Family Dispute: बुढ़ापे का सहारा बना कातिल
Family Dispute हरिकिशन अपना करोड़ों का मकान अपनी तलाकशुदा बेटी को देना चाहते थे, जो उन के दोनों बड़े बेटों को इसलिए मंजूर नहीं था, क्यों उसी मकान में बनी दुकानों से उन की रोजीरोटी चलती थी. इस मामले में समझबूझ कर काम लिया गया होता तो बाप और बहन की हत्या में विजय और अजीत जेल में नहीं होते.
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