के बाद उस की चुनरी से उस का गला दबाता चला गया. पास खड़े कौशल श्रीवास ने चीखतीछटपटाती सलमा के पांव पकड़ लिए थे.
थोड़ी ही देर में सलमा सुलताना वहां मृत पड़ी थी. यह दृश्य मधुर साहू के यहां नौकरानी का काम करने वाली सविता ने देख लिया था. उसे रुपए का लालच और पुलिस का डर दिखा कर के दोनों ने चुप रहने के लिए मना लिया. फिर देर रात मधुर और कौशल अपने एक सहयोगी अतुल शर्मा के साथ कार सीजी12ए वी1615 में सलमा के शव को रूमगढ़ा ले गए और उन्होंने शव को ‘जिमी की बौडी’ कह कर संबोधित करने का कोडवर्ड बना लिया. जिमी मधुर का पालतू डौगी था.
यह सब मधुर साहू ने इसलिए किया ताकि आगे कभी बातचीत मोबाइल पर हो तो कोई इस कोडवर्ड को समझ न सके. वहां खेत में सलमा के शव को ठिकाने लगाने की नाकामी के बाद कोरबा दर्री मुख्य सडक़ पर कोहडिय़ा, भवानी मंदिर के पास सडक़ किनारे गड्ढे में डाल कर ऊपर से मिट्टी डाल कर दफन कर दिया.
इस बीच सलमा के घर वालों ने उस की कोई खोजखबर नहीं ली. सलमा की बिंदास जीवनशैली को देख कर वे मानते रहे कि वह अपने पत्रकारिता के कार्य में व्यस्त है. मगर 20 जनवरी, 2019 को सलमा सुलताना के पिता एम.डी. मानिक का इंतकाल हो गया. पिता के अंतिम संस्कार में सलमा का मौजूद नहीं होना रिश्तेदारों को हैरानपरेशान कर रहा था. और यह चर्चा का सबब बन गया कि आखिर सलमा कहां चली गई है.
इस के बाद घर वालों ने सलाहमशविरा कर के कुसमुंडा थाने में सलमा सुलताना की गुमशुदगी दर्ज कराई. पुलिस ने कुछ लोगों के बयान दर्ज किए और कोई जानकारी नहीं मिलने पर फाइल बंद कर दी.
आईपीएस रौबिंसन गुडिय़ा ने खोली फाइल
घटना को 4 साल से ज्यादा बीत गए. इस दौरान कोरबा में आईपीएस व एसपी (सिटी) राबिन्सन गुडिय़ा आए. उन की नजर सलमा की गुमशुदगी की फाइल पर पड़ी. जब उन्होंने सलमा के फोटोग्राफ पढ़े और लोगों के बयान देखे तो महसूस हुआ कि सलमा के साथ कुछ अनहोनी हो गई है. इस के बाद उन्होंने इस की खोजखबर लेनी शुरू कर दी.
एक दिन खुद आईपीएस रौबिंसन गुडिय़ा कुसमुंडा स्थित सलमा सुलताना के घर जा पंहुचे और घर वालों से बातचीत की. यहां उस के भाई और अन्य लोगों ने जो जानकारी दी, उस के आधार पर उन्होंने जांच को गति दी. रौबिंसन गुडिय़ा को पता चला कि 21 अक्तूबर को सुबह सलमा घर से निकली थी. वह स्कूटी ले कर गई थी, मगर घर में बताया नहीं था.
इसलिए 22 तारीख को जब स्कूटी के चोरी की शंका से रिपोर्ट लिखाने की बात की जाने लगी तो यह खबर जिम संचालक मधुर साहू को हो गई, उस दिन रिपोर्ट लिखवा दी गई कि स्कूटी चोरी चली गई है. मगर दूसरे दिन सविता और कोमल ने आ कर के स्कूटी को वापस रख दिया था. उन्होंने बताया कि सलमा पुणे महाराष्ट्र चली गई है और अब वह वहीं काम करेगी.
सलमा सुलताना जब मधुर साहू के अमरैया पारा, कोरबा स्थित जिम पहुंची तो वह किसी दूसरे कमरे में कुछ कर रहा था. उस के एक कर्मचारी ने आ कर जब उसे बताया कि एक पत्रकार सिटी न्यूज चैनल से आप का इंटरव्यू लेने आई है तो मधुर साहू ने कुछ सोचते हुए कहा, “उसे मेरे चैंबर में बैठाओ, मैं अभी आता हूं.”
