गुनाह : भूल का एहसास – भाग 1
अगले कई दिनों तक मेरी स्थिति अजीब सी रही. रेवा के साथ बिताया एकएक पल मेरे सीने में नश्तर की तरह चुभ रहा था. काश, एक बार वह मुझे मिल जाए फिर कभी उसे अपने से अलग नहीं होने दूंगा.
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