Delhi Judge Suicide Case: साउथ दिल्ली के सफदरजंग इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिस ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. जहां कानून की रक्षा करने वाला एक जज ही जब अपनी जिंदगी से हार मान ले तो कई सवाल खड़े होते हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक मजबूत पद पर बैठा इंसान इस कदर टूट गया कि उस ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया.

यह घटना दक्षिणी दिल्ली से सामने आई है, जहां पर जज अमन कुमार ने आत्महत्या कर ली. मृतक जज अमन के फादर के अनुसार, घटना वाली रात करीब 10 बजे अमन का फोन आया था. उन की आवाज में गहरी बेचैनी साफ झलक रही थी. उन्होंने उन से कहा कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और अब हालात उन के नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं. बेटे की यह हालत सुनकर फादर तुरंत अलवर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए.

जब फादर देर रात घर पहुंचे तो माहौल पहले से ज्यादा तनावपूर्ण नजर आया. अमन ने उन्हें बताया कि पिछले कुछ समय से उन का अपनी पत्नी के साथ लगातार विवाद चल रहा था. उन का कहना था कि वह खुद को मानसिक दबाव में महसूस कर रहे हैं. फादर ने आरोप लगाया कि बहू, जो खुद भी न्यायिक सेवा में हैं, घर में अपना वर्चस्व बनाए रखती थीं. इस के अलावा बहू की आईएएस बहन निधि का भी हर छोटेबड़े फैसले में दखल रहता था, जिस से अमन खुद को अकेले और असहाय महसूस करने लगे थे.

फादर के मुताबिक, जब उन्होंने बहू से बात कर मामला शांत कराने की कोशिश की तो उन्हें उल्टा घर से निकालने की धमकी दी गई. यहां तक कि पुलिस बुलाने की बात भी कही गई. उन्होंने बहू के परिवार से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस मदद नहीं मिली. रातभर घर का माहौल बेहद भारी और तनाव से भरा रहा. अमन और उन की पत्नी अलगअलग कमरों में थे, लेकिन उन के बीच चल रही कहासुनी साफ सुनाई दे रही थी.

कुछ समय बाद जब अमन दिखाई नहीं दिए तो फादर को चिंता हुई. उन्होंने बेटे को फोन किया, जिस की घंटी बाथरूम के अंदर से सुनाई दी. दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य बेहद दर्दनाक था. अमन फंदे से लटके हुए मिले. उन्होंने पत्नी की चुन्नी का इस्तेमाल कर अपनी जान दे दी थी.

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. फिलहाल जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है. Delhi Judge Suicide Case

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