UP Love Crime Case. एसएचओ अरुण कुमार राय शादीशुदा होते हुए भी अपने ही थाने में तैनात सिपाही मीनाक्षी शर्मा के साथ प्यार की नाव में सवार तो हो गए, लेकिन जब यह नाव मझधार में पहुंची तो मीनाक्षी ने अपने तेवर दिखाते हुए उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. लिहाजा चाहते हुए भी वह उस के चंगुल से निकल नहीं पा रहे थे. फिर एक दिन अरुण कुमार को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. पढ़ें, पुलिस अधिकारी के प्यार की यह चौंकाने वाली कहानी.
जैसेजैसे समय बीतता जा रहा था, वैसेवैसे सिपाही मीनाक्षी शर्मा व एसएचओ अरुण कुमार राय के बीच नफरत बढ़ती जा रही थी. जालौन जनपद के थाना कोंच में जब दोनों तैनात थे, उन्हीं दिनों उन के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं. धीरेधीरे यह नजदीकियां प्यार में बदल गईं. प्यार परवान चढ़ा तो उन के बीच की दूरियां भी मिट गईं. प्यार के रंग में डूब कर दोनों ने समाज की सारी हदें भी तोड़ दीं.
50 वर्षीय अरुण कुमार राय मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला संत कबीर नगर के निवासी थे. वह शादीशुदा व एक जवान बेटे के बाप थे. जबकि 25 वर्षीया अविवाहित सिपाही मीनाक्षी शर्मा मेरठ की रहने वाली थी.
इंसपेक्टर अरुण कुमार राय मीनाक्षी से बेहद प्यार करते थे, इसलिए वह उस की हर ख्वाहिश पर गौर करते थे. मीनाक्षी जिस किसी चीज की डिमांड करती थी, अरुण कुमार राय उस की डिमांड पूरी करते थे. मीनाक्षी की डिमांड पर ही उन्होंने उसे एक महंगा आईफोन व सोने का हार दिया था, जिस की कीमत लाखों रुपए थी. इस के बाद भी वह उन्हें ब्लैकमेल करती रहती थी.
उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिले के थाना घनघटा अंतर्गत एक गांव है रजनौली. इसी गांव में ब्रजेश कुमार राय अपने परिवार के साथ रहते थे. उन के परिवार में पत्नी प्रभावती के अलावा 2 बेटे अरविंद व अरुण कुमार थे. उन के पास 20 बीघा उपजाऊ भूमि थी, अत: उन की आर्थिक स्थिति मजबूत थी.
ब्रजेश कुमार राय का बड़ा बेटा अरविंद कुमार पढ़लिख कर व्यवसाय करने लगा. उस की हार्डवेयर की दुकान थी. अरविंद से छोटा अरुण कुमार था. वह पुलिस विभाग में नौकरी करना चाहता था. इस के लिए उस ने प्रयास किया और वर्ष 1998 में उस का चयन यूपी पुलिस में सिपाही पद पर हो गया. फिर विभागीय परीक्षा पास करने के बाद वर्ष 2012 में वह सिपाही से दारोगा बन गए.
इन्ही दिनों अरुण कुमार का विवाह सामाजिक रीतिरिवाज से माया देवी के साथ धूमधाम से हो गया. माया पढ़ीलिखी, खूबसूरत, सभ्य व सुशील युवती थी. ससुराल आते ही उस ने सब का मन मोह लिया. शादी के एक साल बाद माया ने बेटे को जन्म दिया, जिस का नाम अमृतांश रखा.
माया अपने बेटे को पढ़ालिखा कर योग्य बनाना चाहती थी, लेकिन गांव में रह कर यह संभव न था. अत: उस ने पति से अनुरोध किया कि वह शहर में कोई मकान खरीद लें. पत्नी की उचित सलाह मानकर अरुण कुमार राय ने गोरखपुर शहर के विकास नगर विस्तार (आवास विकास कालोनी) में एक एलआईजी फ्लैट खरीद लिया.
फ्लैट में माया अपने बेटे अमृतांश के साथ रहने लगी और उसकी शिक्षा व पालनपोषण का खयाल रखने लगी. विभाग से छुट्टी मिलने पर अरुण कुमार पत्नी व बेटे से मिलने आतेजाते रहते थे. वह मां से मिलने गांव भी जाते थे.
