Social Stories Hindi: षडयंत्रकारियों ने सोचा था कि सामूहिक दुष्कर्म जैसे मामले में पुलिस बिना जांच किए ही अभियुक्तों को पकड़ कर अंदर कर देगी. लेकिन पुलिस ने जांच की तो सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले में जो झूठी कहानी सामने आई, जान कर दंग रह गई.
सुबह का आगाज होते ही लेगों की दिनचर्या शुरू हो गई थी. रात में शांत रहने वाली सड़कों पर लोगों और वाहनों की रफ्तार बढ़ने लगी थी. इसी के साथ एक घटना ने माहौल में अचानक गरमाहट पैदा कर दी थी. घटना भी ऐसी कि पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था. जिले के एसएसपी से ले कर थानाप्रभारी तक सड़कों पर आ गए थे. दरअसल, 26 अगस्त, 2015 की सुबह उत्तर प्रदेश के संवेदनशील शहरों की सूची में शुमार मेरठ में खबर फैली कि एक हिंदू युवती के साथ मुसलिम युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है, जिसे बेहोशी की हालत में प्यारेलाल शर्मा जिला अस्पताल में भरती कराया गया है.
शहर चूंकि संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि वहां 2 समुदायों के बीच मामूली मारपीट से ले कर हत्या तक की वारदातों में सांप्रदायिक माहौल गरमा जाता है या यूं कहें कि इंसानियत और अमन के दुश्मन ऐसे मौकों का बेसब्री से इंतजार कर के तूल देने का काम किया करते हैं. इस मामले में भी अफवाहें जंगल की आग की तरह इतनी तेजी से फैलीं कि थोड़ी ही देर में अस्पताल में भीड़ लग गई. उस भीड़ में राजनैतिक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से ले कर सामाजिक संगठनों के लोग भी थे. उन में घटना को ले कर काफी गुस्सा था. वे आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त काररवाई की मांग कर रहे थे.






