Maharashtra News: 20 साल पहले मर्चेंट नेवी में कैप्टन रहे अशोक खरात ने ज्योतिष और कालनिर्णय का ऐसा मायाजाल फैलाया कि देखते ही देखते बड़ेबड़े राजनेता और अफसर उस के मुरीद हो गए. अपने आप को भगवान का अवतार बता कर हाईप्रोफाइल महिलाओं को उस ने उन का वर्तमान और भविष्य अच्छा बनाने के नाम पर तंत्रमंत्र, अनुष्ठान का झांसा दे कर यौनशोषण किया और अश्लील वीडियो बना कर उन्हें ब्लैकमैल भी किया. दूसरों का भविष्य बताने वाला खरात अब पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है. पढि़ए, इस फरेबी बाबा की क्राइम कुंडली…
महाराष्ट्र के नासिक में रहने वाली उर्मिला (परिवर्तित नाम) यूं तो विवाहित थी और उस का पति एक बड़ा कारोबारी था, मगर पति से उस की बिलकुल भी नहीं बनती थी. पति अपने कारोबार में इतना बिजी रहता था कि उसे अपनी पत्नी की जरा भी परवाह नहीं थी. इस बात को ले कर पतिपत्नी के बीच अनबन रहने लगी थी.
अपने पारिवारिक विवादों से मानसिक रूप से टूट चुकी उर्मिला की इस परेशानी को उस की पड़ोसन शोभना ने भांप लिया था. एक दिन बातचीत के दौरान शोभना ने कहा, ”उर्मिला, तुम अपनी परेशानी भोंदू बाबा को क्यों नहीं बताती.’’
”ये कौन से बाबा हैं और मेरी परेशानी वो कैसे दूर कर सकते हैं?’’ उर्मिला ने संशय से पूछा.
”अरे तुम्हें पता नहीं है, ईशानेश्वर मंदिर के इन बाबाजी के पास बड़ेबड़े नेता, अफसर और पुलिस वाले तक जाते हैं.’’ शोभना ने कहा.
”क्या कोई चमत्कारी बाबा हैं, जो सब उन के दर पर पहुंच कर अरजी लगाते हैं.’’ उर्मिला ने पूछा.
”कहते हैं बाबा त्रिकालदर्शी हैं, सब का भविष्य बता देते हैं. पुलिस वालों से जब किसी केस की गुत्थी नहीं सुलझती तो वे भी बाबा के पास पहुंच जाते हैं.’’ शोभना बोली.
जब कोई व्यक्ति अपने जीवन में आई परेशानियों से घिर जाता है, तब उस का विवेक शून्य हो जाता है और वह कर्म के बजाय भाग्य पर भरोसा करने लगता है. उर्मिला के साथ भी यही हुआ. अपनी पारिवारिक परेशानियों का समाधान पाने की आस में वह एक दिन भोंदू बाबा के पास पहुंच गई. बाबा ने नजर भर कर उर्मिला को देखा और कुछ देर आंखें बंद कर के ध्यान की मुद्रा में बैठा रहा. 2 मिनट के बाद जब उस ने अपनी आंखें खोलीं तो उर्मिला से कहा, ”तुम साधारण स्त्री नहीं, पिछले जन्म की अप्सरा हो. तुम्हारे ग्रहनक्षत्र बता रहे हैं कि तुम्हारा तलाक पहले से ही तय है.’’