वर्ष 2023 में अरुण कुमार राय प्रमोशन पा कर दारोगा से इंसपेक्टर बन गए. उन की पहली पोस्टिंग महाराजगंज थाने में हुई. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनकी पोस्टिंग जालौन में हुई. यहां उन्हें जिले का मीडिया सेल प्रभारी बनाया गया. उन की कार्यप्रणाली से आला अधिकारी प्रभावित हुए.
5 जुलाई, 2024 को अरुण कुमार राय की जालौन जिले की कोंच कोतवाली में एसएचओ के पद पर तैनाती हुई. अरुण कुमार राय सरल स्वभाव के व्यक्ति थे. सहकर्मी पुलिसकर्मियों से वह अच्छा व्यवहार करते थे. दबाव में काम करना उन्हें पसंद न था.
इसी कोंच थाने में इंसपेक्टर अरुण कुमार राय की मुलाकात सिपाही मीनाक्षी शर्मा से हुई. मीनाक्षी शर्मा मूलरूप से मेरठ जिले के थाना फलावाद के गांव अहमदपुर उर्फ दांदूपुर की रहने वाली थी. उस के पापा का नाम विपिन कुमार शर्मा था. वर्ष 2019 में वह यूपी पुलिस में सिपाही पद पर भरती हुई थी.
ट्रेनिंग के बाद उस की पहली तैनाती पीलीभीत के पूरनपुर थाने में हुई. कुछ समय बाद इसी थाने में तैनात सिपाही मोहित खोखर से उस की मुलाकात हुई. मुलाकातें बढ़ीं तो दोनों के बीच दोस्ती हो गई. यही दोस्ती बाद में प्यार में बदल गई. प्यार परवान चढ़ा तो मीनाक्षी और मोहित साथ घूमनेफिरने लगे.
बताया जाता है कि प्यार के जाल में फंसा कर मीनाक्षी ने कुछ अश्लील वीडियो भी बना लिए. अश्लील वीडियो बना कर वह सिपाही मोहित को ब्लैकमेल करने लगी. मीनाक्षी ने मोहित खोखर से 25 लाख रुपए मांगे. पैसे न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी. साथ ही मुकदमा दर्ज कराने की भी बात कही.
मीनाक्षी की ब्लैकमेलिंग की जानकारी मोहित ने अपने फेमिली वालों को दी. उस के फेमिली वालों ने मोहित को धैर्य बंधाया और रुपया न देने की बात कही. मोहित खोखर ने तब मीनाक्षी शर्मा से कहा कि वह उसे एक रुपया भी नहीं देगा, उसे जो करना हो करे. चाहे वीडियो वायरल करे या फिर रिपोर्ट दर्ज कराए. वह डरेगा नहीं.
पैसे नहीं तो रिपोर्ट
मीनाक्षी शर्मा भी शातिर थी. मोहित ने रुपया देने से इंकार किया तो उस ने उस पर गंभीर आरोप लगाते हुए 24 अप्रैल, 2022 को मुकदमा दर्ज करा दिया.
मीनाक्षी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मोहित खोखर को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया. मोहित खोखर ने 2 माह जेल में बिताए उस के बाद उसे जमानत मिल गई. यह मामला पीलीभीत कोर्ट में चल रहा है. मोहित तो तारीख पर जाता है, लेकिन मीनाक्षी नहीं जाती.
सिपाही मीनाक्षी शर्मा ब्लैकमेलिंग के जरिए चर्चा में आई तो वह पुलिस अधिकारियों की निगाह में चढ़ गई, अत: उस का ट्रांसफर जालौन कर दिया गया. 14 मार्च, 2024 को मीनाक्षी शर्मा ने कोंच थाने में आमद कराई. 3 माह बाद इसी कोंच थाने में उस का सामना इंसपेक्टर अरुण कुमार राय से हुआ.
मीनाक्षी शर्मा की कार्यप्रणाली से इंसपेक्टर अरुण कुमार राय नाराज थे. वह विभागीय कार्य में दिलचस्पी नहीं लेती थी और मोबाइल फोन पर बतियाती रहती थी. उस का साथी पुलिसकर्मियों से बरताव भी अच्छा न था. अरुण कुमार राय उसे कई बार चेतावनी दे चुके थे, लेकिन उस पर कोई फर्क न पड़ रहा था.
आजिज आ कर उन्होंने उस की कार्यशैली को ले कर एसपी डा. दुर्गेश कुमार को शिकायत भेज दी.
