Maharashtra Crime Story. लाश दफना दी गई थी. उस की हत्या को छिपाए रखने के लिए उस के ऊपर ही ढाबा बना लिया गया था. किंतु जुर्म तो जुर्म ही होता है, वह एक न एक दिन उजागर हो कर ही रहता है. ऐसा ही 4 साल से लापता विनोद नवले की कहानी में हुआ. आरोपी सचिन द्वारा पत्नी को दी गई धमकी के बाद 4 साल पहले की गई विनोद की हत्या का यह केस उजागर हो ही गया. केस के खुलते ही फिल्म 'दृश्यम’ की याद ताजा हो गई.
ट्रक ड्राइवर विनोद अश्रुब नवले (उम्र 38) अपने परिवार के साथ महाराष्ट्र के मेहकर तालुका के सुकली गांव में रहता था. परिवार में पत्नी, 2 बेटियां, एक बेटा और पेरेंट्स के साथ रह कर खुशहाल जीवन गुजार रहा था. वह संयुक्त परिवार में रहता था. उस के 2 विवाहित भाइयों का भी परिवार था.
उस ने परिवार के लोगों के कहने पर ट्रक की ड्राइवरी छोड़ कर छोटी गाड़ी कार की ड्राइविंग का काम करने लगा था. उसी की तरह ही सुकली गांव का सुनील बाजीराव जाधव भी ड्राइवर था. इस नाते दोनों का अकसर मिलनाजुलना होता रहता था.
सुनील जाधव (39 साल) के पास अपनी गाड़ी थी. वह मेहकर से छत्रपति संभाजीनगर (पुराना नाम औरंगाबाद जिला) तक यात्रियों को ले जाया करता था, जबकि विनोद नवले उसी सड़क पर दूसरे की गाड़ी चलाता था.
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दोनों एकदूसरे के प्रतिद्वंद्वी ड्राइवर थे. उन के बीच हमेशा सवारी को ले जाने को ले कर बहस होती रहती थी. एक रोज जैसे ही दोनों का आमनासामना हुआ, सुनील विनोद को देखते ही भड़क उठा. गुस्से में बोला, ''तुम मेरी सवारी को क्यों ले गए?’’






