Crime Stories: मांबाप की उपेक्षा का शिकार बलदेव सिंह लोगों की सेवा कर के पैसा कमाना चाहता था, लेकिन सेवा से पैसा नहीं मिला तो उस ने 2 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. इस के बाद तो उस ने हत्याओं का ऐसा सिलसिला चलाया कि...
कुछ दिनों पहले देश के प्रमुख अखबारों में एक समाचार प्रमुखता से छपा था कि देश में एक ऐसा सीरियल किलर गिरोह सक्रिय है, जो अब तक सौ से भी ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार चुका है. आगे भी न जाने कितने लोगों की हत्याएं कर सकता है. गिरोह में कितने सदस्य हैं, इस की किसी को खबर नहीं थी. वे हत्याएं क्यों कर रहे थे, इस का भी कुछ पता नहीं चल रहा था. कहीं लगता था कि हत्या लूटपाट के लिए की गई है तो कहीं कुछ और ही नजर आ रहा था. कत्ल करने का तरीका जरूर पता चल गया था. पहले वे मारने वाले को विश्वास में लेते थे, उस के बाद उसे एकांत में ले जा कर उस का टेंटुआ दबा कर मौत के घाट उतार देते थे.

मजे की बात यह थी कि हत्यारों ने कहीं कोई सुराग नहीं छोड़ा था. उन्हें हत्या करते भी किसी ने नहीं देखा था. कहीं कैमरे में भी उन का यह कारनामा नहीं कैद हुआ था. मुंबई में इस गिरोह के एक सदस्य के पकड़े जाने की जानकारी जरूर मिली थी, लेकिन उस से भी विस्तार से कुछ पता नहीं चला था. शायद मुंबई पुलिस गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद ही इस अमानवीय कांड के रहस्य से परदा हटाना चाहती थी. मुंबई पुलिस अपने हिसाब से मामले की जांच कर रही थी कि पंजाब की एक घटना ने अचानक इस पूरे रहस्य से परदा हटा दिया.