तलाक शब्द सुनते ही उर्मिला के होश उड़ गए, उसे अपना भविष्य अंधकारमय लगने लगा. वह हाथ जोड़ कर बाबा से बोली, ”बाबाजी, मुझे इस परेशानी से उबार दो, मैं पति से तलाक नहीं चाहती. बस, मेरे पति मेरे वश में रहें, इस का उपाय कर दीजिए, मैं हमेशा आप के चरणों की सेवा करूंगी.’’ उर्मिला गिड़गिड़ाते हुए बोली. तलाक के डर और अप्सरा होने के झूठे भ्रम में फंसी उर्मिला को बाबा ने अपने जाल में पूरी तरह जकड़ लिया. बाबा ने उपाय बताते हुए कहा, ”तुम्हारी तकदीर में 2 बार शादी लिखी हुई है, उसे तो मैं नहीं बदल सकता. हां, तुम दिखावे के लिए मुझ से शादी कर लो तो तकदीर का लिखा भी सत्य हो जाएगा और तुम्हारे पति से तुम्हारा तलाक भी नहीं होगा.’’
”मगर बाबाजी… यह कैसे होगा?’’
”चिंता मत करो, मैं तुम्हारे साथ केवल भाग्य के लिखे को मिटाने के लिए सांकेतिक रूप से शादी करूंगा और तांत्रिक अनुष्ठान के बाद तुम्हारेेे सिर पर आई यह बला दूर चली जाएगी और तुम्हारा परिवार उजडऩे से बच जाएगा.’’ बाबा ने आश्वस्त करते हुए कहा. फिर क्या था, बाबा के जाल में उर्मिला फंसी तो इस के बाद धार्मिक अनुष्ठान, भविष्यवाणियों और तांत्रिक उपायों के नाम पर उस बाबा ने उर्मिला का लगातार यौन शोषण किया. इतना ही नहीं, शोषण के दौरान जब उर्मिला गर्भवती हो गई तो ढोंगी बाबा ने उसे अपने औफिस में बुला कर उसे जबरन गर्भपात की दवाएं दीं.
उर्मिला की पारिवारिक समस्या और बढ़ती जा रही थी और बाबा उसे आए दिन अपने पास बुला कर उस के साथ संबंध बना रहा था. जब उर्मिला को अहसास हुआ कि उस का सब कुछ लुट गया है तो उस ने बाबा से दूरियां बना लीं.
वायरल की मिली धमकी
दिसंबर, 2025 में उर्मिला के मोबाइल पर एक वाट्सऐप मैसेज आया, जिस में उर्मिला की अश्लील फोटो थी. इस से उर्मिला की मुसीबत और बढ़ गई. उस दिन वाट्सऐप मैसेज, ‘मेरे पास तुम्हारी नंगी तसवीरें हैं और यदि मैं ने उसे वायरल कर दिया तो तुम्हारी और परिवार की इज्जत की धज्जियां उड़ जाएंगी.’’
”मुझे पता है आजकल एआई के जरिए फरजी तरीके से फोटो बना कर लोग ठगी कर रहे हैं, मैं डरने वाली नहीं हूं.’’ उर्मिला ने यह कह कर फोन काट दिया.

2022 में जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिरडी के दौरे पर गाए थे, तब उन्होंने सिन्नर में अशीक खरात को मौजूदगी में ईशानेश्वर मंदिर में पूजा की थी.
इस घटना के करीब 3-4 दिन बाद उर्मिला मंदिर गई तो वहां एक शख्स भीड़ को चीरते हुए उस के पास पहुंचा और बोला, ”हाय उर्मिला, मेरे पास तुम्हारी फोटो ही नहीं वीडियो भी है.’’
उस व्यक्ति ने अपने मोबाइल में उर्मिला को जो वीडियो दिखाया, उसे देख कर उर्मिला दंग रह गई. उसे भरोसा नहीं हो रहा था कि बाबाजी के साथ उस के निजी संबंधों का यह वीडियो आखिर कैसे रिकौर्ड हो गया. उस शख्स ने उर्मिला से 10 लाख रुपए की मांग करते हुए वीडियो वायरल करने की धमकी दी. मगर उर्मिला उस की धमकी से डरी नहीं. वह मंदिर से घर आई और उस ने सोचा कि अब वह न तो डरेगी और न किसी के दबाव में आएगी.
