Hospital Violence. अंबाला में कैंट अस्पताल की इमरजेंसी में एक मरीज ने तब काफी हंगामा खड़ा कर दिया, जब उस का एक महिला महिला डौक्टर रिद्धि इलाज कर रही थी. मरीज एमएलसी कटवाने के लिए अस्पताल के इमरजेंसी में आया था. उस वक्त डौक्टर अन्य मरीजों के उपचार में लगी हुई थी. मरीज को उन्होंने थोड़ा रुकने के लिए इशारा किया, किंतु मरीज जल्दबाजी में था. वह सेकेंड भर भी रुकने को राजी नहीं था. वह तुरंत गुस्से में आ गया और डाक्टर से ले कर वहां मौजूद दूसरे लोगों को भी गलियां देना शुरू कर दिया.
डौक्टर ने जब समझाने की कोशिश की, तब मरीज ने उस का हाथ पकड़ लिया. जिस से दूसरे मरीज के इलाज में गड़बड़ी हो गई. तब उस ने डपटते हुए बैठने कहा.
जबकि मरीज ने डाक्टर की एक नहीं सुनी और हंगामा करता रहा. डौक्टर ने सिक्योरिटी गार्ड को बुलावाया. गार्ड ने भी आक्रोशित मरीज को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन मरीज उस के साथ हाथापाई पर उतर आया. वह करीब 20 मिनटों तक का हंगामा करता रहा. यहां तक कि बीचबचाव करने आए सिक्योरिटी गार्ड की भी उस ने एक नहीं सुनी. वह भाग कर टायलेट की तरफ गया. वहां से फर्श साफ करने वाला कैमिकल ले आया और वहां फेंक दिया.
हालात बिगड़ती देख इस हंगामे की सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और आरोपी को हिरासत में ले कर थाने ले गई.
इस पूरे मामले में डौक्टर रिद्धि ने पुलिस को बताया कि मरीज एमएलसी कटवाने के लिए अस्पताल में आया था. अभी वह जिन दूसरे मरीजों के उपचार में लगी हुई थी, उन्हें बीच में ही छोडऩा ठीक नहीं था.
तभी अचानक मरीज ने गालीगलौज शुरू कर दी. सिक्योरिटी गार्ड जसप्रीत ने मरीज को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उस से भी वह झगड़ पड़ा. वह अस्पताल की माइनर ओटी के बाहर आक्रामक हो गया था. उस ने फर्श साफ करने वाले कैमिकल की बोतल उठा कर गार्ड की ओर दे मारी, जिस से कैमिकल गार्ड की आंखों और चेहरे पर गिरने से वह दर्द से कराहने लगा.
इस छीनाझपटी के दौरान वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति के कपड़े भी कैमिकल की वजह से खराब हो गए. यह घटना 16 अप्रैल, 2026 की हुई. मरीज मेडिकोलीगल केस दर्ज कराने अस्पताल आया था. Hospital Violence