विभागीय जांच शुरू हुई, तो मीनाक्षी घबरा गई. बरखास्तगी के डर से उस ने इंसपेक्टर के समक्ष वादा किया कि अब वह काम में मन लगाएगी और शिकायत का कोई मौका नहीं देगी.
इस के बाद मीनाक्षी ने इंसपेक्टर अरुण कुमार राय से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं. वह उन के सरकारी आवास पर भी जाने लगी और उन के साथ घंटों समय बिताने लगी. जल्द ही मीनाक्षी शर्मा ने इंसपेक्टर अरुण कुमार राय को अपनी खूबसूरती के जाल में फंसा लिया. वह दोनों साथसाथ समय बिताने लगे.
इंसपेक्टर अरुण कुमार राय मीनाक्षी शर्मा के प्रेमजाल में फंसे तो फंसते ही चले गए. मीनाक्षी अब जो भी डिमांड करती, वह उसे पूरा करते.
मीनाक्षी कोंच कस्बा में बड़े ठाटबाट से रहती थी. वह जिस रूम में रहती थी, उस में उस ने एसी भी लगवा रखा था. रूम में अन्य संसाधन भी मौजूद थे. उस के पास आईफोन के अलावा 2 और मोबाइल फोन थे.
वह इंसपेक्टर अरुण कुमार राय से मोबाइल फोन के जरिए घंटों बात करती थी. वीडियो काल कर वह अपने लटकेझटकों से इंसपेक्टर अरुण कुमार राय को रिझाती थी. शातिर दिमाग मीनाक्षी ने अंतरंग क्षणों के कुछ वीडियो भी बना लिए थे, जिसे उस ने सुरक्षित कर लिए थे.
मीनाक्षी और इंसपेक्टर अरुण राय लगभग 7 महीने तक कोंच थाने में साथ रहे. उस के बाद फरवरी 2025 में इंसपेक्टर अरुण कुमार का तबादला उरई कोतवाली हो गया. इसी साल मीनाक्षी को भी थाने से हटा कर यूपी डायल 112 के यूनिट 1577 में भेज दिया गया.
अब मीनाक्षी कोंच कस्बा में रहती थी जबकि इंसपेक्टर अरुण कुमार राय उरई कस्बा में, लेकिन वह अरुण कुमार से मिलने और अपनी डिमांड के लिए उरई कस्बा स्थित उन के आवास पर आती रहती थी.
हालांकि अब डिमांड को ले कर अरुण कुमार राय परेशान रहने लगे थे. उन के बीच तनाव व झगड़ा भी बढ़ गया था. एक दिन तो हद ही हो गई. उस रोज मीनाक्षी ने झगड़े के दौरान चप्पलों से अरुण कुमार राय की पिटाई की और पिटाई करते हुए वीडियो भी बना लिया.
फिर कई रोज तक उन के बीच बात नहीं हुई. बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया. यद्यपि दोनों के दिलों में नफरत का बीज पनपने लगा था.
उरई कोतवाली में लगभग 8 माह तक वह बतौर कोतवाल रहे. उस के बाद 21 अगस्त 2025 को उन का तबादला जालौन के थाना कुठौंद में हो गया. यहां भी थाना परिसर स्थित उन के सरकारी आवास पर मीनाक्षी का आना जाना शुरू हो गया.
वह आती, रुपए व गहनों की डिमांड करती. इंकार करने पर इंसपेक्टर अरुण कुमार राय को आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देती.
इज्जत को बचाने के लिए वह उस की डिमांड पूरी करते. बढ़ती डिमांड से इंसपेक्टर अरुण कुमार राय लाखों रुपए के कर्जदार बन गए थे. वह अपनी पत्नी को खर्च भी नहीं भेज पा रहे थे. लगभग 5 लाख का कर्ज वह अपने साले व घरवालों से ले चुके थे.
25 लाख की डिमांड
एक रोज मीनाक्षी शर्मा ने इंसपेक्टर अरुण कुमार को बताया कि उस के पापा विपिन कुमार शर्मा ने उस का रिश्ता पक्का कर दिया है. फरवरी 2025 में उस की शादी है. शादी में लगभग 25 लाख रुपया खर्च आएगा. यह खर्च उन्हें ही करना होगा.