उस ने पुलिस स्टेशन जा कर मामले की शिकायत कर दी. पुलिस ने जब उस वाट्सऐप नंबर की तहकीकात की तो वह मोबाइल नंबर महाराष्ट्र के नासिक के एक नामी बाबा अशोक खरात के दफ्तर के सहायक नीलेश जाधव का निकला. जब नासिक पुलिस ने नीलेश के मोबाइल को जब्त कर जांच की तो उस के मोबाइल में कई अश्लील फोटो और वीडियो निकले. इन वीडियो में अलगअलग महिलाओं के साथ एक व्यक्ति के अंतरंग संबंधों के वीडियो थे, लेकिन वीडियो इस तरह बनाए गए थे कि उन में पुरुष का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था.
मामला अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के दफ्तर में काम करने वाले व्यक्ति से संबंधित था, लिहाजा पुलिस टीम अशोक खरात से मिलने भी पहुंची. वहां अशोक खरात ने पुलिस को दूसरी कहानी बताई. अशोक खरात ने पुलिस टीम से कहा, ”मेरे पास भी पुणे के राजेंद्र जासूद और मुंबई के दिनेश परब ने इस तरह का अश्लील वीडियो भेज कर 5 करोड़ रुपए की मांग की है और मैं ने इस की रिपोर्ट पुलिस स्टेशन में भी लिखाई है.’’
पुलिस औपचारिक पूछताछ कर के वहां से लौट आई और बात आईगई हो गई.
एफआईआर से मचा बवाल
13 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के एक बड़े अफसर की पत्नी ने पुलिस स्टेशन जा कर जो बात बताई, उस से पुलिस महकमे की नींद उड़ गई. अफसर की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उस ने अशोक खरात का नाम सुन रखा था. एक दिन अपना भविष्य जानने के लिए वह बाबा के पास पहुंची तो बाबा ने उस से डेट औफ बर्थ पूछी और उस के कुछ सवालों के जवाब भी दिए.

निरफ्तारी के बाद डॉगी चावा अशोक खरात से एसआईटी ने कराय 9 घंटे तक पूछताछ की.
इसी दौरान बाबा ने प्रसाद के नाम पर उसे एक गिलास में पीने के लिए पानी दिया. उस पानी को पीने के बाद वह बेहोश हो गई और जब उसे होश आया तो उस ने अपने कपड़े अस्तव्यस्त पाए. जब उस ने बाबा से कुछ अनहोनी होने की शिकायत की तो बाबा ने अपने मोबाइल में उस के साथ बनाए संबंधों के वीडियो दिखाते हुए कहा, ”तुम्हारे साथ जो हुआ है, उस का भूल कर भी किसी से जिक्र मत करना, अन्यथा यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे.’’
लेकिन अफसर की यह पत्नी शांत नहीं बैठी और उस ने अशोक खरात के काले कारनामों को उजागर करने की ठान पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस बड़े पेशोपेश में थी, क्योंकि जिस खरात बाबा के खिलाफ मामले की शिकायत की गई थी, उस बाबा के भक्तों में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री, सांसद, विधायकों के साथ आईएएस और आईपीएस अधिकारी तक शामिल थे.
मामला हाईप्रोफाइल था, जिसे ले कर पुलिस के हाथपांव फूल गए. पुलिस महकमे के आला अधिकारियों ने मामले की जानकारी सरकार के मुखिया देवेंद्र फडनवीस तक पहुंचाई और मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया. एसआईटी की कमान एक तेजतर्रार महिला पुलिस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते को सौंपी गई.
एसआईटी टीम ने 17 मार्च, 2025 की रात अशोक खरात के आलीशान बंगले के बाहर दबिश दे कर चोरचोर चिल्लाना शुरू कर दिया. कुछ ही देर में जब बंगले के कर्मचारी और आसपास के लोग बाहर निकल आए तो टीम ने बंगले के अंदर तलाशी शुरू कर दी. उस समय ढोंगी बाबा गहरी नींद में सोया हुआ था.
