Motivational Story: सपने तो हर कोई देखता है, लेकिन उन्हें साकार करना हर किसी के वश की बात नहीं होती, क्योंकि इस के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है. यह कहानी ऐसे कुछ लोगों की है, जिन्होंने अपनी अथक मेहनत की बदौलत अपने सपनों को साकार किया है.
10 मई, 2016 को संघ लोक सेवा आयोग ने दोपहर एक बजे के करीब जब सिविल सर्विस एग्जाम का रिजल्ट घोषित किया तो टीना डाबी और उन के घर वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन के घर में इतनी बड़ी खुशी पहली बार आई थी और वह खुशी यह थी कि टीना डाबी ने सिविल सर्विस की परीक्षा में टौप किया था.
टीना के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी. इसलिए रिजल्ट आने के कुछ देर बाद ही गोल मार्केट की बीएसएनएल कालोनी स्थित उन के फ्लैट में बधाई देने वालों का तांता लग गया. टीना की मां हिमाली डाबी और पिता जसवंत डाबी आने वाले हर आदमी का मुंह मीठा करा रहे थे. मीडिया वाले भी उन के यहां जुटने लगे. उस समय टीना किसी वीवीआईपी से कम नहीं थीं, क्योंकि हर कोई उन से बात करने को बेताब था.
देश की सब से प्रतिष्ठित सिविल सर्विस परीक्षा पास करना ज्यादातर शिक्षित युवाओं का सपना होता है. अथक परिश्रम के बावजूद अधिकांश युवाओं की यह मंशा पूरी नहीं होती. लेकिन 22 साल की टीना डाबी ऐसी खुशकिस्मत थीं, जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में न केवल यह परीक्षा पास कर ली थी, बल्कि पहला स्थान प्राप्त किया था. टीना इस का श्रेय अपनी मां हिमाली डाबी और पिता जसवंत डाबी को देती हैं. क्योंकि उन की गाइडैंस और प्रेरणा से उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है. टीना ने बताया कि उन्हें इस परीक्षा में पास होने का विश्वास तो था, पर यह उम्मीद नहीं थी कि इतनी बड़ी पोजीशन मिलेगी. वह इसे खुद के लिए सरप्राइज मान रही हैं.