मीनाक्षी की बात सुन कर अरुण कुमार का मन कसैला हो गया. दरअसल, वह नहीं चाहते थे कि मीनाक्षी शादी करे. उन का अफेयर जिस तरह चल रहा था, उसी तरह चलता रहे. उन्होंने विरोध जताया तो मीनाक्षी ने कहा कि वह पापा का विरोध नहीं कर सकती.
मीनाक्षी अब आए दिन 25 लाख रुपयों की डिमांड करने लगी. वह पूरी तरह से इंसपेक्टर अरुण को ब्लैकमेल करने पर उतारू हो गई थी. इतनी बड़ी रकम का 2 महीने के अंदर इंतजाम कर पाना इंसपेक्टर अरुण कुमार के लिए मुमकिन न था, अत: उन्होंने असमर्थता जताई.
तब मीनाक्षी नाराज हुई और उस ने धमकी दी कि यदि उन्होंने रकम का इंतजाम न किया तो वह आपत्तिजनक वीडियो तथा चप्पलों से पिटाई वाला वीडियो उन की पत्नी को भेज देगी. वह कहीं मुंह दिखाने लायक नही बचेंगे.
डिमांड को ले कर अब मीनाक्षी और अरुण कुमार के बीच विवाद गहराने लगा था. वह अरुण कुमार से नफरत भी करने लगी थी. उस ने मन ही मन निश्चय कर लिया था कि यदि रुपयों वाली उस की डिमांड पूरी न हुई तो वह किसी भी अनहोनी तक जा सकती है. इस के लिए उस ने प्लानिंग भी कर ली थी.
2 दिसंबर, 2025 को सिपाही मीनाक्षी शर्मा का जन्मदिन था. इंसपेक्टर अरुण कुमार राय चाहते थे कि वह जन्मदिन उन के आवास पर उन के साथ मनाए, लेकिन नफरत के चलते वह राजी नहीं हुई और अरुण कुमार राय से लड़ाईझगड़ा कर के जन्मदिन मनाने अपने पेरेंट्स के घर दांदूपुर (मेरठ) चली गई.
पेरेंट्स के घर मीनाक्षी 3 दिन रही. इस बीच उस ने जन्मदिन का खूब जश्न मनाया और जश्न के फोटो अरुण कुमार राय के मोबाइल फोन पर भी शेयर किए.
5 दिसंबर, 2025 को मीनाक्षी शर्मा, सहयोगी सिपाही अंकित मलिक के साथ मेरठ से उरई (जालौन) रवाना हुई. रात 9 बजे वह कुठौंद कस्बा पहुंची. अंकित मलिक ने उसे कुठौंद थाने से कुछ दूरी पर छोड़ दिया. फिर वह पैदल ही फोन पर गुस्से में बतियाती हुई थाना कुठौंद परिसर पहुंची, जहां इंसपेक्टर अरुण राय का आवास था.
उस समय वह कमरे में आराम कर रहे थे. कमरे में पहुंचते ही वह अरुण कुमार से झगडऩे लगी. उन्होंने आराम से बैठ कर बात करने को कहा तो वह और उत्तेजित हो गई. गुस्से में उस ने किसी ठोस वस्तु से उन के सिर पर प्रहार कर दिया, जिस से उन के सिर पर घाव हो गया.
घायल होने के बावजूद वह असहज नहीं हुए. हां, इतना जरूर कहा कि यदि वह झगड़ा करेगी और ब्लैकमेल करेगी तो वह गोली मार कर खुद को मिटा लेंगे. यह सुन कर सिपाही मीनाक्षी का गुस्सा सातवें आसमान पहुंच गया. वह घायल शेरनी की तरह दहाड़ते हुए बोली, ”मुझे धमकी मत दो. आत्महत्या करनी है तो यह लो अपनी पिस्टल और मार लो गोली.
मीनाक्षी की बात सुन कर इंसपेक्टर अवाक रह गए. इसी बीच गोली चली जो इंसपेक्टर अरुण राय की दाहिनी कनपटी पर लगी.
गोली लगते ही वह बैड पर लुढ़क गए. इस के बाद मीनाक्षी चिल्लाते हुए थाना परिसर आई और हैड मुहर्रिर प्रेम नारायण को बताया कि तुम्हारे साहब ने गोली मार ली है. फिर वह तेज कदमों से थाना परिसर से भाग गई.