एसआईटी ने नासिक के ‘कनाडा कौर्नर’ स्थित अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के कार्यालय ‘ओक्स प्रौपर्टी डीलर एंड डेवलपर’ पर छापा मारा तो कई अहम सबूत हाथ लगे, जिन में 58 अश्लील वीडियो भी शामिल थे. इन वीडियो में कई हाईप्रोफाइल महिलाएं भी शामिल थीं. खरात की कई बड़े राजनेताओं के साथ तसवीरें भी मिलीं. उस के कमरे की तलाशी में टीम को उस का मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर और एक पेनड्राइव हाथ लगी, जिस में भोंदू बाबा के 58 वीडियो मिले. सब से चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी वीडियो में जो महिलाएं दिखीं, वे बड़े घरानों से ताल्लुक रखती हैं.
गिरफ्तारी के बाद भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात से विशेष पुलिस दल ने करीब 9 घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ के बाद बाहर निकलते समय पुलिस ने उसे कड़ा सबक सिखाया, जिस के चलते अशोक खरात को ठीक से चलना भी मुश्किल हो रहा था. उस का हाल ऐसा बेहाल था कि चलने के लिए 4 लोगों की मदद लेनी पड़ रही थी.
पुलिस ने खरात के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और ‘महाराष्ट्र नरबलि और अन्य अमानवीय, अनिष्टकारी व अघोरी प्रथाएं और काला जादू रोकथाम अधिनियम, 2013’ के तहत धारा 3(1) और 3(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया. इस के साथ ही धाराएं 64(1) (बलात्कार), 74, 352, और 351(1) हैं.
काले कारनामों से उठा परदा
22 मार्च, 2026 को अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के एक पूर्व कर्मचारी ने नासिक की सरकार बाड़ा पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई. सबूतों के साथ की गई शिकायत में कहा गया कि भोंदू बाबा ने उस की परिचित गर्भवती महिला का भी यौन शोषण किया है. इस पूर्व कर्मचारी ने खरात की केबिन में गुपचुप तरीके से हिडेन कैमरा लगाया और ऐसी कई सारी फुटेज इकट्ठा कीं, जिस में वह विभिन्न महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें करता दिख रहा है.
उस ने यह क्लिप पुलिस के सुपुर्द कर दी. सारी फुटेज एक पेनड्राइव में है, जिस में दिखाया गया है कि महिलाओं को कुछ नशीले पदार्थ दिए जा रहे हैं, जिस से वे बेसुध सी लग रही हैं. इस के बाद भोंदू बाबा उन के साथ अश्लील हरकतें कर रहा है. 22 मार्च को ही एक और महिला ने एफआईआर दर्ज कराई, जिस में आरोप लगाया गया कि खरात ने 2020 से 2026 के बीच धार्मिक अनुष्ठान करने के बहाने बारबार उस के साथ बलात्कार किया.
जब कोई जोड़ा आता था तो शुरू में दोनों को केबिन के अंदर ले जाया जाता था, उस के बाद पुरुष साथी को बाहर जाने के लिए कहा जाता था और महिला को किसी अनुष्ठान के बहाने अंदर ही रोक लिया जाता था. कई महिलाएं अकेली भी आती थीं. शिकायत के अनुसार, 2023 में उस की जानपहचान की एक गर्भवती महिला से हुई. महिला को डर था कि कहीं पहले की तरह मिसकैरेज न हो जाए. महिला ने भोंदू बाबा को अपनी परेशानी बताई तो उस ने सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए एक अनुष्ठान करवाने की सलाह दी.