थोड़ी देर में जब वह केबिन में पहुंचा तो एक तीखे नाकनक्श की आकर्षक युवती को अपने चैंबर में देखा तो देखता ही रह गया. उस के मुंह से शब्द ही नहीं फूट रहे थे. मधुर उस की सुंदरता पर उसी समय मर मिटा था. मधुर को सामने खड़ा देख सलमा सुलताना ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा और प्रोफेशनल तरीके से मुसकराते हुए कहा, “मैं सिटी न्यूज चैनल से आई हूं. आप से मिलने…”
यह सुनते ही मधुर ने मुसकराते हुए कहा, “आप का बहुत बहुत स्वागत है, बताइए आप की क्या सेवा कर सकता हूं.”
सलमा ने एक रहस्यमय मुसकराहट बिखेरते हुए कहा, “दरअसल, हमारे केबल चैनल में एक नया विशेष शो शुरू किया जा रहा है, मैं उसी सिलसिले में आप का इंटरव्यू लेने के लिए आई हूं.”
यह सुन कर मधुर बहुत खुश हुआ. इस से पहले कभी भी उस का कोई इंटरव्यू किसी चैनल पर नहीं आया था. उस ने अपनी कुरसी पर बैठ कर सलमा सुलताना की ओर देखते हुए कहा, “आप का शुभ नाम जान सकता हूं, प्लीज?”
सलमा सुलताना बोली, “जी, मैं सलमा सुलताना हूं. हमारे चैनल हैड के पास आप के जिम की खूब तारीफ पहुंच रही है, इसीलिए मैं आप के यहां इंटरव्यू के लिए आई हूं.”
“मेरा इंटरव्यू. मैं कोई विशेष तो नहीं हूं और आज से पहले कभी कोई पत्रकार मुझ से मिलने भी नहीं आया है. खैर, आप आई हैं तो आप का स्वागत है.”
सलमा सुलताना बला की खूबसूरत थी. उस की सुंदरता का जलवा कुछ ऐसा था कि मधुर साहू मुश्किल से कुछ कह पा रहा था.
“कुछ नहीं, आप को बस अपने काम के बारे में अच्छे से बताना है ताकि हमारे दर्शक आप के जिम की गतिविधियों को देख कर के अपने स्वास्थ्य के प्रति और जागरूक हो जाएं.” सलमा सुलताना ने सहज रूप से समझाया.
“अच्छी बात है. आप सवाल पूछिए मैं जवाब देने का प्रयास करूंगा.” मधुर साहू ने सलमा की आंखों में देखते हुए बमुश्किल कहा.
इस के बाद सलमा ने कैमरे पर मधुर साहू का एक अच्छा सा इंटरव्यू ले लिया. मधुर साहू ने भरसक प्रयास किया कि सलमा को अच्छे से जवाब दे दे और उसे प्रभावित कर दे, क्योंकि उसे देखने के बाद उसे कुछ ऐसा महसूस हुआ मानो सलमा सुलताना के सामने और जितनी भी उस की गर्लफ्रैंड हैं, सभी फेल हैं.
सलमा जैसी बला की खूबसूरत कमसिन लडक़ी उस ने आज तक नहीं देखी थी. उसे ऐसा लगा कि ऊपर वाले ने मानो सलमा को सिर्फ उसी के लिए ही बनाया और आज खुद उस के पास इंटरव्यू के लिए भेज दिया है.
इंटरव्यू के बाद सलमा उस से विदा लेने लगी तो मधुर साहू ने कहा, “मैडम, आप सौभाग्य से पहली दफा मेरे यहां आई हैं. आप कुछ चायनाश्ता कर के ही जाएं.”
लाख मना करने के बाद भी मधुर ने नाश्ता और उस के लिए कोल्डड्रिंक मंगवा ली. इस दौरान उन के बीच इधरउधर की बातें होती रहीं.
जब मधुर साहू का साक्षात्कार स्थानीय चैनल पर प्रसारित हुआ तो उसे देख कर उस की खुशी का ठिकाना नहीं था. सब से बड़ी बात यह हुई कि कई दिनों तक लोग उस के साक्षात्कार का जिक्र करते रहे, लोग उस की और उस के गंगा श्री जिम की बड़ी प्रशंसा करते रहे थे. चैनल पर उस के इंटरव्यू के प्रसारण के बाद शहर में उस की वैल्यू और काम अचानक बढ़ गया.
