UP Crime: पिस्टल गर्ल के नाम से फेमस 27 वर्षीय अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा ने अपनी एक गैंग बना रखी थी. इस लेडी डौन के नाम से पुलिस वाले तक खौफ खाते थे. डीएसपी, एसएचओ और मालूम कितने पुलिसकर्मियों को वह हनीट्रैप के जाल में फांस कर उन से मोटी रकम वसूल चुकी थी. एक शरीफ और सीधेसादे परिवार में जन्मी अंशिका सिंह आखिर अपराध के दलदल में कैसे पहुंची? पढ़ें, सोशल मीडिया क्राइम की यह खास स्टोरी.

शराब से भरा कांच का गिलास हाथ में थामे अंशिका सिंह बोली, ''यार बंटी, 50 हजार रुपए और कहां से लाऊं, समझ में नहीं आ रहा है. वरना कल की पार्टी किरकिरी हो जाएगी.’’

इस से पहले अंशिका 2 पैग ले चुकी थी. शराब उस पर अपना असर दिखा चुकी थी. दिमाग और जुबान दोनों उस का साथ नहीं दे रहे थे. तभी वह लडख़ड़ाती जुबान में आगे बोली, ''तेरे पास हो तो तू दे दे, बाद में तेरे को वापस कर दूंगी, पक्का. आई प्रौमिस.’’ कह कर गिलास थामे वह बंटी की तरफ देखती रही.

''यार, तू कैसी बातें करती है. तेरे हुस्न के पिटारे में कई नगीने कैद हैं, फिर भी तू परेशान है. किसी के भी द्वार पर दस्तक दे दे, फट से तेरी झोली भर जाएगी.’’ बंटी भी हाथ में शराब से भरा कांच का गिलास पकड़े हवा में झूम रहा था.

''तू कह तो सच रहा है भाई, मेरे हुस्न के पिटारे में बहुतेरे नगीने कैद हैं, किसी एक को भी आवाज दे दूं तो वो नंगे पांव दौड़ेभागे चले आएं मेरे पास. 50 हजार की बात कौन करे, इस जवानी पर लाखलाख रुपए लुटा दें. ‘‘

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