जब महिला अनुष्ठान के लिए तैयार हुई तो कर्मचारी को बाहर जाने के लिए कहा गया. उस के बाद बाबा ने कमरे की बत्तियां बुझा दीं और उसे आंखें बंद करने को कहा. बाबा ने उसे गले लगाया और गर्भस्थ शिशु की जांच के बहाने उस के शरीर को गलत तरीके से छुआ. महिला ने इस का विरोध किया और वहां से चली गई. इस घटना की जानकारी जब महिला ने खरात के उस पूर्व कर्मचारी को दी तो उस कर्मचारी ने खरात की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखनी शुरू कर दी और उसे जो कुछ पता चला, वह केवल शारीरिक शोषण तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उस से कहीं ज्यादा गंभीर था.

सिन्नर स्थित ईशानेश्वर मंदिर का तोरण द्वार
इस के बाद उस कर्मचारी ने चुपके से दफ्तर के केबिन में एक छिपा हुआ कैमरा लगा दिया, उस की फुटेज को एक पेन ड्राइव में निकाली और वह पुलिस को सौंप दी. शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उस ने इस तरह की गतिविधियों में सहयोग करने से इनकार करना शुरू किया तो 2024 के आखिर में उसे नौकरी से निकाल दिया गया और 2 महीने का वेतन भी नहीं दिया गया.
2022 में जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे शिरडी दौरे पर गए थे, तब उन्होंने सिन्नर का खास दौरा किया था, जहां अशोक खरात की उर्फ भोंदू मौजूदगी में ईशानेश्वर मंदिर में पूजा की गई थी. उस समय शिंदे के साथ उन के बेटे सांसद श्रीकांत शिंदे भी थे. खरात से शिंदे की यह मुलाकात महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर के माध्यम से हुई थी.
जांच में यह भी सामने आया है कि केसरकर के करीबी दीपक लोंढे से एसआईटी ने खासकर सिन्नर इलाके में जमीन के लेनदेन को ले कर पूछताछ की है. लोंढे और खरात के बीच व्यावसायिक संबंध होने का शक है. पिछले कुछ दिनों में कई नेताओं के साथ अशोक खरात की तसवीरें वायरल हुई हैं. इन में जयंत पाटिल, नीलेश लंके और चंद्रकांत पाटिल जैसे नेता शामिल हैं.
बताया जाता है कि मर्चेंट नेवी में कैप्टन रहते हुए अशोक खरात ने 100 से अधिक देशों की यात्राएं कीं और करीब 15 भाषाएं सीख ली थीं. इसी का फायदा उठा कर वह लोगों को प्रभावित करता था और अपने आप को स्वयंभू भगवान कहता था. अंकों की गणना का जानकार होने का दावा करने वाले इस शख्स के पास महाराष्ट्र पुलिस के बड़े अधिकारी भी हाजिरी लगाते थे. कई आईएएस और आईपीएस अफसर और उन की बीवियां ट्रांसफर, पोस्टिंग, प्रमोशन के सिलसिले में इस बाबा के दरबार में मत्था टेकते थे.
उस का दावा था कि वह 154 देशों में जा चुका है, 22 साल मर्चेंट नेवी में काम कर चुका है और पूरी दुनिया देख चुका है. जब वह नासिक लौट कर आया तो उस ने सिन्नर की पहाडिय़ों में एक मंदिर बनवाया. मंदिर के संचालन हेतु एक ट्रस्ट बनाया और खुद को ज्योतिषी और न्यूमरोलौजिस्ट के रूप में पेश करना शुरू किया और प्रभावशाली लोगों से मिलने लगा.

आईपीएस तेजस्वी सातपुते
एसआईटी की जांच में खरात के पास से ऐसे उपकरण मिले हैं, जो किसी को भी हैरान कर सकते हैं. वह लोगों को डराने और अपना प्रभाव जमाने के लिए मंदिर परिसर में नकली सांप और बाघ की खाल रखता था. वह रिमोट से चलने वाले नकली सांपों का इस्तेमाल करता था. जब श्रद्धालु आते तो वह सांप को रिमोट से हरकत करवाता और इसे अपना दैवीय चमत्कार बताता. बाजार में 100 रुपए में मिलने वाले जंगली चिंचोके (इमली के बीज) को पौलिश कर वह उन्हें चमत्कारी रत्न बता कर 10 हजार से एक लाख रुपए तक में बेचता था. उस की संपत्तियों से अघोरी पूजा, काले जादू के साक्ष्य और कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं.