यह देख कर उस ने पत्रकार सलमा सुलताना को एक दिन काल किया और कहा, “मैडम, आप ने तो कमाल कर दिया, मुझे कहां से कहां पहुंचा दिया.”
यह सुन कर के सलमा उस की भावना को तुरंत भांप गई. मगर अनजान बनते हुए बोली, “अरे भला क्या हो गया! कुछ गलती हो गई क्या मुझ से.”
“कैसी बात कर रही हैं, आप मेरा मजाक बना रही हैं क्या. अरे भाई, मैं तो आप का शुक्रगुजार हूं, जो आप ने एक ही इंटरव्यू ले कर के मुझे कहां से कहां पहुंचा दिया, लोकप्रिय बना दिया है मुझे.”
सलमा सुलताना यही तो सुनना चाहती थी. वह खिलखिला कर हंसती हुई बोली, “मेरा चैनल ऐसा ही है जिस की रिपोर्टिंग कर दे, वह हीरो बन जाता है.”
“मगर मेरा खयाल कुछ और है. सच तो यह है कि आप जिस का भी इंटरव्यू लेंगी, वह दुनिया भर में छा जाएगा.” मधुर साहू ने सलमा की प्रशंसा करते हुए आगे कहा, “सलमा, आप का शुक्रिया. मगर मैं आप से कुछ आग्रह करना चाहता हूं, अगर आप बुरा न मानें तो…” कुछ रहस्यमय भाव से मधुर साहू ने अब अपना जाल फेंका.
“कहिए, मैं आप की और क्या खिदमत कर सकती हूं.”
“आप बुरा न मानें तो मुझे शाम को समय दे दीजिए, मैं कुछ…” सुलताना भी मधुर के बात व्यवहार से प्रभावित हो चुकी थी. वह सहसा शाम को कौफी हाउस में मिलने के लिए तैयार हो गई.
मधुर साहू के प्यार में डूब चुकी थी सलमा
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी कोरबा अपने विशाल कल कारखानों, कोयला खदानों, भारत अल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड वेदांता और नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन देश की नवरत्न कंपनी जिस के विद्युत उत्पादन से महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान जगमगाते हैं, के कारण एशिया भर में प्रसिद्ध है. कोरबा को लघु भारत भी कहा जाता है, जहां केरल, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे अनेक राज्यों से लोग आ कर के अपनीअपनी भूमिका निभाते हुए विभिन्न कंपनियों में कार्यरत हैं और जीवनयापन कर रहे हैं.
यहां कुसमुंडा कोयला खदान में असम से आ कर 4 दशक से ड्राइवर के रूप में नौकरी करते हुए एम. डी. मानिक सेवानिवृत्त हो चुके थे. उन की 2 बेटियों के अलावा एक बेटा सुलेमान है. बड़ी बेटी शबनम का विवाह ओडिशा में हो गया था. उन की छोटी बेटी सलमा सुलताना बचपन से ही पढ़ाईलिखाई में आगे रहती थी. पढ़ाई के बाद मन में कुछ बनने की उमंग के साथ सलमा एक स्थानीय न्यूज चैनल में एंकर बन गई और धीरेधीरे अपनी पहचान बना रही थी.
इसी दरमियान उस की पहचान मधुर साहू जिम संचालक से हुई और दोनों देखते ही देखते दोनों एकदूसरे के आकर्षण में बंधते चले गए. सलमा एक भोलीभाली सरल स्वभाव की युवती थी. मधुर साहू के दिखावे और चिकनीचुपड़ी बातों से वह प्रभावित होती चली गई. धीरेधीरे वह घर वालों से काम की व्यस्तता बता कर के मधुर साहू के साथ लिवइन रिलेशन में कोरबा के शिवजी नगर में रहने लगी.
घर वाले जब पूछते तो वह कहती मैं सहेली की यहां रह रही हूं. सलमा सुलताना मधुर साहू को दिलोजान से चाहती थी. इतना ही नहीं, दोनों ने शादी करने का फैसला तक कर लिया था, लेकिन सलमा जब उस से जल्द शादी करने को कहती तो मधुर बहाना बना कर टाल जाता था और आगे चल कर सलमा सुलताना के जीवन में कुछ ऐसा घटनाक्रम घटित हो गया, जिस की कल्पना नहीं की जा सकती.