छल में छल : अपनी ही योजना में घिरा इकबाल – भाग 1
चाय का कप अकबर को देने के बाद इकबाल ने अपनी बात शुरू की, ‘‘देखो अकबर, मैं जानता हूं कि तुम एक शरीफ आदमी हो मगर अब शराफत का जमाना नहीं रहा. इकबाल उसे इस तरह की बातें क्यों बता रहा था?
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