कैमरों में हवस की दास्तां
नासिक क्राइम ब्रांच की काररवाई के बाद ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा का नाम सिर्फ एक आम ज्योतिषी के लिए नहीं जाना जाता है, उस का रसूख और प्रभाव राज्य के बड़े राजनेताओं तक है. इस पर 35 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म करने का भी आरोप है. इतना ही नहीं, उस के 58 वीडियो भी सामने आए हैं. खरात नेताओं और सेलिब्रिटीज के भविष्य को बताने का भी दावा करता रहा है.
धर्म और ज्योतिष की आड़ में महिलाओं की अस्मत से खेलने वाले भोंदू बाबा अशोक खरात का काला चिट्ठा अब पूरी तरह खुल चुका है. खुद को ‘कैप्टन’ कहलवाने वाले इस शख्स के रसूख को नासिक पुलिस ने मिट्टी में मिला दिया. अशोक खरात की करतूतें केवल मौखिक आरोपों तक सीमित नहीं हैं. पुलिस की एसआईटी टीम, जिस का नेतृत्व आईपीएस तेजस्विनी सातपुते कर रही हैं, ने जब उस के ठिकानों पर छापेमारी की तो उन के होश उड़ गए. वहां से बरामद पेनड्राइव और डिजिटल उपकरणों ने खरात के कुकृत्यों की पोल खोल दी. जब्त किए गए डेटा में 58 ऐसी वीडियो क्लिप मिली हैं, जिन में कई महिलाओं के यौन शोषण की कहानी छिपी हुई है. यह ढोंगी बाबा अपने औफिस और फार्महाउस में छिपे हुए कैमरे लगा कर महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाता था और उन की रिकौर्डिंग करता था.
जांच में यह भी सामने आया है कि ज्योतिष के नाम पर खरात ने पिछले डेढ़ दशक में अकूत संपत्ति बटोरी है. पुलिस अब उस के बैंक खातों और ट्रस्ट के लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है. छापेमारी के दौरान पुलिस को एक पिस्टल और कारतूस भी मिले हैं, जो उस के रसूख और डरानेधमकाने वाले अंदाज की तस्दीक करते हैं.
उद्योगपति से की वसूली
जांच के दौरान एक मामले में यह भी सामने आया है कि अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा खुद महिलाओं के शोषण करने के साथ उन्हें मोहरा भी बनाता था. उन के वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दे कर उन्हें दूसरे पुरुषों के पास भी भेजता था.
एक बार खरात ने एक महिला को नासिक के एक बड़े उद्योगपति के पास भेजा और बाबा के कहे अनुसार महिला ने उद्योगपति से संबंध बनाए. बाद में खरात ने उस उद्योगपति को फोन कर के कहा, ”अरे भाई, तुम ने यह क्या कर दिया? जिस महिला के साथ तुम्हारे यौन संबंध बने थे, वह अब गर्भवती हो गई है और वह तुम्हारे खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पर तुली हुई है.’’
कारोबारी शहर का नामी व्यक्ति था, वह घबरा कर बोला, ”बाबाजी, किसी तरह इस मामले को सुलझाइए, रुपए दे कर उसे चुप कराइए.’’