सुसाइड या मर्डर
प्रेम नारायण अन्य पुलिसकर्मियों के साथ इंसपेक्टर अरुण कुमार राय के कमरे में पहुंचा तो वह मच्छरदानी के अंदर बैड पर खून से लथपथ पड़े थे. प्रेम नारायण ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी और पुलिस जीप से इंसपेक्टर अरुण कुमार राय को उरई स्थित जिला अस्पताल पहुंचाया. वहां देखते ही डौक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
इंसपेक्टर अरुण कुमार की मौत से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही एसपी डा. दुर्गेश कुमार, एएसपी प्रवीण कुमार, सीओ शैलेंद्र कुमार बाजपेई, सीओ अर्चना सिंह तथा जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय घटनास्थल पहुंचे और बारीकी से निरीक्षण किया.
फोरैंसिक टीम ने भी निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए. इस के बाद मृतक इंसपेक्टर अरुण कुमार राय की पत्नी माया देवी व परिवार के अन्य लोगों को घटना की सूचना दी.
फेमिली वालों को सूचना देने के बाद पुलिस अधिकारी व डीएम राजेश कुमार पांडेय जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इंसपेक्टर अरुण कुमार राय का शव रखा था. सभी ने शव का निरीक्षण किया. अरुण कुमार राय की दाहिनी कनपटी में गोली लगी थी, जो बाईं कनपटी के पार हो गई थी. सिर पर भी चोट का निशान था. उन की उम्र 50 के पार थी.
6 दिसंबर की सुबह मृतक की पत्नी माया राय परिवार के लोगों के साथ उरई के जिला अस्पताल पहुंचीं और पति की लाश देख कर बिलख पड़ी. मृतक की मां प्रभावती भी बेटे का शव देख कर सुधबुध खो बैठी.
माया राय कुछ देर बाद जब संभलीं तो उन्होंने एसपी डा. दुर्गेश कुमार को बताया कि उन के पति साहसी थे. वह आत्महत्या नहीं कर सकते. सिपाही मीनाक्षी शर्मा ने ही उन के पति की हत्या की है या फिर कराई है.
माया राय की तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली.
इस के बाद पुलिस ने इंसपेक्टर अरुण कुमार राय के शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल उरई भेज दिया. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 3 डौक्टरों के पैनल ने शव का परीक्षण किया फिर शव परिजनों को सौंप दिया.
सुबह 8 बजे उन के शव को सरयू नदी के बिड़हर घाट ले जाया गया. पुलिस अधिकारियों ने अर्थी को कंधा दिया. साथ ही उन्हें सलामी दी गई. फिर 20 वर्षीय बेटे अमृतांश ने उन्हें मुखाग्नि दे कर उन का अंतिम संस्कार किया.
इधर चूंकि मीनाक्षी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी थी. अत: उस की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय हो गई थी. सर्विलांस के जरिए पुलिस को उस की लोकेशन उरई कस्बा में मिल रही थी. अत: जाल बिछा कर पुलिस ने उसे 7 दिसंबर, 2025 की सुबह गिरफ्तार कर थाना कुठौंद लाया गया.
थाने में पुलिस अधिकारियों ने मीनाक्षी से घटना के संबंध में पूछताछ शुरू की तो उस ने चुप्पी साध ली.
सख्ती बरतने पर वह बोली कि मृतक अरुण कुमार राय से उस के प्रेम संबंध थे. लेकिन उस ने उन की हत्या नहीं की. रात सवा 9 बजे जब वह उन के आवास पहुंची थी, तब वह बैड पर घायलावस्था में पड़े थे. उसे बेवजह हत्या जैसे जघन्य अपराध में दोषी बनाया जा रहा है.
शाम लगभग 4 बजे पुलिस ने उसे उरई की जिला अदालत में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया. जेल में उसे 27 बंदियों वाली महिला बैरक में रखा गया, ताकि उस पर निगरानी रखी जा सके. हालांकि उस के चेहरे पर भय जैसी कोई चीज नजर नहीं आ रही थी.
मीनाक्षी शर्मा को जेल तो भेेज दिया था, लेकिन उस ने जुर्म स्वीकार नहीं किया था. चूंकि वह इस मामले में प्राइम सस्पेक्ट थी. अत: सच्चाई का पता लगाने के लिए एसपी डा. दुर्गेश कुमार ने विशेष जांच टीम का गठन किया और तय समय सीमा में जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में पेश करने को कहा.
