Ukraine Russia Conflict. अपना हित साधने के लिए रूस समर्थक विद्रोहियों ने मलेशिया के एमएच-17 यात्री विमान को गिरा कर 298 निर्दोष लोगों को जो मौत के घाट उतारा है, वह घोर निंदनीय है. अब सभी देशों को मिल कर ऐसा कुछ करना चाहिए कि आगे से ऐसा कतई न हो.
‘मेरी प्यारी और एकलौती बेटी इल्जेमिक की हत्या के लिए मिस्टर पुतिन, अलगाववादी नेताओं या यूक्रेन सरकार को धन्यवाद. वह मात्र 17 साल की थी और डेनहाग के स्कूल में जिम्नैस्टिक की छात्रा थी. वह अपनी मां, सौतेले पिता और सौतेले भाई के साथ छुट्टियां बिताने मेलिसि जा रही थी. अगले साल वह अपनी सहेलियों, जूलिया और मरीना के साथ पढ़ाई पूरी कर लेती. वह इंजीनियर बन कर भविष्य में बहुत आगे बढ़ना चाहती थी. लेकिन अचानक ही वह इस दुनिया में नहीं रही. उसे एक ऐसे अंजान देश में मार गिराया गया, जहां मानवता के खिलाफ युद्ध चल रहा है.
जिन लोगों को मैं ने इस पत्र में संबोधित किया है, मेरी बेटी को मार कर वे अवश्य गर्व महसूस कर रहे होंगे. इसलिए उन लोगों को एक बार और धन्यवाद!’
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इस पत्र को पढ़ कर दिमाग में यही आता है कि यह भी कैसा बाप है, जो बेटी के हत्यारों को धन्यवाद दे रहा है. दरअसल वह धन्यवाद नहीं दे रहा, बल्कि कुछ देशों के, जिन सनकी राजनीतिज्ञों की वजह से उस की बेटी मारी गई है, इस तरह धन्यवाद दे कर उन पर तंज कसा है.
यह पत्र हालैंड के मोंसटर शहर के रहने वाले हांस डी फ्रास्ट ने अपनी 17 वर्षीया बेटी इल्जेमिक के मारे जाने पर लिखा है. यह खुला पत्र था, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और दूसरे विद्रोहियों नेताओं के लिए, जो युद्ध के जरिए अपना हित साधने के लिए मासूम और निर्दोष नागरिकों की जान लेने में भी नहीं हिचक रहे.