हालांकि वह महिला गर्भवती नहीं थी. यह झूठ गढ़ कर अशोक खरात ने उस उद्योगपति से कुल मामला सेटल करने के नाम पर 20 करोड़ रुपए वसूल लिए. 20 करोड़ की यह रकम कारोबारी ने किस्तों में अदा की थी. एक दूसरे मामले में नासिक के जाधव परिवार ने खरात पर जमीन हड़पने और परिवार के एक सदस्य की मौत से जुड़े होने का आरोप भी लगाया है. विलास जाधव के मुताबिक उन के भाई कैलाश जाधव ने पथार्डी इलाके में जमीन खरीदने के लिए करीब 45 लाख रुपए दिए थे और जमीन के मालिकाना हक को ले कर हुए विवादों के कारण सौदे को पूरा करने में देरी हुई, जिस का खरात ने फायदा उठाया.
खरात ने अपने रसूख और दबाव का इस्तेमाल कर के जमीन के असली मालिकों से अपने नाम करवा ली. जब जाधव परिवार ने इस पर आपत्ति जताई तो उन्हें धमकियां दी गईं और कई बार पुलिस स्टेशन बुलाया गया. बाद में यह विवाद कोर्ट गया तो दिसंबर 2022 को फैसला आना था. सुनवाई से 2 दिन पहले उस के भाई की मौत हो गई, जिसे एक हादसा बताया गया. कहा जाता है कि इस हादसे की साजिश उन के भाई को रास्ते से हटाने और जमीन पर कब्जा करने के लिए रची गई थी.
नासिक के ज्योतिषाचार्य अशोक खरात, जिसे लोग ‘कैप्टन’ के नाम से जानते थे, के चेहरे से ‘दैवीय शक्तियों’ का नकाब उतर चुका है.
करोड़ों की संपत्ति
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा की कुल संपत्ति 200 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है. पुलिस को शक है कि यह संपत्ति केवल उस की पेशेवर कमाई से नहीं, बल्कि राजनीतिक संपर्कों और अन्य माध्यमों से खड़ी की गई है. जांच में सामने आया है कि खरात की संपत्तियां नासिक जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में फैली हुई हैं. इन में सब से बड़ी संपत्ति नासिक के पाथर्डी इलाके में करीब 30 एकड़ जमीन है, जिस की बाजार कीमत लगभग 150 करोड़ रुपए बताई जा रही है. इस के अलावा, उस के गृह तालुका सिन्नर में 45 एकड़ जमीन है, जिस की कीमत करीब 2 करोड़ रुपए है.
पाथर्डी में ही उस की पत्नी और 2 बेटियों के नाम पर करीब 30 करोड़ रुपए की संपत्ति दर्ज है. वहीं, ईशानेश्वर मंदिर के पीछे 30-35 एकड़ में फैला एक भव्य फार्महाउस ‘ब्रह्मा सदन’ भी है, जिस की कीमत करीब 10 करोड़ रुपए आंकी जा रही है. इस के अलावा, ओझर एयरपोर्ट के पास 5 करोड़ रुपए की जमीन, नासिक शहर में 5 करोड़ का एक बंगला और कनाडा कौर्नर इलाके में करीब एक करोड़ का औफिस भी उस के नाम पर है. शिरडी में भी उस की बड़ी जमीन होने की बात सामने आई है, जिस का पूरा ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है.
सरकारवाड़ा पुलिस की गिरफ्त में आए अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा को 24 मार्च, 2026 को पुलिस कस्टडी खत्म होने पर नासिक कोर्ट में पेश किया गया. सरकारी अभियोजकों ने कोर्ट को बताया कि खरात के खिलाफ यौन शोषण के मामले दर्ज कराने अब तक 6 महिलाएं सामने आ चुकी हैं. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 29 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था.