इस टीम में सीओ शैलेंद्र कुमार बाजपेई, सीओ अर्चना सिंह तथा नवनियुक्त कुठौंद एसएचओ अजय पाठक को शामिल किया गया.
एसआईटी जांच शुरू
इस विशेष जांच टीम ने बड़ी सावधानी से जांच शुरू की. टीम ने सब से पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन किया. रिपोर्ट के अनुसार मृतक अरुण कुमार राय के सिर में 3 सेंटीमीटर लंबा व 2 सेंटीमीटर गहरा चोट का निशान था, जो मृत्यु से पूर्व का था. उन की दाईं कनपटी में गोली लगी थी, जो पार हो गई थी. गोली लगने से ही मौत हुई थी.
टीम ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि मीनाक्षी शर्मा के पास 3 मोबाइल फोन व 4 सिमकार्ड थे. जबकि मृतक के पास 3 सिमकार्ड थे. टीम ने मीनाक्षी शर्मा के मोबाइल की कौल डिटेल्स निकलवाई तो पता चला कि मीनाक्षी व अरुण कुमार राय के बीच अकसर बातें होती थीं.
अपने पैतृक घर जाने पर 2 दिसंबर से 5 दिसंबर के बीच मीनाक्षी ने अरुण कुमार राय से 100 से अधिक बार मोबाइल फोन व वीडियो कालिंग के जरिए बात की थी.
यह भी पता चला कि मीनाक्षी दरजनों पुलिसकर्मियों के संपर्क में थी, जिन से वह बतियाती थी. उस ने साक्ष्यों को डिलीट कर दिया था.
इस के बाद जांच टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साक्ष्य जुटाए. टीम ने सर्विलांस व अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया और जांच में शामिल किया. गवाह के तौर पर टीम ने मृतक की पत्नी, भाई, चाचा, भतीजे व भतीजी के बयान दर्ज किए.
जांच के दौरान टीम को एक सुसाइड पत्र भी मिला, जिस में अरुण कुमार राय ने महाराजगंज के शिवभूषण चौबे उर्फ चंचल चौबे को दोषी ठहराया और काररवाई की मांग की. पत्र में उन्होंने लिखा कि चंचल चौबे ने मकान/प्रौपर्टी के लिए उन से पैसा लिया. अब वह न मकान दे रहा है और न पैसा लौटा रहा है.
जिन लोगों से उन्होंने पैसा लिया, अब वह पैसा मांग रहे हैं. चंचल चौबे की प्रताडऩा से मैं आत्महत्या कर रहा हूं. पत्र में हस्ताक्षर सहित 27 नवंबर, 2025 की तारीख लिखी थी.
जांच टीम का मानना था कि वह पत्र लिखने के 8 दिन बाद आत्महत्या क्यों करेंगे. फिर भी जांच की जाएगी.
चार्जशीट में हत्या
विशेष जांच टीम ने लगभग 3 माह में जांच पूरी की. इस के बाद विवेचक इंसपेक्टर अजय पाठक ने 6 मार्च, 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रैट अभिषेक खरे की अदालत में 287 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी.
आरोपी मीनाक्षी शर्मा के वकील शिनेश सिंह सेंंगर ने इस बीच अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन की क्लाइंट मीनाक्षी को मामले में झूठा फंसाया है. चार्जशीट से जुड़े कागजों की प्रतियां भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गईं.
वकील शिवेश सिंह सेंगर की दलील सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रैट अभिषेक खरे ने सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) विनोद कुमार से जवाब मांगा. इस पर विनोद कुमार ने सभी कागज मजिस्ट्रैट के समक्ष प्रस्तुत किए.
सहायक अभियोजन अधिकारी के जवाब के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रैट अभिषेक खरे ने वकील शिवेश सिंह सेंगर की दलील को खारिज कर दिया और पुलिस की चार्जशीट को स्वीकार कर लिया. अर्थात अब मीनाक्षी पर हत्या का ही मामला चलेगा.
बहरहाल, मीनाक्षी शर्मा उरई की जिला जेल में बंद है. उस के पापा विपिन कुमार शर्मा उस की जमानत हेतु उरई में डेरा डाले हुए थे, लेकिन कथा संकलन तक उस की जमानत नहीं हुई थी. UP Love Crime Case