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किस तरह के अनुष्ठान करता था और उस के पीछे का असली मकसद क्या था. कथा लिखे जाने तक पुलिस हिरासत में उस से लगातार पूछताछ की जा रही थी, जिस से अशोक खरात के काले कारनामों से परदा उठ सके. आशाराम, नारायण साईं, राम रहीम, रामपाल के बाद अशोक खरात के कारनामे बताते हैं कि धर्म की आड़ में जनता को बेवकूफ बनाने वाले ढोंगी बाबा और संत समाज का भला नहीं कर सकते. दुखद बात यह है कि जिन्हें समाज का रहनुमा माना जाता है, जिन पर देश और प्रदेश को चलाने की जिम्मेदारी है, वो इन ढोंगी बाबाओं के अंधभक्त बन कर आम लोगों को भला क्या संदेश दे रहे हैं? समाज को जागरूक होने की जरूरत है. अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा की करतूतें बताती हैं कि अंधविश्वास और चमत्कारों से किसी का भला नहीं हो सकता है.
9 लाख रुपए किलो वाले शहद का राज
महाराष्ट्र के नासिक में भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात से जुड़े मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अशोक खरात लोगों का भविष्य बताने के नाम पर लोगों को ठगता था. पुलिस की जांच में सामने आया है कि उस ने लोगों को ‘टर्किश शहद’ बांटने के लिए एक नया जाल तैयार किया था. वह दावा करता था कि यह एल्विश हनी तुर्की की समुद्री गुफाओं से निकाला जाता है और इस में शारीरिक कमजोरी दूर करने की विशेष क्षमता है. वह तुर्की शहद खासतौर पर उन लोगों को देता था जो उस के पास यौन समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए पहुंचते थे. हैरानी की बात यह थी कि इस तुर्की शहद की कीमत वह करीब 9 लाख रुपए किलोग्राम तक वसूलता था.
भोंदू बाबा के इस झांसे में कई बड़े कारोबारी और कुछ राजनीतिक रसूख वाली हस्तियां भी फंस गईं, जिन्होंने शहद खरीद कर भारी रकम अदा की. इस शहद के कारोबार के जरिए करोड़ों रुपए की अवैध कमाई किए जाने की आशंका है.
महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष भी विवादों में
नासिक के अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है. महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर को अपनी सीट छोडऩी पड़ी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वह अपने पति के साथ भोंदू बाबा के पैर धो रही हैं और एक फोटो में वह बाबा के सिर पर छतरी ताने खड़ी हैं.
रूपाली चाकणकर अशोक खरात की संस्था ‘श्री शिवनिका संस्थान मिरगांव’ की सदस्य हैं और बाबा की बेहद करीबी मानी जाती हैं. भोंदू बाबा कांड के खुलासे से पहले तक रूपाली चाकणकर महिला आयोग की चेयरपरसन के तौर पर सुर्खियों में रहती थीं. राज्यमंत्री दर्जाप्राप्त इस पद पर उन की नियुक्ति वह अजित पवार के डिप्टी सीएम रहते हुई थी. रूपाली चाकणकर एनसीपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी हैं. अशोक खरात प्रकरण में काफी फोटो वायरल होने के बाद 20 मार्च की देर शाम उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस से पहले मुलाकात की. इस के बाद उस के इस्तीफे की खबर आई.
चाकणकर ने स्वीकार किया है कि उन का परिवार अशोक खरात को एक ‘गुरु’ के रूप में मानता था और वे उन के ‘गुरु पूर्णिमा’ कार्यक्रमों में शामिल होते थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खरात के व्यक्तिगत कारनामों और आरोपों से पूरी तरह अनजान थीं. अपनी सास के जरिए रूपाली चाकणकर ने राजनीति में अपनी जगह बनानी शुरू की. 2002 में उन्होंने 5 से 6 साल तक महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के साथ बड़े पैमाने पर काम किया. रूपाली राकांपा अजित पवार गुट में हैं. उन्हें महिला स्व-सहायता समूह के लिए अच्छा काम करने के लिए पुरस्कार भी मिल चुका है. गठबंधन की राजनीति ने उन्हें महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग जैसी महत्त्वपूर्ण संस्था का अध्यक्ष बना दिया. Maharashtra News






